फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   UNSC declares Pakistani terrorist masood azhar global terrorist has links with Taliban and al qaeda

आतंक के मास्टरमाइंड मसूद अजहर की कुंडली, अल-कायदा और तालिबान से है गहरा नाता

Wed, 01 May 2019 07:24 PM IST
अमर शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: अमर शर्मा Updated Wed, 01 May 2019 07:24 PM IST
विज्ञापन
UNSC declares Pakistani terrorist masood azhar global terrorist has links with Taliban and al qaeda
मसूद अजहर (फाइल फोटो)

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने यह जानकारी दी। चीन चार बार लगातार वीटो लगाने के बाद आखिरकार दुनिया के दबाव में झुका और अपनी "तकनीकी बाधा को हटाया" जिससे अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित किया जा सका। यह आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत है। 

विज्ञापन


भारत द्वारा इकट्ठा किए गए सबूत जिसे पाकिस्तान समेत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अन्य प्रमुख देशों के साथ साझा किया गया, इस बात का खुलासा करते हैं कि जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर का अल-कायदा और तालिबान समेत सुन्नी वैश्विक आतंकवादी समूहों के बीच संबंध है। 
विज्ञापन


इस बात को साबित करने के लिए अब सबूत हैं कि अजहर के बड़े भाई इब्राहिम अजहर और छोटे भाई रऊफ असगर ने साल 1999 में भारतीय जेल से बंद हरकत-उल-अंसार के तत्कालीन महासचिव अजहर की रिहाई के लिए इंडियन एयरलाइंस की उड़ान IC-814 का अपहरण किया था, जिसमें कम से कम 150 यात्री सवार थे। इस काम को अंजाम देने में अल कायदा, तालिबान और आईएसआई ने उसकी मदद की थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


अलकायदा के तत्कालीन प्रमुख ओसामा बिन लादेन और तालिबान के मुल्ला उमर के साथ मसूद अजहर के संबंधों का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उसे कंधार हवाई अड्डे से बाहर निकालने खुद मुल्ला अख्तर मंसूर पहुंचा था जो बाद में तालिबान का मुखिया बना। बाद में मुल्ला अख्तर मंसूर 21 मई 2016 को अमेरिकी ड्रोन हमले में मारा गया था।

मसूद अजहर रिहाई के वक्त जम्मू में कोट बलवाल जेल में कैद था। उसे 11 फरवरी 1994 को श्रीनगर के बाहरी इलाके में गिरफ्तार किया गया था, जब वह वली एडम इस्सा के नाम पर एक नकली पुर्तगाली पासपोर्ट पर बांग्लादेश के रास्ते भारत में घुस आया था। 

हिंदुस्तान टाइम्स में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने जो साक्ष्य साझा किए थे उनके अनुसार मसूद अजहर ने कराची के जामिया बिनोरिया में पढ़ाई की। यह मुफ्ती निजामुद्दीन शमजई के संरक्षण में 1980 के दशक में वैश्विक जिहाद की नर्सरी था।

अजहर बाद में मौलाना फजलुर रहमान खलील की अगुवाई वाले हरकत-उल-मुजाहिदीन में शामिल हो गया। उसे अफगानिस्तान में अल कायदा के आतंकी पैदा करने वाले कारखानों में प्रशिक्षण दिया गया, क्योंकि खलील, लादेन और मुल्ला उमर दोनों का बहुत करीबी था। 

कैसे बना जैश और कौन चलाता है इसे

UNSC declares Pakistani terrorist masood azhar global terrorist has links with Taliban and al qaeda
मसूद अजहर (फाइल फोटो)

जैश-ए-मोहम्मद आतंकी समूह को मसूद अजहर और मुफ्ती शमजई ने संयुक्त रूप से साल 2000 में बिनोरिया मदरसा में बनाया था। मुफ्ती शमजई की हत्या के बाद सभी जिहादी कैडर जैश-ए-मोहम्मद में भर्ती हो गए, जिसे अजर अपने परिवार के करीबी सदस्यों के जरिए चलाता था। 

रऊफ असगर के पास आतंकवादी समूह के रोजमर्रा के काम की जिम्मेदारी है। इसका दूसरा भाई तलहा सैफ, जैश की छात्र इकाई, अल मुराबितून का प्रमुख है। बालाकोट हवाई हमले में मारा गया अजहर का साला यूसुफ अजहर जैश के आतंकियों के प्रशिक्षण के लिए जिम्मेदार था। 

बड़ा भाई इब्राहिम अजहर समूह का परिचालन प्रमुख है। उसका दूसरा साला अशफाक अहमद अल रहमत ट्रस्ट का मुख्य समन्वयक है, जो इस्लामिक जिहादी समूह का तथाकथित चैरिटी ट्रस्ट है। 

इकट्ठा किए गए सबूतों के मुताबिक मसूद अजहर न सिर्फ आग उगलने वाले भाषण देने में माहिर है, बल्कि जब से उसे हरकत की सदा-ए-मुजाहिद पत्रिका का संपादक नियुक्त किया गया, तब से इस्लामिक जिहाद का प्रबल प्रवक्ता भी है। उसकी लिखी किताब 'द वर्चुस ऑफ जिहाद', युवा जिहादियों के लिए एक मानक पाठ्यपुस्तक है और इसे उपमहाद्वीप में बड़े पैमाने पर प्रसारित किया जाता है। 

1990 के दशक की शुरुआत में सोमालिया, सऊदी अरब, यूएई, जाम्बिया और ब्रिटेन में जिहाद का प्रचार करने के बाद, अजहर ने 1999 में अपनी रिहाई के बाद भारत के जम्मू और कश्मीर राज्य पर अपना ध्यान केंद्रित किया। उसने अक्टूबर 2001 के कश्मीर विधानसभा हमले और फिर दिसंबर 2001 के संसद हमले की साजिश रची। जिसके कारण भारत और पाकिस्तान के बीच लगभग युद्ध जैसे हालात बन गए। 

2001 के हमलों के बाद दबाव पड़ने पर अजहर ने दिसंबर 2003 में दो आत्मघाती बम हमलों में पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को निशाना बनाने का दुस्साहस किया था। उसने 2013 के संसद हमले के मुख्य आरोपी अफजल गुरू को फांसी की सजा के बाद भारत पर छह बड़े हमलों को अंजाम दिया और अपनी गतिविधियों को आगे बढ़ाया। अब इन सबके बाद पुलवामा का आत्मघाती हमला हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed