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US: अमेरिकी सांसद ने सिख दंगों के पीड़ितों के प्रति जताई एकजुटता, कहा- भारत को अपना दोस्त कहने में गर्व
Fri, 18 Nov 2022 07:58 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Fri, 18 Nov 2022 07:58 AM IST
सार
सांसद डोनाल्ड नॉरक्रॉस ने कहा कि दक्षिण जर्सी में सिख समुदाय के प्रति मैं अपनी एकजुटता व्यक्त करता हूं। इन सिख भाई व बहनों ने अमेरिका की सांस्कृतिक, शैक्षिक, आर्थिक और धार्मिक समृद्धि में योगदान दिया है।
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अमेरिकी संसद
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विस्तार
अमेरिका के दक्षिण जर्सी में रह रहे सिख परिवारों के प्रति अमेरिकी सांसद ने एकजुटता व्यक्त की है। अमेरिकी संसद को संबोधित करते हुए सांसद डोनाल्ड नॉरक्रॉस ने कहा कि दक्षिण जर्सी में सिख समुदाय के प्रति मैं अपनी एकजुटता व्यक्त करता हूं। उन्होंने कहा, इन सिख भाई व बहनों ने अमेरिका की सांस्कृतिक, शैक्षिक, आर्थिक और धार्मिक समृद्धि में योगदान दिया है।
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अमेरिकी सांसद ने कहा, भारतीय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद नवंबर में भारत में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी। इसमें सिख परिवारों को निशाना बनाया गया। सामूहिक हत्याएं व बलात्कार की घटनाएं हुईं। इसके बाद कई सिख परिवारों ने भारत से भागने का फैसला किया और वे अमेरिका के दक्षिण जर्सी में आकर बस गए। उन्होंने कहा, आज से परिवार दक्षिण जर्सी को अपना परिवार मानते हैं। मैं इस समुदाय के साथ खड़ा हूं।
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भारत के लोगों को दोस्त कहते हुए महसूस होता है गर्व
वहीं, अमेरिकी कांग्रेसी जॉन कार्टर ने सीनेट में भारत-अमेरिका संबंधों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा, वह भारत के साथ अमेरिका के संबंधों के संबंधों को मजबूत बनाने को लेकर उत्साहित हैं। लोकतंत्र के प्रति भारत की प्रतिबद्धता पिछले कई दशकों से अटूट रही है और आज भारत का भविष्य पहले से कहीं अधिक उज्जवल है।
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कार्टर ने आगे कहा, 15 अगस्त, 1947 को भारतीय संसद ने भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम पारित किया और भारत आधिकारिक तौर पर एक संप्रभु राष्ट्र के रूप में स्थापित किया। संसद के इस अधिनियम ने इतिहास के सबसे बड़े लोकतंत्र का निर्माण किया। उन्होंने कहा, पहली नजर में ऐसा लग सकता है कि भारत और अमेरिका में बहुत कुछ समान नहीं है। हालांकि, दोनों देश स्वायत्तता, स्वतंत्रता को पहचानते हें।