United States: डेमोक्रेटिक पार्टी की सोच, अब मतदाताओं को ट्रंप से डराने के अलावा कोई राह नहीं
United States: डेमोक्रेटिक रणनीतिकारों का कहना है कि अगर रिपब्लिकन पार्टी के खतरे को ठीक से पेश किया जाए, तो सत्ताधारी पार्टी पढ़े-लिखे और शहरी मतदाताओं को अपनी तरफ से खींच सकती है। साथ ही उन मतदाताओं का समर्थन भी हासिल किया जा सकता है, जो पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके एजेंडे को जहरीला मानते हैं...
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अगले नवंबर में होने वाले मिड टर्म चुनावों में बुरी हार के मंडरा रहे खतरे से अमेरिका की सत्ताधारी डेमोक्रेटिक पार्टी बेचैन है। पार्टी में ये राय गहराती जा रही है कि मतदाताओं को दिखाने के लिए उसके पास जो बाइडन प्रशासन की कोई ठोस उपलब्धि नहीं है। ऐसे में पार्टी के कई हलकों से राष्ट्रपति बाइडन से अपील की जा रही है कि वे विपक्षी रिपब्लिकन पार्टी पर हमला तेज करें। डेमोक्रेटिक रणनीतिकारों के मुताबिक अगर सत्ताधारी पार्टी रिपब्लिकन पार्टी को ‘चरमपंथी’ बताने में सफल रही, तभी उसके लिए कोई उम्मीद बन सकती है। वरना, कांग्रेस के दोनों सदनों (सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव) में पार्टी के बहुमत गंवा देने की पूरी संभावना है।
टीवी चैनल सीएनएन ने अपनी एक खास रिपोर्ट में बताया है कि डेमोक्रेटिक नेताओं को अब यह उम्मीद नहीं है कि नवंबर से पहले राष्ट्रपति बाइडन अपनी गिरती लोकप्रियता को संभाल पाएंगे। तब तक महंगाई पर लगाम लगने की आशा भी उन्हें नहीं है। इसलिए अब पार्टी गर्भपात के अधिकार और लोकतंत्र की रक्षा को अपना प्रमुख मुद्दा बनाना चाहती है।
अपनी पार्टी की रणनीति बनाने में जुटे डेमोक्रेटिक सीनेटर ब्रायन शैट्ज ने सीएनएन से कहा- ‘अगर हम सिर्फ इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाने के पुराने वादे के साथ गए, तो देश में जो हो रहा है, उसके लिए लोग हमारी नैतिक और राजनीतिक जवाबदेही तय करेंगे। इसलिए हमें लोगों को बताना चाहिए कि रिपब्लिकन पार्टी के लोग बेखौफ किस तरह के काम कर रहे हैं।’
नवंबर में हाउस ऑफ रिप्रजेंटिव, सीनेट के एक तिहाई सदस्यों, कई राज्यों के गवर्नर, अटार्नी जनरल आदि को चुनने के लिए मतदान होगा। डेमोक्रेटिक रणनीतिकारों का कहना है कि अगर रिपब्लिकन पार्टी के खतरे को ठीक से पेश किया जाए, तो सत्ताधारी पार्टी पढ़े-लिखे और शहरी मतदाताओं को अपनी तरफ से खींच सकती है। साथ ही उससे रिपब्लिकन पार्टी के समर्थक उन मतदाताओं का समर्थन भी हासिल किया जा सकता है, जो पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके एजेंडे को जहरीला मानते हैं। 2024 में राष्ट्रपति के रूप में ट्रंप की वापसी का भय दिखाना भी डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए लाभदायक रणनीति हो सकती है।
डेमोक्रेटिक पार्टी ने अपने समर्थकों के लिए एक दस्तावेज तैयार किया है। उसके जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि ट्रंप के चरमपंथी समर्थकों का एकमात्र मकसद सत्ता हासिल करना है। अगर वे सत्ता में आए तो समलैंगिक विवाह अधिकार, गर्भपात का अधिकार, सामाजिक सुरक्षाओं और मेडिकेयर को खत्म कर देंगे। वे ऐसे नियम बनाएंगे, जिनसे अमेरिकी नागरिकों के लिए मतदान करना कठिन हो जाएगा। इस तरह वे कुल मिला कर लोकतंत्र को निशाना बनाएंगे।
खबरों के मुताबिक बढ़ती महंगाई और राष्ट्रपति बाइडन की गिरती लोकप्रियता से रिपब्लिकन पार्टी अपनी जीत के प्रति आश्वस्त है। जानकारों के मुताबिक वैसे भी मिड टर्म चुनावों में विपक्षी पार्टी फायदे में रहती है। इन हालात के कारण डेमोक्रेटिक पार्टी में मायूसी छाई हुई है। पर्यवेक्षकों के मुताबिक इसी कारण अब आखिर उपाय के तौर पर डेमोक्रेटिक रणनीतिकारों ने रिपब्लिकन पार्टी को चरमपंथी बताने का सुझाव पेश किया है।