आतंकवाद से मुकाबले और विज्ञान को बढ़ावा देने के लिए भारत से टू प्लस टू वार्ता अहमः अमेरिका
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संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत के बीच अगले सप्ताह होने वाली मंत्रिस्तरीय टू प्लस टू वार्ता राजनयिक और सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा करने के लिए बेहद ही अहम है। इस वार्ता के दौरान विज्ञान के क्षेत्र में बढ़ावा देने और आतंकवाद से मुकाबला करने के विभिन्न समाधानों पर चर्चा होगी।
US-India 2+2 important for security talks, expanding ties in science, counter-terror: State Dept
Read @ANI Story | https://t.co/jHKVW46wcE pic.twitter.com/XARs4KI02Y— ANI Digital (@ani_digital) December 12, 2019विज्ञापन
अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता मॉर्गन ऑर्टागस की ओर से गुरुवार को यह बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि यह मंत्रिस्तरीय संवाद हमारी बढ़ती रणनीतिक साझेदारी का प्रतीक है और महत्वपूर्ण राजनयिक एवं सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा के लिए एक मंच के रूप में कार्य करता है।
बता दें कि इससे पहले अमेरिका की ओर से एक बयान आया था, जिसमें कहा गया था कि वार्ता में मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा नहीं की जाएगी, इसे भारतीय संसद से पारित नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 से जोड़कर देखा जा रहा था।
दरअसल, दक्षिण और मध्य एशिया की कार्यवाहक सहायक विदेश मंत्री एलिस जी. वेल्स ने पूर्व राष्ट्रपति ड्वाइट डेविड आइजनहावर की भारत की ऐतिहासिक यात्रा की 60वीं वर्षगांठ पर बुधवार को एक कार्यक्रम में कहा था कि अगले सप्ताह हो रही ‘टू प्लस टू’ वार्ता में मानवाधिकारों पर चर्चा नहीं की जाएगी। हालांकि मुझे भरोसा है कि कश्मीर के मुद्दे और भारत के समक्ष पेश आ रहे खतरे निश्चित तौर पर एजेंडे का हिस्सा होंगे।