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भारत में हथियारों की बिक्री बढ़ाने की योजना बना रहा है अमेरिका: रिपोर्ट
Wed, 05 Aug 2020 03:25 PM IST
देव कश्यप
पीटीआई, वाशिंगटन
पीटीआई, वाशिंगटन
Published by: देव कश्यप
Updated Wed, 05 Aug 2020 03:25 PM IST
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप।
- फोटो : ANI
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अमेरिका, भारत में हथियारों की बिक्री बढ़ाने की योजना बना रहा है। मीडिया की एक खबर के अनुसार इन हथियारों में सशस्त्र ड्रोन भी शामिल हैं, जो 1,000 पौंड से अधिक बम और मिसाइल ले जा सकते हैं।
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भारत और चीन के सैनिकों के बीच पूर्वी लद्दाख की गलवां घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद यह कदम काफी मायने रखता है। भारतीय सेना के 20 जवान 15 जून को हुई झड़प में शहीद हो गए थे। चीनी सैनिक भी हताहत हुए थे, लेकिन उसने इसकी आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी नहीं दी है। अमेरिकी खुफिया एजेंसी की एक रिपोर्ट के अनुसार चीन के 35 सैनिक हताहत हुए थे।
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‘फॉरेन पॉलिसी’ पत्रिका ने अमेरिकी अधिकारियों और संसद के सहयोगियों के साक्षात्कारों के आधार पर एक रिपोर्ट में कहा कि ‘‘अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन भारत और चीन के बीच सीमा पर हिंसक झड़प के मद्देनजर भारत में हथियारों की बिक्री बढ़ाने की योजना बना रहा है, जिससे वाशिंगटन और बीजिंग के बीच तनाव का एक और मुद्दा खड़ा हो जाएगा।’’
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पत्रिका ने अधिकारियों के हवाले से कहा कि अमेरिका ने हाल के महीनों में भारत को नए हथियारों की बिक्री की योजना तैयार की है, ‘‘जिसमें सशस्त्र ड्रोन जैसी उच्च स्तर की हथियार प्रणाली और उच्च स्तर की प्रौद्योगिकी शामिल हैं।’’ ट्रंप ने आधिकारिक रूप से उन नियमों में संशोधन किया है, जो भारत जैसे विदेशी भागीदारों के लिए सैन्य-स्तर ड्रोन की बिक्री को प्रतिबंधित करते थे।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे अमेरिका को सशस्त्र ड्रोन की बिक्री पर विचार करने की अनुमति मिलेगी, जो पहले उनकी गति और पेलोड के कारण प्रतिबंधित था। मामले से अवगत एक सांसद ने ‘फॉरेन पॉलिसी’ से कहा कि ‘‘वे भारत को सशस्त्र (श्रेणी-1) प्रीडेटर्स मुहैया कराने वाले हैं।’’ उन्होंने बताया कि ‘एमक्यू-1 प्रीडेटर ड्रोन’ 1,000 पौंड से अधिक बम और मिसाइल ले जा सकता है।
भारत को नाटो के सदस्य देशों के बराबर दर्जा देने की तैयारी
भारत को हथियार बिक्री में उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के सदस्य देशों के बराबर दर्जा देने के लिए भी अमेरिकी संसद में एक कानूनी प्रक्रिया चल रही है। संसद में भारत समर्थक सांसदों का मानना है कि उनके प्रयास इस साल नेशनल डिफेंस ऑथराइजेशन एक्ट के साथ सफल हो जाएंगे। बता दें कि 2016 में अमेरिका ने भारत को अपना अहम रक्षा साझेदार घोषित किया था।
भारत को अमेरिका की हथियार बिक्री
ये हथियार देना चाहता है अमेरिका
भारत को अमेरिका की हथियार बिक्री
- 00 डॉलर के हथियार खरीदे थे 2008 में भारत ने अमेरिका से
- 20 अरब डॉलर के हथियार बेचे हैं अमेरिका ने भारत को इस साल
- 2.8 अरब डॉलर के एमएच-60आर सीहॉक हेलिकॉप्टर खरीदे भारत ने इस साल
- 79.6 करोड़ डॉलर के अपाचे हेलिकॉप्टर मिले भारत को अमेरिका से
- 18.9 करोड़ डॉलर के लार्ज एयरक्राफ्ट इंफ्रारेड काउंटरमेजर भी खरीदे गए यूएस से
ये हथियार देना चाहता है अमेरिका
- लॉकहीड मार्टिन कंपनी का एफ-21 लड़ाकू विमान
- बोइंग कंपनी के एफ/ए सुपर हॉर्नेट व एफ-15ईएक्स लड़ाकू विमान
- मिसाइल टेकभनोलॉजी कंट्रोल रिजीम कैटेगरी-1 मानवरहित एरियल सिस्टम सी गार्जियन