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अमेरिका : अदालत ने नाबालिग को बहलाने की कोशिश में भारतीय नागरिक को 10 साल कैद की सजा सुनाई
Wed, 25 Aug 2021 01:59 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, वाशिंगटन
एजेंसी, वाशिंगटन
Published by: Kuldeep Singh
Updated Wed, 25 Aug 2021 01:59 AM IST
सार
- अमेरिका के मुख्य जिला न्यायाधीश रॉबर्ट एफ. रॉसिटर जूनियर ने ओमाहा के नेब्रास्का के 35 वर्षीय प्रदीश जहान सेल्वराज को नाबालिग को बहलाने की कोशिश में 120 महीने की कैद की सजा सुनाई है।
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jailed
विस्तार
अमेरिकी कार्यवाहक अटॉर्नी जान शार्प के अनुसार, एक भारतीय नागरिक को एक नाबालिग को बहलाने-फुसलाने की कोशिश के मामले में संघीय अदालत ने 10 साल की कैद की सजा सुनाई है। संघीय प्रणाली में पैरोल की व्यवस्था नहीं है। न्याय विभाग ने बताया कि जेल से रिहा होने के बाद पांच साल तक उस पर नजर रखी जाएगी।
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अमेरिका के मुख्य जिला न्यायाधीश रॉबर्ट एफ. रॉसिटर जूनियर ने ओमाहा के नेब्रास्का के 35 वर्षीय प्रदीश जहान सेल्वराज को 120 महीने की कैद की सजा सुनाई। सेल्वराज को एक यौन अपराधी के रूप में भी वर्णित किए जाने की आवश्यकता होगी। कारावास पूरा होने के बाद अमेरिकी आव्रजन अधिकारियों द्वारा उसे भारत निर्वासित किया जा सकता है।
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विभाग के अनुसार, 26 अक्तूबर, 2020 और चार नवंबर, 2020 के बीच, सेल्वराज ने एक विज्ञापन में सूचीबद्ध फोन नंबर पर संदेश भेज एक ऑनलाइन वेश्यावृत्ति विज्ञापन का जवाब दिया। एक गुप्त कानून प्रवर्तन अधिकारी ने सेल्वराज के संदेशों का जवाब दिया। बातचीत में वह नाबालिग लड़कियों के साथ वेश्यावृत्ति के लिए 80 डॉलर देने को तैयार हो गया था।
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व्यवसाय शुरू करने के नाम पर ठगी, भारतीय-अमेरिकी को 40 माह जेल
अमेरिका की एक अदालत ने लगभग 12.6 लाख डॉलर की एक फर्जी निवेश योजना के संबंध में गलत इरादे से रकम के स्थानांतरण और अपनी पहचान छिपाने के आरोप में एक भारतीय-अमेरिकी नागरिक को 40 महीने जेल की सजा सुनाई है।
अदालती दस्तावेजों और साक्ष्य के अनुसार, मनीष सिंह (48) ने एक दंपति से 2016 में कपड़े की डिजाइन और विक्रय का व्यवसाय करने के लिए एक समझौता किया। दंपती को इसके लिए पूंजी देनी थी और सिंह को कपड़ा उद्योग में अपनी विशेषज्ञता और संपर्क के जरिये व्यवसाय को खड़ा करना था। सिंह ने पीड़ितों की रकम निजी खर्च के लिए इस्तेमाल की।