अमेरिका: ओमिक्रॉन से बचने की जो बाइडन की कार्ययोजना के आगे कई मुश्किलें
गुरुवार को बाइडन ने अमेरिका में स्वास्थ्य नीति को राजनीतिक रंग देने पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने इसे अमेरिकी राजनीति की स्थिति पर एक दुखद टिप्पणी बताया। उन्होंने तमाम अमेरिकावासियों से अपील की- अब हमें अपने तमाम मतभेदों को पीछे छोड़ देना चाहिए।’
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अमेरिका में जो बाइडन प्रशासन ने कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए नई कार्ययोजना पेश की है। इसके तहत देशभर में कोरोना वैक्सीन की बूस्टर डोज लगाने का अभियान चलाया जाएगा, घर-घर जाकर कोविड टेस्ट करने के कार्यक्रम का विस्तार किया जाएगा, और अंतरराष्ट्रीय यात्राओं पर अधिक सख्त प्रतिबंध लगाए जाएंगे। कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वैरिएंट के सामने आने से पैदा हुई नई चुनौती के मद्देनजर राष्ट्रपति बाइडन ने गुरुवार को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ का दौरा किया। उसी दौरान उन्होंने अपनी नई कार्ययोजना घोषित की।
संक्रमण रोकने के उपायों पर मतभेद
लेकिन जानकारों का कहना है कि अमेरिका में कोरोना महामारी के खिलाफ मुहिम राजनीतिक विवाद का विषय रही है। संक्रमण रोकने के उपायों को लेकर देश में गहरा मतभेद है। रिपब्लिकन पार्टी समर्थक समूह टीकाकरण, सोशल डिस्टेंसिंग, और मास्क पहनना अनिवार्य करने जैसे उपायों का सड़कों पर उतर कर विरोध करते रहे हैं। पर्यवेक्षकों का कहना है कि बाइडन ने जो नई कार्ययोजना पेश की है, उससे ऐसे मतभेद और गहरा सकते हैं। खुद राष्ट्रपति को भी ये आशंका है।
गुरुवार को बाइडन ने अमेरिका में स्वास्थ्य नीति को राजनीतिक रंग देने पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने इसे अमेरिकी राजनीति की स्थिति पर एक दुखद टिप्पणी बताया। उन्होंने तमाम अमेरिकावासियों से अपील की- अब हमें अपने तमाम मतभेदों को पीछे छोड़ देना चाहिए।’ लेकिन कुछ मीडिया टिप्पणियों में ध्यान दिलाया गया है कि इस मौके पर खुद बाइडन भी राजनीतिक टिप्पणी करने से नहीं बचे। उन्होंने कहा- ‘हम नए वैरिएंट का मुकाबला विज्ञान के मुताबिक और तेज गति से करेंगे, न कि अफरातफरी और भ्रामक स्थिति में।’ उनकी इस टिप्पणी को पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर कटाक्ष समझा गया है।
बाइडन प्रशासन के रिकॉर्ड से संतुष्ट नहीं लोग
जानकारों का कहना है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट के सामने आने से राष्ट्रपति बाइडन की चुनौतियां बढ़ गई हैं। इससे कोरोना महामारी फिर चर्चा में आ गई है। जबकि इससे निपटने के बाइडन प्रशासन के तरीकों पर हाल में देश में मतभेद बढ़ता गया है। अखबार वॉशिंगटन पोस्ट और टीवी चैनल एबीसी की तरफ से कराए गए एक ताजा जनमत सर्वेक्षण से सामने आया है कि देश में 49 फीसदी लोग इस मामले में बाइडन प्रशासन के रिकॉर्ड से संतुष्ट नहीं हैं। सिर्फ 47 फीसदी लोगों ने इससे संतुष्टि जताई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट से खतरा कितना बढ़ा है, इस बारे में अभी कुछ निश्चित नहीं है। लेकिन एहतियात के तौर पर अमेरिका सहित तमाम देशों ने कई कदम उठाए हैं। अमेरिका में बाहर से आने वाले यात्रियों की जांच संबंधी नियमों को सख्त कर दिया गया है। अपने स्थान से रवाना होने के पहले उनके लिए कोरोना जांच करवाना अनिवार्य कर दिया गया है।
जो बाइडन ने अब जो कार्ययोजना घोषित की है, उसके तहत उन दस करोड़ लोगों को तेज गति से कोरोना वैक्सीन की बूस्टर डोज लगाई जाएंगी, जिन्हें अब तक यह नहीं लगी है। गुरुवार तक अमेरिका में ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमित दो मरीजों की पहचान हो चुकी थी। उसे देखते हुए ही अब बाइडन प्रशासन ने कोरोना से बचाव के उपायों को जल्दी और सख्ती से लागू करने को प्राथमिकता देने की घोषणा की है।