{"_id":"5ea158b3d05a8477246ca0a2","slug":"un-secretary-general-antonio-guterres-says-global-coronavirus-pandemic-is-becoming-increasingly-a-human-rights-crisis","type":"story","status":"publish","title_hn":"वैश्विक महामारी कोरोना वायरस तेजी से मानवाधिकार संकट बनती जा रही है: एंटोनियो गुटेरेस","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
वैश्विक महामारी कोरोना वायरस तेजी से मानवाधिकार संकट बनती जा रही है: एंटोनियो गुटेरेस
Thu, 23 Apr 2020 02:28 PM IST
देव कश्यप
पीटीआई, संयुक्त राष्ट्र
पीटीआई, संयुक्त राष्ट्र
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 23 Apr 2020 02:28 PM IST
विज्ञापन
UN General secretary Antonio guterres
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोरोना वायरस के बढ़ते कहर ने पूरी दुनिया को संकट में डाल दिया है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने गुरुवार को कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना वायरस एक मानव संकट है जो तेजी से मानवाधिकार संकट बनती जा रही है।
विज्ञापन
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने वीडियो संदेश में कहा कि कोविड-19 संकट से निपटने में जन सेवाओं की आपूर्ति में भेदभाव किया जा रहा है और कुछ संरचनात्मक असमानताएं हैं जो उन सेवाओं तक पहुंच में बाधा उत्पन्न करती हैं।
विज्ञापन
गुटेरेस ने कहा कि वैश्विक महामारी के कुछ समुदायों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़े हैं, नफरत फैलाने वाले वक्तव्य बढ़ गए हैं, संवेदनशील समूहों पर हमले बढ़े हैं तथा सख्त सुरक्षा कार्रवाई के जोखिम से स्वास्थ्य प्रतिक्रिया कमतर हो रही हैं।
विज्ञापन
उन्होंने चेतावनी दी कि कुछ देशों में नस्ली राष्ट्रवाद, लोकलुभावनवाद, निरंकुशता और मानवाधिकारों से पीछे हटने के मामले बढ़ने से यह संकट महामारी से असंबद्ध उद्देश्यों के लिए दमनकारी उपाय अपनाने का बहाना प्रदान करता है।
गुटेरेस ने फरवरी में देशों, कारोबारों और लोगों का आह्वान किया था कि दुनियाभर में मानवाधिकारों की रक्षा करने में मदद करें। उन्होंने जलवायु परिवर्तन, संघर्ष और दमन को लेकर चिंताओं के बीच सात सूत्री योजना प्रस्तुत की थी।
उन्होंने कहा कि जैसा मैंने तब कहा था, संकट के समय मानवाधिकारों को पीछे नहीं छोड़ा जा सकता। और हम इस समय सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय संकट का सामना कर रहे हैं जो कई पीढ़ियों में नहीं देखा गया।