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United States: डिफॉल्ट टालने के लिए एक-एक पैसा बचा रहा है बाइडन प्रशासन

Wed, 24 May 2023 03:49 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 24 May 2023 03:49 PM IST
सार

अमेरिकी मीडिया में छपी रिपोर्टों के मुताबिक वित्त विभाग के पास सोमवार को सिर्फ 57 बिलियन डॉलर की रकम बची थी। वित्त विभाग ने चेतावनी दी है कि यह रकम एक जून तक खर्च हो जाएगी और उसके बाद अमेरिका अपने कर्जों पर डिफॉल्ट करने की स्थिति में पहुंच जाएगा...

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United States: Biden administration is saving every penny to avoid default
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन। - फोटो : ANI (File Photo)

विस्तार

अमेरिका में ऋण सीमा बढ़ाने के मसले का हल निकलने के लिए जगी उम्मीदें जल्द ही टूट गईं। सोमवार को राष्ट्रपति जो बाइडन से मुलाकात के बाद हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में रिपब्लिकन पार्टी के नेता केविन मैकार्थी ने संवाददाताओं से कहा था कि बातचीत ‘लाभदायक’ रही। लेकिन उसके बाद अपनी पार्टी की बैठक में उन्होंने कह दिया कि दोनों पक्षों में बात आगे नहीं बढ़ पाई है।

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इस बीच इस खबर ने चिंता बढ़ा दी है कि अमेरिका के वित्त विभाग ने संघीय सरकार की एजेंसियों से यह पता करने को कहा है कि क्या वे अपने अगले भुगतानों को स्थगित कर सकती है। अखबार वॉशिंगटन पोस्ट की एक खास रिपोर्ट के मुताबिक बाइडन प्रशासन के अधिकारी अन्य मदों में पैसा बचाने के उपाय ढूंढने में लगे हुए हैं, ताकि ऋण डिफॉल्ट को अधिकतम समय तक टाला जा सके।

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अमेरिकी मीडिया में छपी रिपोर्टों के मुताबिक वित्त विभाग के पास सोमवार को सिर्फ 57 बिलियन डॉलर की रकम बची थी। वित्त विभाग ने चेतावनी दी है कि यह रकम एक जून तक खर्च हो जाएगी और उसके बाद अमेरिका अपने कर्जों पर डिफॉल्ट करने की स्थिति में पहुंच जाएगा। वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक इसीलिए बाइडन प्रशासन दूसरे मदों में खर्चों को टालने की कोशिश में है, ताकि डिफॉल्ट की अभूतपूर्व स्थिति से बचा जा सके। विशेषज्ञों के मुताबिक अगर इसमें प्रशासन को सफलता मिली, तब भी वह डिफॉल्ट को कुछ दिन ही टाल पाएगा।

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बताया जाता है कि राष्ट्रपति बाइडन ऋण सीमा बढ़ाने के मुद्दे पर रिपब्लिकन पार्टी से सहमति बनाने के लिए कुछ और समय चाहते हैं। अमेरिकी कांग्रेस (संसद) ने 31.4 ट्रिलियन डॉलर तक कर्ज लेने का प्रावधान किया था। सरकार इस सीमा तक पहुंच चुकी है। अब कांग्रेस की मंजूरी के बाद ही वह इससे अधिक कर्ज ले सकेगी। पिछले नवंबर में हुए चुनाव में कांग्रेस के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में रिपब्लिकन पार्टी को बहुमत मिल गया था। रिपब्लिकन पार्टी ने ऋण सीमा बढ़ाने को मंजूरी देने के लिए यह शर्त लगाई है कि बाइडन प्रशासन जन-कल्याण की योजनाओं पर खर्च में कटौती करे। इस मुद्दे पर गतिरोध बना हुआ है।

वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने संघीय एजेंसियों को भेजे पत्र में निर्देश दिया है कि वे अपने खर्चों के बारे में वित्त विभाग को लगातार सूचना दें। सहायक वित्त मंत्री डेविड ए. लेब्रिक ने इस पत्र में कहा है कि पांच करोड़ से 50 करोड़ डॉलर की हर डिपॉजिट और खर्च की जानकारी वित्त विभाग को भेजी जाए।

वित्त विभाग के प्रवक्ता ने इस बारे में कहा है कि ऋण सीमा संबंधी सही अनुमान लगाने के लिए यह जरूरी है कि संघीय एजेंसियों के हर भुगतान की ताजा जानकारी वित्त विभाग के पास रहे। इस बीच वित्त मंत्री जेनेट येलेन ने सांसदों को लिखे एक पत्र में कहा है कि कांग्रेस को एक जून तक ऋण सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव पारित करना होगा। उन्होंने कहा है कि वित्त विभाग अधिक से अधिक जून के ‘शुरुआती दिनों’ तक ही डिफॉल्ट टालने की स्थिति में है। अमेरिकी शेयर बाजार वॉल स्ट्रीट के विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह तारीख संभवतः आठ या नौ जून होगी, जिस रोज अमेरिका आधुनिक इतिहास में पहली बार डिफॉल्ट करने पर मजबूर हो जाएगा।

 

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