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UN: सैन्य तख्तापलट के बाद नाइजर के राष्ट्रपति बजौम की स्थिति दयनीय, यूएन महासचिव गुटेरेस ने जताई चिंता

Thu, 10 Aug 2023 12:54 PM IST
देव कश्यप एएनआई, न्यूयार्क।
एएनआई, न्यूयार्क। Published by: देव कश्यप Updated Thu, 10 Aug 2023 12:54 PM IST
सार

संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता ने एक बयान में बुधवार को कहा, महासचिव गुटेरेस राष्ट्रपति बजौम और उनके परिवार की दयनीय जीवन स्थितियों को लेकर बहुत चिंतित हैं, क्योंकि नाइजर में राष्ट्रपति गार्ड के सदस्यों द्वारा उन्हें लगातार मनमाने ढंग से हिरासत में रखा जा रहा है।

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UN Secretary General Antonio Guterres concerned by deplorable living conditions of Niger President
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस। - फोटो : ANI (फाइल फोटो)

विस्तार

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सैन्य तख्तापलट के बाद नाइजर के राष्ट्रपति मोहम्मद बजौम (Mohamed Bazoum) और उनके परिवार की दयनीय जीवन स्थितियों पर चिंता व्यक्त की।ऐसी रिपोर्टों के बाद कि नाइजर के राष्ट्रपति बजौम और उनका परिवार बिजली, पानी, भोजन और दवा के बिना रह रहे हैं महासचिव गुटेरेस के प्रवक्ता ने यह टिप्पणी की और नाइजर के राष्ट्रपति के स्वास्थ्य को लेकर अपनी चिंता दोहराई।

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संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता ने एक बयान में बुधवार को कहा, महासचिव गुटेरेस राष्ट्रपति बजौम और उनके परिवार की दयनीय जीवन स्थितियों को लेकर बहुत चिंतित हैं, क्योंकि नाइजर में राष्ट्रपति गार्ड के सदस्यों द्वारा उन्हें लगातार मनमाने ढंग से हिरासत में रखा जा रहा है। बयान में कहा गया है, महासचिव ने राष्ट्रपति और उनके परिवार के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर अपनी चिंता दोहराई है और एक बार फिर उनकी तत्काल बिना शर्त रिहाई और देश के प्रमुख के रूप में उनकी बहाली का आह्वान किया है। इसके अलावा, महासचिव ने नाइजर सरकार के सदस्यों की गिरफ्तारी की रिपोर्टों पर भी चिंता जताई।
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संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता ने कहा, महासचिव सरकार के कई सदस्यों की गिरफ्तारी के बारे में जारी रिपोर्टों से भी चिंतित हैं। वह तत्काल उनकी बिना शर्त रिहाई और नाइजर के अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दायित्वों का सख्ती से पालन करने का आह्वान करते हैं।
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नाइजर पिछले महीने के अंत से राजनीतिक अराजकता में घिरा हुआ है, जब देश के राष्ट्रपति मोहम्मद बजौम को तख्तापलट के बाद अपदस्थ कर दिया गया था। सैन्य तख्तापलट की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा हुई थी। इसके बाद नाइजर के राष्ट्रपति गार्ड (Presidential Guard) के कमांडर अब्दौरहामाने तियानी (Abdourahamane Tiani) ने खुद को देश का नेता घोषित कर दिया था।

1960 में फ्रांस से स्वतंत्रता प्राप्त करने के बाद से नाइजर में अक्सर सैन्य तख्तापलट होते रहे हैं। हालांकि, हाल ही में राजनीतिक अस्थिरता में गिरावट आई है। 2021 में देश के पहले लोकतांत्रिक सत्ता हस्तांतरण में बजौम को राष्ट्रपति चुना गया था।


1960 में अपनी स्वतंत्रता प्राप्त करने से पहले नाइजर ने एक फ्रांसीसी उपनिवेश के रूप में 50 से अधिक साल बिताए। तख्तापलट से पहले दोनों देशों के बीच मजबूत राजनयिक संबंध मौजूद थे, लेकिन कई नाइजीरियाई लोगों का मानना है कि फ्रांस ने नाइजर के साथ एक शाही राज्य की तरह व्यवहार करना जारी रखा है, उसे उसकी प्राकृतिक संपदा से वंचित किया गया है और अपने नेताओं की आर्थिक नीतियों को थोपा है।

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