{"_id":"5f3f4b948ebc3e3ccb1d0fe8","slug":"united-stated-demands-restoration-of-united-nations-sanctions-against-iran-mike-pompeo","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमेरिका ने ईरान पर प्रतिबंध दोबारा लगाने के फैसले की जानकारी यूएन को दी","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
अमेरिका ने ईरान पर प्रतिबंध दोबारा लगाने के फैसले की जानकारी यूएन को दी
Fri, 21 Aug 2020 09:50 AM IST
Tanuja Yadav
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: Tanuja Yadav
Updated Fri, 21 Aug 2020 09:50 AM IST
विज्ञापन
माइक पोम्पिओ
- फोटो : ANI
अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटारेस को जानकारी दी है कि वह ईरान पर यूएन के सभी प्रतिबंधों को फिर से बहाल करने के लिए पहल करेगा। अमेरिका ने कहा कि वह आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देश को खुले आम किसी भी तरह के पारंपरिक हथियार (युद्ध में आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले) खरीदने और बेचने नहीं देगा।
विज्ञापन
अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र के मुख्यालय पहुंचे और उन्होंने महासचिव गुतारेस और अगस्त महीने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष इंडोनेशिया के राजदूत डियान त्रियानस्याह डजानी से मुलाकात की। पोम्पियो ने उन्हें वे पत्र सौंपे, जिसमें ईरान पर एक तरह से संयुक्त राष्ट्र के सभी प्रतिबंधों को बहाल करने के अमेरिका के फैसले की जानकारी दी गई है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2231 के तहत ईरान पर से ये प्रतिबंध हटा लिए गए थे। इसके तहत 20 अगस्त से 30 दिन के भीतर ये सभी प्रतिबंध दोबारा लागू हो जाएंगे।
विज्ञापन
संयुक्त राष्ट्र में पोम्पियो ने संवाददाताओं से कहा, 'हमारा संदेश बेहद ही सरल है। अमेरिका आतंकवाद को सरकार के स्तर से प्रायोजित करने वाले विश्व के सबसे बड़े देश को कभी खुले आम विमान, टैंक, मिसाइल या अन्य प्रकार के पारम्परिक हथियार खरीदने या बेचने नहीं देगा।'
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि प्रतिबंध बहाल होने से ईरान की अन्य निंदनीय गतिविधियों को लेकर भी जवाबदेही तय होगी। ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल प्रशिक्षण पर फिर प्रतिबंध लगेगा। ईरान की परमाणु गतिविधियों पर भी फिर पाबंदी लगेगी।
गौरतलब है कि ईरान पर प्रतिबंध लगाने संबंधी प्रस्ताव पर पिछले सप्ताह हुए मतदान में अमेरिका के पक्ष में सिर्फ एक सदस्य ने वोट किया था, रूस और चीन ने इसका विरोध किया जबकि 11 सदस्य अनुपस्थित रहे थे।