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यूएनएससी: टीएस तिरुमूर्ति ने कहा- अहम दस्तावेजों पर भारत ने अपनाया परामर्शी दृष्टिकोण, तीनों कार्यक्रम बेहद सफल रहे

Wed, 25 Aug 2021 01:28 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, संयुक्त राष्ट्र
एजेंसी, संयुक्त राष्ट्र Published by: देव कश्यप Updated Wed, 25 Aug 2021 01:28 AM IST
सार

  • अगस्त माह की अध्यक्षता में भारत द्वारा आयोजित कार्यक्रमों को यूएनएससी के सभी देशों ने सराहा

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UNSC TS Tirumurti said India adopted a consultative approach on important documents all three programs were very successful
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति - फोटो : ANI

विस्तार

विश्व निकाय में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने कहा है कि भारत ने सुरक्षा परिषद की अपनी अध्यक्षता के दौरान अहम कार्यक्रमों के निष्कर्ष दस्तावेजों पर काम करने के लिए ‘परामर्शी दृष्टिकोण’ अपनाया है। ऐसा इसलिए ताकि सुनिश्चित हो सके कि यूएन की इकाई के सभी 15 सदस्यों की जरूरतों और चिंताओं पर विचार हो। तिरुमूर्ति ने कहा कि इससे संयुक्त राष्ट्र को काफी लाभ होगा।

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बता दें कि अगस्त माह के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की भारत की अध्यक्षता इस सप्ताह समाप्त हो रही है। देश ने अपनी अध्यक्षता के दौरान समुद्री सुरक्षा, शांति स्थापना और आतंकवाद निरोधी विषयों पर तीन अहम कार्यक्रम आयोजित किए। तिरुमूर्ति ने कहा, तीन अहम कार्यक्रमों से महत्वपूर्ण निष्कर्ष दस्तावेज तैयार किए गए हैं। हमने परिषद में प्रवेश के समय से ही अपनी तैयारी शुरू कर दी थी। हमने पहले संयुक्त राष्ट्र की संबंधित एजेंसियों के साथ व्यापक चर्चा भी की गई।
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उन्होंने कहा, इन दस्तावेजों पर परामर्शी दृष्टिकोण से यूएनएससी के सभी सदस्य देशों की चिंताओं पर विचार हो सकेगा और ठोस नतीजे निकलेंगे। तिरुमूर्ति ने कहा, यह हमारी ताकत है और सभी ने विचार विमर्श में हमारे समावेशी रुख की सराहना की है।
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पीएम मोदी की अध्यक्षता में सफल रहा कार्यक्रम
तिरुमूर्ति ने कहा कि वे, इस बात से प्रसन्न हैं कि तीनों कार्यक्रम बेहद सफल रहे और सभी सदस्य देशों ने इन्हें सराहा। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नौ अगस्त को हुए समुद्री सुरक्षा कार्यक्रम को सफल बताया।


तिरुमूर्ति ने कहा, ‘यह पहली बार था जब हमने समुद्री सुरक्षा की समग्र अवधारणा और इसके मायने पर व्यापक चर्चा की।’ राष्ट्रपति के बयान भी समुद्री सुरक्षा को लेकर काफी अहम रहा। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने 18 अगस्त को शांति स्थापना और प्रौद्योगिकी पर तथा 19 अगस्त को आईएस पर सम्मेलन जैसे दो अहम कार्यक्रमों की अध्यक्षता की।

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