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UN Report: युद्ध का दंश झेल रहे मासूम, 25% बढ़ीं अत्याचार की घटनाएं; गाजा में पिछले साल 1259 बच्चों की गई जान
Sat, 21 Jun 2025 06:06 AM IST
दीपक कुमार शर्मा
एजेंसी, न्यूयॉर्क
एजेंसी, न्यूयॉर्क
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Sat, 21 Jun 2025 06:06 AM IST
सार
संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों के खिलाफ हिंसा पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव की रिपोर्ट के मुताबिक, नाबालिगों के खिलाफ 41,370 गंभीर अपराधों की पुष्टि हुई है, जिसमें 36,221 घटनाएं 2024 में हुईं। 4,500 से अधिक बच्चों की जान गई और 7,000 के करीब घायल हुए।
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गाजा में धरती पर गोलाबारी के बाद का मंजर (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट / एजेंसी
विस्तार
इस्राइली हमलों का शिकार बनता गाजा हो या रूस से जंग लड़ता यूक्रेन अथवा गुटीय संघर्ष झेलते कांगो या हैती, युद्ध की विभीषिका के सबसे बड़े शिकार बच्चे बन रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2024 में संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों के खिलाफ अत्याचार की घटनाएं 2023 के मुकाबले 25 फीसदी तक बढ़ी हैं।
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स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले तीन दशकों में कभी ऐसा नहीं हुआ। संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों के खिलाफ हिंसा पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव की रिपोर्ट के मुताबिक, नाबालिगों के खिलाफ 41,370 गंभीर अपराधों की पुष्टि हुई है, जिसमें 36,221 घटनाएं 2024 में हुईं। 4,500 से अधिक बच्चों की जान गई और 7,000 के करीब घायल हुए। इन गंभीर मामलों में बच्चों की हत्या, हमलों के कारण शारीरिक रूप से अक्षम होना, हिंसक गतिविधियों के लिए बच्चों की भर्ती, अपहरण, यौन हिंसा, स्कूलों-अस्पतालों पर हमले और मानवीय सहायता न मिल पाना शामिल है। रिपोर्ट बताती है कि सबसे बुरा हाल गाजा का है, जहां 1,259 फलस्तीनी बच्चों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।
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स्कूल-अस्पतालों को न बनाएं निशाना
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियों गुटेरस ने अपील की है कि सभी पक्ष युद्ध के दौरान बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करें, स्कूल-अस्पतालों पर हमलों से बचें। आबादी वाले क्षेत्रों में विस्फोटक हथियारों का इस्तेमाल और संघर्षों के लिए भर्ती से बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
रूस-यूक्रेन तीसरे साल भी सूची में शामिल
संयुक्त राष्ट्र ने रूसी सेना और संबंधित सैन्य बलों को लगातार तीसरे साल अपनी सूची में शामिल किया। रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में उल्लंघन की 1,914 घटनाओं में यूक्रेन के 673 बच्चे प्रभावित हुए, जिनमें 94 की जान गई। स्कूलों पर हमले की 559 घटनाएं सामने आईं।
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इस्राइली सैन्य बलों को काली सूची में रखा
संयुक्त राष्ट्र ने बृहस्पतिवार को जारी अपनी रिपोर्ट में इस्राइली सैन्य बलों को 7,188 गंभीर उल्लंघनों का जिम्मेदार ठहराते हुए लगातार दूसरे साल काली सूची में बनाए रखा। रिपोर्ट के मुताबिक, गाजा में गंभीर उल्लंघन के 8500 से अधिक मामले सामने आए हैं। यही नहीं, संयुक्त राष्ट्र उन आंकड़ों को भी पुष्ट करने की कोशिश कर रहा है, जिनमें गाजा में 4,470 और बच्चों की मौत का दावा किया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, लेबनान में इस्राइली सैन्य बलों की कार्रवाई में करीब 500 बच्चे हताहत हुए हैं।
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