फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   UNICEF ecosoc meeting on girls education health says world need serious efforts for better world

UNICEF: दुनिया को लड़कियों के लिए बेहतर बनाने की जरूरत, शिक्षा की कमी से 2030 तक 10 खरब डॉलर का नुकसान

Sat, 12 Oct 2024 02:05 PM IST
नितिन गौतम यूएन हिंदी समाचार
यूएन हिंदी समाचार Published by: नितिन गौतम Updated Sat, 12 Oct 2024 02:05 PM IST
सार

UNESCO ने अक्टूबर के आरम्भ में कुछ आंकड़े जारी किए जिनमें दर्शाया गया कि लड़कियों की शिक्षा प्राप्ति में मौजूद इस इस खाई से होने वाला नुक़सान, वर्ष 2030 तक, 10 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँच सकता है। 

विज्ञापन
UNICEF ecosoc meeting on girls education health says world need serious efforts for better world
यूनीसेफ ने दुनिया में लड़कियों की स्थिति पर दी रिपोर्ट - फोटो : UNICEF/Juan Haro

विस्तार

संयुक्त राष्ट्र की आर्थिक व सामाजिक परिषद – ECOSOC की बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का आयोजन ECOSOC के अध्यक्ष बॉब राए ने किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं और लड़कियों को समान अधिकार मिलने चाहिए और संयुक्त राष्ट्र इसके लिए प्रतिबद्ध है। बॉब राए ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वो दुनिया में परिवर्तन करने के लिए एक ठोस आवाज़ बनें। ECOSOC की इस वर्ष की थीम है – 'भविष्य के लिए लड़कियों की भविष्यदृष्टि', इसमें दुनिया भर में लड़कियों की आवाज़ों को तत्काल महत्व देने की अपील की गई है।  
विज्ञापन


लड़कियां वैश्विक संकटों से ज्यादा प्रभावित
यूएन प्रमुख एंटोनियो गुटेरस ने इस दिवस पर अपने सन्देश में कहा है कि दुनिया भर में लगभग 1.1 अरब लड़कियों की सम्भावनाएं अपार हैं, लेकिन हम जैसे-जैसे टिकाऊ विकास लक्ष्यों की समय सीमा 2030 के नज़दीक पहुँच रहे हैं,  तो दुनिया लड़कियों की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर पा रही है। लड़कियों की आज की पीढ़ी, जलवायु, युद्धों व टकरावों और निर्धनता जैसे वैश्विक संकटों से अनुपात से कहीं ज़्यादा प्रभावित है। इन संकटों ने उनकी जिंदगियों, उनकी पसन्द व प्राथमिकताओं के साथ-साथ उनके भविष्यों के लिए भी जोखिम उत्पन्न कर दिया है।
विज्ञापन


शिक्षा व बाल विवाह
यूएन महिला संस्था UN Women के अनुसार, दुनिया भर में लगभग 11 करोड़ 93 लाख लड़कियां, स्कूली शिक्षा से वंचित हैं, और करीब 39 प्रतिशत युवतियां, हायर सेकेंडरी स्तर की शिक्षा पूरी नहीं कर पाती हैं। संयुक्त राष्ट्र के शैक्षिक और सांस्कृतिक संगठन – UNESCO ने अक्टूबर के आरम्भ में कुछ आंकड़े जारी किए जिनमें दर्शाया गया कि लड़कियों की शिक्षा प्राप्ति में मौजूद इस इस खाई से होने वाला नुक़सान, वर्ष 2030 तक, 10 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँच सकता है। इस बीच, बाल विवाह भी एक अहम मुद्दा बना हुआ है। बाल विवाह को रोकने के लिए अगर आज से भी शुरुआत की जाए तो भी इसे पूरी तरह ख़त्म करने में 68 वर्ष का समय लग सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक व सामाजिक मामलों के विभाग – DESA के अनुसार, वर्ष 2024 में 47 लाख बच्चों का जन्म ऐसी महिलाओं से हुआ है जिनकी उम्र 18 वर्ष से कम उम्र थी। और इनमें से भी लगभग 3 लाख 40 हज़ार बच्चे ऐसी माताओं से जन्म जिनकी आयु 15 वर्ष से कम थी। यूएन प्रमुख एंटोनियो गुटेरस ने कहा है, 'लड़कियों के पास पहले से ही एक ऐसी भविष्यदृष्टि मौजूद है जिसमें वो ख़ुशहाल रह सकती हों। उन्हें इस समय जरूरत इस बात की है कि उनकी आवाजों को सुना जाए और उनकी महत्वाकांक्षाओं को समर्थन दिया जाए।'

(नोट: यह लेख संयुक्त राष्ट्र हिंदी समाचार सेवा से लिया गया है।)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed