International Yoga Day: ब्रिटेन और श्रीलंका में मनाया गया योग कार्यक्रम, बड़ी संख्या में शामिल हुए लोग
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस हर साल 21 जून को दुनिया भर में मनाया जाता है। पीएम मोदी का कहना है कि योग सभी को एकजुट करता है और योग सभी के लिए है।
विस्तार
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले दुनियाभर के देशों में योग कार्यक्रम हो रहे हैं। ब्रिटेन और श्रीलंका में योग को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। ब्रिटेन में भारतीय उच्चायोग ने ट्राफलगर चौक पर तो श्रीलंका के पूर्वी प्रांत के गवर्नर सेंथिल थोंडमन ने त्रिंकोमाली में एक योग कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।
पांच हजार लोग हुए शामिल
श्रीलंका के त्रिंकोमाली के गवर्नर सेंथिल थोंडमन ने 10वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह का आयोजन किया। इसमें पांच हजार से अधिक लोगों ने भाग लिया।
#WATCH | Trincomalee, Srilanka: Eastern Province Governor Senthil Thondaman organised the celebration of the 10th International Day of Yoga in which more than 5000 people participated. (15.06)
विज्ञापन
(Video source: Senthil Thondaman, Sri Lanka's Eastern Province Governor) pic.twitter.com/z8EjSUC2Xi — ANI (@ANI) June 16, 2024
बता दें, 2014 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा इसे अपनाने के बाद 2015 से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को दुनिया भर में मनाया जाता है।
700 से अधिक लोगों ने भाग लिया
भारतीय उच्चायुक्त विक्रम दोराईस्वामी ने कहा, 'लंदन के ट्राफलगर चौक पर 700 से अधिक लोगों का आना हमारे लिए बहुत खुशी की बात है। इसके चारों ओर प्रतिष्ठित प्रतिमाएं हैं। निश्चित रूप से, कई योग विद्यालय यहां आए और योग के अभ्यास में हमारा नेतृत्व किया।'
#WATCH | London, United Kingdom: On the occasion of the upcoming International Yoga Day on June 21, the High Commission of India organized a yoga event at Trafalgar Square in London. The participants continued their yoga practice even in heavy rain with enthusiasm and resilience. pic.twitter.com/SURaoIqaxP
— ANI (@ANI) June 15, 2024
इसके अलावा, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि लंदन में हुए कार्यक्रम में विभिन्न समुदायों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री ने का कहना है कि योग सभी को एकजुट करता है और योग सभी के लिए है।
योग विद्यालय भी आए
इस वर्ष क्या अलग है, इस बारे में पूछे गए सवाल के उत्तर में भारतीय राजदूत दोरईस्वामी ने बताया कि इस साल अधिक प्रतिभागी थे, अतिरिक्त योग विद्यालय शामिल हुए थे तथा समुदायों की विविधता भी अधिक थी। हालांकि, मुख्य ध्यान भागीदारी में अंतर के लक्ष्य के बजाय उपचार और व्यक्तिगत विकास में योग की भूमिका को जारी रखने पर रहता है।
दोरईस्वामी ने शनिवार को कहा, 'इस का कार्यक्रम इस मायने में अलग है कि हमारे यहां और भी अधिक लोग थे, हमारे साथ अधिक योग स्कूल जुड़े हैं और हमारे यहां समुदायों की एक बड़ी विविधता है।'
इस साल का विषय 'महिला सशक्तिकरण'
इसके अलावा, ब्रिटेन की नागरिक इंद्रपाल ओहरी चंदेल ने भी बात की और बताया कि इस साल का विषय 'महिला सशक्तिकरण' है। उन्होंने भारतीयों और एशियाई लोगों के लिए योग के महत्व पर भी जोर दिया और कहा कि यह उनकी विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जो सांस्कृतिक संबंध और महत्व को बढ़ावा देता है। बड़ी बात यह है कि आज भारतीय क्रिकेट की बधिर टीम के सदस्य भी यहां आए क्योंकि उनके मैच ग्रेट ब्रिटेन के साथ होंगे।
कार्यक्रम के दौरान ब्रिटेन में भारतीय डायस्पोरा के सह-संस्थापक हितेश गुप्ता ने कहा, 'आप देख सकते हैं कि हमारे समूह से बहुत सारे लोग यहां हैं। योग का जश्न मनाने के लिए आज लगभग 100 से अधिक लोग शामिल हुए हैं।'