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US Abortion Laws: अमेरिका के लिए बढ़ती जा रही है अंतरराष्ट्रीय शर्मिंदगी

Sat, 09 Jul 2022 04:03 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ब्रसेल्स
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ब्रसेल्स Published by: Harendra Chaudhary Updated Sat, 09 Jul 2022 04:03 PM IST
सार

यूरोपीय संसद के प्रस्ताव में अमेरिका में गर्भपात के अधिकार के लिए संघर्ष कर रहीं महिलाओं के प्रति एकजुटता जताई गई। साथ ही अमेरिकी कांग्रेस (संसद) से अपील की गई कि वह गर्भपात को फिर से वैध बनाने के लिए संघीय स्तर पर जरूरी कानून पारित करे...

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US continues to face international embarrassment over the US Supreme Court decision to end legalization of abortion laws
अमेरिकी गर्भपात कानून - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

गर्भपात की वैधानिक मान्यता खत्म करने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर अमेरिका को लगातार अंतरराष्ट्रीय शर्मिंदगी का सामना करना पड़ रहा है। अब यूरोपीय संसद ने भी इसके खिलाफ अपनी आवाज उठा दी है। यूरोपीय संसद ने एक प्रस्ताव पारित कर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले की निंदा की है। यूरोपियन यूनियन (ईयू) में गहरा नैतिक प्रभाव रखने वाली संसद में अमेरिका की आलोचना असमान्य बात है।

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गुरुवार रात यूरोपीय संसद ने इस बारे में निंदा प्रस्ताव को पारित कर दिया। प्रस्ताव के समर्थन में 324 सदस्यों ने वोट डाले। इसके खिलाफ 155 सदस्यों ने मतदान किया। यूरोपीय संसद के 38 सदस्यों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की निंदा के साथ ही यूरोपीय संसद ने यह मांग भी की है कि यूरोप में गर्भपात को मौलिक अधिकार बना दिया जाए। ईयू के मौलिक अधिकार घोषणापत्र में इस अधिकार को शामिल करने की मांग गुरुवार को पारित हुए प्रस्ताव में ही शामिल है।

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मौलिक अधिकारों में सामिल कराने की मांग

अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने बीते महीने 1973 के अपने उस फैसले को पलट दिया था, जिसमें गर्भपात को वैध ठहराया गया था। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का हालिया फैसला आने के बाद से दुनिया के अनेक देश उसकी निंदा कर चुके हैं। इजराइल और फ्रांस में तो गर्भपात के अधिकार को पुख्ता बनाने के कदम उठाए जा चुके हैं। अन्य कई देशों में भी ये मांग उठी है कि गर्भपात कराने को संविधान में दर्ज मौलिक अधिकारों का हिस्सा बनाया जाए, ताकि भविष्य में उसे खत्म करना संभव ना रहे। अब यूरोपीय संसद ने भी इस मांग में अपनी आवाज मिलाई है।

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यूरोपीय संसद के प्रस्ताव में अमेरिका में गर्भपात के अधिकार के लिए संघर्ष कर रहीं महिलाओं के प्रति एकजुटता जताई गई। साथ ही अमेरिकी कांग्रेस (संसद) से अपील की गई कि वह गर्भपात को फिर से वैध बनाने के लिए संघीय स्तर पर जरूरी कानून पारित करे। प्रस्ताव में कहा गया- ‘ईयू के सदस्य देश गर्भपात की सुरक्षित, वैध, और सुरक्षित सेवाएं उपलब्ध कराते हैं। वे प्रसव पूर्व और मातृ स्वास्थ्य, स्वैच्छिक परिवार नियोजन, युवा अनुकूल सेवाएं, और एचआईवी निरोधक इलाज की सुविधाएं भी बिना किसी भेदभाव के मुहैया कराते हैं।’ प्रस्ताव में कहा गया कि इन सब सेवाओं को अब कानूनी संरक्षण प्रदान करने की जरूरत है।

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आलोचना

यूरोप में महिला अधिकारों के समर्थक समूहों ने भी इस मांग का समर्थन किया है। उदारवादी थिंक टैंक रीन्यू यूरोप ग्रुप की अध्यक्ष स्टीफाने सयोर्ने ने कहा है- अमेरिका के उदाहरण ने यह साफ कर दिया है कि ईयू में गर्भपात अधिकार को सुरक्षित करने के लिए हमें हर जरूरी कदम उठाने चाहिए। स्वीडन की राजनेता हेलेन फ्रिट्जॉन ने कहा है- ‘अमेरिकी उदाहरण से हमें एक सबक मिला है- मानवाधिकारों के मामले में कभी भी यह मान कर नहीं चला जा सकता कि हमें सुरक्षित रहेंगे। इसलिए हमें उनकी रक्षा की लड़ाई अवश्य लड़ते रहनी चाहिए।’



अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के तुरंद बाद कई देशों के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्रियों ने उसकी आलोचना की थी। पर्यवेक्षकों के मुताबिक दुनिया पर अमेरिका के प्रभाव को देखते हुए वहां की घटनाओं पर ऐसी प्रतिक्रियाएं स्वाभाविक हैं। लेकिन अमेरिका में आए न्यायिक निर्णय की इस तरह यूरोपीय संसद में प्रस्ताव पारित कर निंदा की जाए, यह अनपेक्षित घटना है।

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