दुनिया को खतरे में डाल रही है एटमी हथियारों की होड़: यूएन
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संयुक्त राष्ट्र निरस्त्रीकरण प्रमुख इजुमी नाकामित्सु ने चेताया है कि नए सिरे से शुरू हुई परमाणु हथियारों की होड़ दुनिया के लिए बहुत खतरनाक साबित होगी। उन्होंने कहा है कि बीसवीं सदी के सातवें दशक में शीतयुद्ध के बाद पहली बार हालात काफी बिगड़ गए हैं।
संयुक्त राष्ट्र के निरस्त्रीकरण प्रमुख ने कहा कि शीतयुद्ध के वक्त तत्कालीन सोवियत संघ और अमेरिका के बीच परमाणु हथियारों की होड़ शुरू हुई थी। मौजूदा हालातों को लेकर उनका इशारा अमेरिका, रूस और चीन की तरफ था।
उन्होंने कहा, परमाणु शक्ति संपन्न बड़े देशों के आपसी संबंध पटरी से उतर चुके हैं। तथाकथित रूप से महाशक्तियां कहलाने वाले देशों में हथियारों की होड़ शुरू हो गई है। विभाजन, अविश्वास और संवादहीनता के कारण हालात और भी बदतर हो गए हैं। वर्ष 2014 में यूक्रेन से क्रीमिया के अलग होने के बाद से रूस-अमेरिकी रिश्ते भी बेहद तनावपूर्ण हैं। पिछले साल दोनों देशों ने एटमी संधि से अलग होने की घोषणा की थी।
एटमी संधि बचाने की पहल करेगा ईरान
ईरान ने कहा है कि वह पश्चिमी देशों द्वारा 2015 के परमाणु समझौते को बचाने की किसी भी कोशिश का समर्थन करेगा। अमेरिका 2018 में इस संधि से बाहर निकल गया था और ईरान पर दोबारा प्रतिबंध लगा दिए थे।
इस समझौते में शामिल बचे हुए पक्षकारों से ईरान के वार्ताकार अब्बास अरागची ने वियना में वार्ता के दौरान कहा कि वह उन कदमों को स्पष्ट तौर पर वापस लेने के लिए तैयार हैं जिसमें तेहरान की प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन हुआ लेकिन यह तभी होगा जब अन्य पक्ष भी वैसा ही रुख दिखाएं। बता दें कि यूरेनियम संवर्द्धन के बाद ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने वार्ता प्रक्रिया की पहल की है।