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अमेरिका: विस्फोट, गोलीबारी, लूटपाट, आगजनी... कई हिंसक घटनाओं की गवाह है कैपिटल बिल्डिंग

Thu, 07 Jan 2021 07:28 PM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: गौरव पाण्डेय Updated Thu, 07 Jan 2021 07:28 PM IST
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US Congress Capitol Hill has seen many violent incidents in its 220 years history , here is all you need to know
प्रदर्शन करते ट्रंप समर्थक - फोटो : पीटीआई

अमेरिकी संसद भवन 'कैपिटल बिल्डिंग' के 220 साल के इतिहास में बुधवार जैसी घटना पहले कभी नहीं हुई जब निर्वतमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समर्थक हजारों दंगाई यहां घुस आए और संवैधानिक दायित्वों के निर्वाह में बाधा पहुंचाने की हर संभव कोशिश की। अमेरिका के लोकतांत्रिक इतिहास में इसे 'काला दिन' बताया जा रहा है।

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बहरहाल, यह पहला मौका नहीं है जब कैपिटल बिल्डिंग हिंसा की साक्षी बनी। आपको बता दें कि साल 1814 में भी यह इसी तरह की एक हिंसा की गवाह बनी थी। तब इस इमारत में काम-काज की शुरूआत के सिर्फ 14 साल ही साल हुए थे। युद्ध में ब्रिटिश बलों ने इमारत को जला कर बर्बाद कर देने की कोशिश की थी।

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1814: ब्रिटिश आक्रमणकारियों ने लूटपाट के बाद लगाई थी आग 

बता दें कि ब्रिटिश आक्रमणकारियों ने पहले इस इमारत को लूटा और फिर इसके दक्षिणी और उत्तरी हिस्से में आग लगा दी थी। इस आग में संसद का पुस्तकालय जल गया था। लेकिन प्रकृति की मेहरबानी से अचानक यहां आंधी चलने के साथ पानी बरसना शुरू हो गया था और इमारत पूरी तरह तबाह होने से बच गई थी।

तब से अब तक काफी कुछ हो चुका है और कई घटनाओं ने हाउस चैंबर के मंच पर लिखे ‘संघ, न्याय, सहिष्णुता, आजादी, अमन’  जैसे शब्दों के मायने का मजाक बना कर रख दिया है। इस इमारत पर कई बार बम से भी हमला हुआ, कई बार गोलीबारी हुई। एक बार तो एक सांसद ने दूसरे सांसद की लगभग हत्या ही कर दी थी। 

1950: प्यूर्टो रिको के राष्ट्रवादियों ने की गोलीबारी, कई घायल 

इसके साथ ही साल 1950 में यहां प्यूर्टो रिको के चार राष्ट्रवादियों ने द्वीप का झंडा लहराया था और ‘प्यूर्टो रिको की आजादी’ के नारे लगाते हुए सदन की दर्शक दीर्घा से ताबड़तोड़ 30 गोलियां चलाईं थी। बता दें कि इस हिंसक घटना में पांच सांसद जख्मी हो गए थे। घायल सांसदों में से एक गंभीर रूप से घायल हो गया था।

इनकी गिरफ्तारी पर उनकी नेता लोलिता लेबरॉन ने कहा था, ‘‘ मैं यहां किसी की हत्या करने नहीं आई हूं, मैं यहां प्यूर्टो रिको के लिए मरने आई हूं।’’  इससे पहले 1915 में जर्मनी के एक व्यक्ति ने सीनेट के स्वागत कक्ष में डायनामाइट की तीन छड़ियां लगा दी थीं। उनमें विस्फोट भी हुआ, लेकिन तब कोई आसपास नहीं था।

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1971 और 1983: दो विस्फोट हुए, भारी नुकसान झेलना पड़ा

चरम वामपंथी संगठन 'वेदर अंडरग्राउंड' ने लाओस में अमेरिका की बमबारी के विरोध में यहां 1971 में विस्फोट किए थे। वहीं 'मई 19 कम्युनिस्ट मूवमेंट' ने 1983 में ग्रेनेडा पर अमेरिकी आक्रमण के विरोध में सीनेट में विस्फोट किया था। दोनों घटनाओं में कोई मौत नहीं हुई लेकिन बड़ा नुकसान हुआ और सुरक्षा मानक कड़े हुए।

1998: जांच चौकी पर गोलीबारी, दो अधिकारी मारे गए थे

1998 में यहां मानसिक रूप से बीमार एक व्यक्ति ने जांच चौकी पर गोलीबारी की जिसमें दो अधिकारियों की मौत हो गई थी। हमलावर को बाद में गिरफ्तार कर लिया गया था। इस घटना का निशान अब भी यहां लगी पूर्व उप राष्ट्रपति जॉन सी कालहाउन की प्रतिमा पर देखा जा सकता है। प्रतिमा पर गोली का एक निशान है।

1835:  राष्ट्रपति एंड्रयू जैक्सन को गोली मारने की कोशिश

इसके अलावा 1835 में इस इमारत के बाहर राष्ट्रपति एंड्रयू जैक्सन पर एक व्यक्ति ने गोली चलाने की कोशिश की थी लेकिन पिस्तौल नहीं चल पाई और जैक्सन उसे दबोचने में सफल रहे। एक अन्य घटना में 1856 में सांसद प्रेस्टन ब्रुक्स ने सीनेटर चार्ल्स समर पर डंडे से हमला कर दिया था। 

यह हमला इसलिए किया गया था क्योंकि सीनेटर ने अपने भाषण में दास प्रथा की आलोचना की थी। समर को इतनी बुरी तरह से पीटा गया था कि वह तीन साल तक संसद नहीं आ सके थे। सदन से ब्रुक्स को बर्खास्त नहीं किया गया लेकिन उन्होंने खुद ही इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, जल्द ही वह फिर निर्वाचित हो गए थे।

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