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ईरान में चीन की एंट्री पश्चिम एशिया को अस्थिर करेगा: अमेरिकी विदेशी मंत्री माइक पोम्पियो
Mon, 10 Aug 2020 04:01 AM IST
Kuldeep Singh
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: Kuldeep Singh
Updated Mon, 10 Aug 2020 04:01 AM IST
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अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
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अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा कि चीन की ईरान में एंट्री से पश्चिम एशियाई देशों में अशांति फैलेगी। ईरान अब भी आतंकियों को पनाह देने वाला दुनिया का सबसे बड़ा मुल्क है। ऐसे में चीन के जरिये वहां पैसे और हथियार पहुंचने पर पश्चिम एशियाई देशों में अशांति बनने की आशंका है। इससे सऊदी अरब और इस्राइल जैसे देशों के लिए खतरा पैदा हो सकता है। पोम्पियो ने शनिवार को एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा, चीन की कम्युनिस्ट पार्टी से दुनिया के लिए खतरा बढ़ रहा है। एक जैसी सोच रखने वाले दुनिया के देश चीन के खिलाफ एक साथ आ रहे हैं। यह देशों के लोकतंत्र और उनकी आजादी की रक्षा के लिए जरूरी है।
विदेशी मंत्री पोम्पियो बोले, इस्राइल और सऊदी जैसे देशों के लिए खतरा
ईरान और चीन के बीच पिछले महीने अगले 25 साल के लिए एक व्यापारिक करार होने की बात सामने आई थी। अमेरिकी मीडिया के मुताबिक, इसके तहत ईरान चीन को सस्ती कीमत पर कच्चा तेल देगा। वहीं, चीन ईरान की परियोजनाओं में बड़े पैमाने पर पैसे लगाएगा। इसमें दोनों देशों के बीच सैन्य अभ्यास करने, हथियार तैयार करने और खुफिया जानकारी एक दूसरे को देने जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं। ईरान ने अमेरिका के साथ हुए समझौते से जुड़ी पाबंदियों को नजरअंदाज करते हुए यह समझौता किया है। इसी वजह से अमेरिका चिंतित है।
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विदेशी मंत्री पोम्पियो बोले, इस्राइल और सऊदी जैसे देशों के लिए खतरा
ईरान और चीन के बीच पिछले महीने अगले 25 साल के लिए एक व्यापारिक करार होने की बात सामने आई थी। अमेरिकी मीडिया के मुताबिक, इसके तहत ईरान चीन को सस्ती कीमत पर कच्चा तेल देगा। वहीं, चीन ईरान की परियोजनाओं में बड़े पैमाने पर पैसे लगाएगा। इसमें दोनों देशों के बीच सैन्य अभ्यास करने, हथियार तैयार करने और खुफिया जानकारी एक दूसरे को देने जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं। ईरान ने अमेरिका के साथ हुए समझौते से जुड़ी पाबंदियों को नजरअंदाज करते हुए यह समझौता किया है। इसी वजह से अमेरिका चिंतित है।
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