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यूएनजीए: 76वें सत्र के अध्यक्ष शाहिद ने कहा- सुरक्षा परिषद में लंबित सुधार सदस्यता आधारित मुद्दा
Sun, 03 Oct 2021 02:04 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, संयुक्त राष्ट्र
एजेंसी, संयुक्त राष्ट्र
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sun, 03 Oct 2021 02:04 AM IST
सार
संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र के अध्यक्ष अब्दुल्ला शाहिद ने संवाददाता सम्मेलन में काफी समय से लंबित यूएनएससी सुधार प्रक्रिया के एक सवाल पर कहा, यह एक ऐसा सवाल है जो कई बार पूछा गया है और मैं समझ सकता हूं कि इसे इतनी बार क्यों पूछा गया है क्योंकि सुरक्षा परिषद सुधार एक ऐसा मुद्दा है जो लंबे समय से महासभा के एजेंडे में है।
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संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र के अध्यक्ष अब्दुल्ला शाहिद
- फोटो : Twitter
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विस्तार
यूएनजीए (संयुक्त राष्ट्र महासभा) के 76वें सत्र के अध्यक्ष अब्दुल्ला शाहिद ने कहा है कि सुरक्षा परिषद में लंबे समय से लंबित सुधार सदस्यता आधारित मुद्दा है और वह जल्द ही वार्ता प्रक्रिया के लिए समन्वयक नियुक्त करेंगे। भारत, वर्तमान में सुरक्षा परिषद में एक अस्थायी सदस्य के रूप में है जिसका कार्यकाल दो साल के लिए है। भारत परिषद में सुधार के वर्षों से जारी प्रयासों में सबसे आगे रहा है।
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शाहिद ने यहां अपने पहले संवाददाता सम्मेलन में काफी समय से लंबित यूएनएससी सुधार प्रक्रिया के एक सवाल पर कहा, यह एक ऐसा सवाल है जो कई बार पूछा गया है और मैं समझ सकता हूं कि इसे इतनी बार क्यों पूछा गया है क्योंकि सुरक्षा परिषद सुधार एक ऐसा मुद्दा है जो लंबे समय से महासभा के एजेंडे में है।
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भारत का कहना है कि वह 15 सदस्यीय परिषद के स्थायी सदस्य के रूप में एक जगह पाने का हकदार है और वर्तमान स्वरूप में परिषद 21वीं सदी की भू-राजनीतिक वास्तविकताओं का प्रतिनिधित्व नहीं करती है। शाहिद ने यहां अपने पहले संवाददाता सम्मेलन में काफी समय से लंबित यूएनएससी सुधार प्रक्रिया के एक सवाल पर कहा, यह एक ऐसा सवाल है जो कई बार पूछा गया है और मैं समझ सकता हूं कि इसे इतनी बार क्यों पूछा गया है क्योंकि सुरक्षा परिषद सुधार एक ऐसा मुद्दा है जो लंबे समय से महासभा के एजेंडे में है।
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उन्होंने कहा, काश मेरे पास इसे ठीक करने के लिए जादू की कोई छड़ी होती। लेकिन यूएन व सुरक्षा परिषद में सुधार एक सदस्यता-संचालित मुद्दा है। शाहिद ने कहा, 1979 में मालदीव ने 10 देशों के समूह के साथ मिलकर यूएनएससी में सुधार की पहल ही थी और दब तक अब तक मुद्दा वहीं पर है।
जयशंकर ने उठाया था जी-4 में मुद्दा
भारत, ब्राजील, जर्मनी और जापान के जी-4 देशों ने दोहराया है कि स्थायी और अस्थायी सीटों में विस्तार के माध्यम से सुरक्षा परिषद में सुधार ‘अनिवार्य’ है ताकि संयुक्त राष्ट्र के अंग को विश्व शांति व सुरक्षा के लिए जटिल और विकासशील चुनौतियों के साथ बेहतर ढंग से निपटने में सक्षम बनाया जा सके। इसके लिए यूएनजीए के 76वें सत्र में विदेश मंत्री जयशंकर ने ब्राजील, जर्मनी और जापान के विदेश मंत्रियों के साथ मिलकर सुरक्षा परिषद में सुधार की जरूरत को रेखांकित किया था।