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US Midterm Elections 2022: एक रूसी व्यापारी का सनसनीखेज दावा- रूस सचमुच अमेरिकी चुनावों में देता है दखल

Wed, 09 Nov 2022 04:04 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 09 Nov 2022 04:04 PM IST
सार

US Midterm Elections 2022: द गार्जियन ने अपनी एक रिपोर्ट में ये बात याद दिलाई है कि 2018 में अमेरिका में प्रिगोझिन के साथ-साथ दर्जनों रूसी नागरिकों और तीन रूसी कंपनियों पर 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में दखल देने का इल्जाम लगाया गया था। अमेरिका के विशेष जांचकर्ता रॉबर्ट मूलर की जांच में ये इल्जाम सही पाए गए थे...

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US Midterm Elections 2022: Russian businessman claims- Russia interfered in US elections
US Midterm Elections 2022 - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

जिस समय अमेरिका के मिड टर्म चुनावों में रूस और चीन के दखल देने की चर्चा फिर से उठी है, तभी रूसी राष्ट्रपति के करीबी समझे जाने वाले एक व्यापारी ने स्वीकार किया है कि रूस सचमुच ऐसा कर रहा है। येवगेनी प्रिगोझिन को रूसी राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन के काफी करीब माना जाता है। प्रिगोझिन ने सोमवार को खुलेआम कहा कि उन्होंने अमेरिकी चुनाव में हस्तक्षेप किया गया है।

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इस धनी रूसी व्यापारी की कंपनी कॉनकॉर्ड ने एक बयान सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। उसमें प्रिगोझिन ने कहा है- ‘सज्जनों, हमने दखल दिया है। हम दखल दे रहे हैं और ऐसा करते रहेंगे।’ 61 वर्षीय प्रिगोझिन पर पहले भी अलग-अलग देशों के चुनाव नतीजों को प्रभावित करने की कोशिश के आरोप लगते रहे हैं। ताजा बयान में उन्होंने कहा है- ‘सावधानी और बारीकी से, सर्जिकल अंदाज में हमने इसे किया है और हम ऐसा करने में सक्षम हैँ।’

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इसके पहले अमेरिकी मीडिया संस्थान ब्लूमबर्ग ने अपनी के एक रिपोर्ट में कहा था कि रूस मिड टर्म चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश में जुटा हुआ है। इसी रिपोर्ट पर प्रिगोझिन की प्रतिक्रिया मांगी गई थी। पिछले हफ्ते अमेरिका में सोशल मीडिया का विश्लेषण करने वाली कंपनी ग्राफिका ने एक रिपोर्ट में कहा था कि संदिग्ध रूसी नागरिक धुर-दक्षिणपंथी मीडिया प्लैटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवारों की आलोचना को हवा दे रहे हैं। ऐसा जॉर्जिया, न्यूयॉर्क, ओहायो और पेनसिल्वेनिया जैसे कई अमेरिकी राज्यों में किया गया है।

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ब्रिटिश अखबार द गार्जियन ने अपनी एक रिपोर्ट में ये बात याद दिलाई है कि 2018 में अमेरिका में प्रिगोझिन के साथ-साथ दर्जनों रूसी नागरिकों और तीन रूसी कंपनियों पर 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में दखल देने का इल्जाम लगाया गया था। अमेरिका के विशेष जांचकर्ता रॉबर्ट मूलर की जांच में ये इल्जाम सही पाए गए थे। तब प्रिगोझिन पर अमेरिकी समाज में विवाद पैदा करने और अमेरिकी जनमत को बांटने का अभियोग लगाया गया था। लेकिन तब प्रिगोझिन और रूस सरकार ने ऐसे तमाम आरोपों का खंडन किया था।

प्रिगोझिन की ताजा टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रपति जो बाइडन की प्रवक्ता केरीन ज्यां-पियरे ने कहा कि इस दावे से व्हाइट हाउस को कोई हैरत नहीं हुई है। उन्होंने कहा- ‘यह बात अच्छी तरह मालूम है कि प्रिगोझिन से जुड़ी कंपनियों ने अमेरिका सहित दुनिया भर में चुनाव नतीजों को प्रभावित करने की कोशिश की है। इस बारे में पर्याप्त दस्तावेज मौजूद हैं।’

द गार्जियन ने अपनी टिप्पणी में कहा है कि प्रिगोझिन के खुलेआम ऐसा दावा करने के भू-राजनीतिक परिणाम हो सकते हैं। इसके पहले प्रिगोझिन वैगनर ग्रुप की स्थापना में अपनी भूमिका स्वीकार कर चुके हैं। इस ग्रुप पर यूक्रेन के युद्ध में खास भूमिका निभाने के आरोप हैं। समझा जाता है कि यूक्रेन में कई शहरों पर रूसी कब्जा कायम करने में इस ग्रुप ने भूमिका निभाई है। ऐसी चर्चा भी रही है कि प्रिगोझिन ने रूस के बेल्गोरोद और कुर्स्क इलाकों में निजी सैनिक ट्रेनिंग सेंटर बना रखे हैं। ये इलाके यूक्रेन से जुड़ी सीमा पर मौजूद हैं।

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