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UN Security Council: योजना पटेल ने महिलाओं को बताया एकजुटता का एजेंट, कहा- सुरक्षा की हैं अहम कारक
Sat, 28 Oct 2023 06:47 AM IST
यशोधन शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Sat, 28 Oct 2023 06:47 AM IST
सार
इस संदर्भ में, यूएनएससी संकल्प 1325 पथ-प्रदर्शक था क्योंकि पहली बार, इसने लैंगिक समानता और अंतरराष्ट्रीय शांति-सुरक्षा के रखरखाव को जोड़ा था। इसने संघर्षों को हल करने और शांति हासिल करने की कुंजी के रूप में महिलाओं की भागीदारी को भी मान्यता दी थी। भारत ने राजनीतिक संवाद में महिलाओं के कम प्रतिनिधित्व का भी जिक्र किया।
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योजना पटेल
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत ने शुक्रवार को वर्तमान सामाजिक परिदृश्य, बदलती दुनिया में महिलाओं के योगदान को रेखांकित किया और समाज की बेहतरी के लिए एकीकृत दृष्टिकोण की जरूरत पर प्रकाश डाला। यूएन में भारत की उप स्थायी प्रतिनिधि योजना पटेल ने कहा, महिलाएं सामाजिक परिवर्तन और सामाजिक एकजुटता की एजेंट हैं और सुरक्षा की अहम कारक हैं।
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योजना पटेल ने ‘सिद्धांत से व्यवहार तक अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा में महिलाओं की भागीदारी’ विषय पर एक बहस को संबोधित करते हुए कहा, अब सार्वभौमिक रूप से मान लिया गया है कि लैंगिक समानता की उपलब्धि और महिलाओं का सशक्तिकरण, अंतरराष्ट्रीय शांति व सुरक्षा बनाए रखने में महत्वपूर्ण कारक हैं। स्थायी शांति के लिए सुरक्षा, विकास, मानवाधिकार-कानूनी शासन व समानता के स्तंभों के बीच सामंजस्य के आधार पर एक एकीकृत दृष्टिकोण की जरूरत होती है।
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इस संदर्भ में, यूएनएससी संकल्प 1325 पथ-प्रदर्शक था क्योंकि पहली बार, इसने लैंगिक समानता और अंतरराष्ट्रीय शांति-सुरक्षा के रखरखाव को जोड़ा था। इसने संघर्षों को हल करने और शांति हासिल करने की कुंजी के रूप में महिलाओं की भागीदारी को भी मान्यता दी थी। भारत ने राजनीतिक संवाद में महिलाओं के कम प्रतिनिधित्व का भी जिक्र किया।
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महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाएं
संयुक्त राष्ट्र में भारतीय उप स्थायी प्रतिनिधि योजना पटेल ने कहा, वर्षों से हमने डब्ल्यूपीएस एजेंडे के मानक ढांचे को मजबूत होते देखा है। हालांकि, इसके बावजूद, महिलाओं को अभी भी शांति प्रक्रियाओं, राजनीतिक संवादों और शांति निर्माण में नियमित रूप से कम प्रतिनिधित्व दिया जाता है। उदाहरण के लिए, लगभग 95,000 शांति सैनिकों में से, महिलाएं सैन्य टुकड़ियों में केवल 4.8% हैं। अतः जरूरी है, कि हम महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाएं।