WFP: संयुक्त राष्ट्र की खाद्य एजेंसी का आरोप- इस्राइल ने टैंक, स्नाइपर और अन्य हथियारों से किया भीड़ पर हमला
WFP: संयुक्त राष्ट्र की खाद्य एजेंसी डब्ल्यूएफपी ने आरोप लगाया कि इस्राइली सेना ने टैंक, स्नाइपर और अन्य हथियारों से गाजा में फलस्तीनी लोगों पर हमला किया। डब्ल्यूएफपी और चश्मदीदों ने कहा कि खाने की मदद लेने आई भीड़ पर इस्राइली सेना ने गोलियां चलाईं, जिससे 80 से ज्यादा लोगों की मौत हुई।
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संयुक्त राष्ट्र की खाद्य एजेंसी ने इस्राइल पर आरोप लगाया है कि उसने सोमवार को टैंक, स्नाइपर और अन्य हथियारों का उपयोग करके मदद मांगने वाले सहायता मांगने वाले फलस्तीनियों की भीड़ पर गोलीबारी की। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसे पिछले 21 महीनों के संघर्ष में सहायता मांगने वालों के लिए सबसे खौफनाक दिनों में से एक बताया है।
विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) ने रविवार को एक बयान में उत्तरी गाजा में हिंसा की निंदा की। फलस्तीनी लोग भोजन लाने वाले ट्रकों के काफिले तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे। गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि इस घटना में 80 लोग मारे गए। वहीं, इस्राइली सेना ने कहा कि उसने 'तत्काल खतरे को हटाने' के लिए चेतावनी के लिए गोलियां चलाईं। सेना ने फलस्तीन की ओर से बताए गए मौत के आंकड़ों पर सवाल उठाए।
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डब्ल्यूएफपी आमतौर पर इस्राइल के साथ अच्छे संबंध रखती है। हालांकि, उसने आरोप लगाया कि इस्राइल ने भीड़ पर गोलीबारी की। यह आरोप चश्मदीदों और अन्य लोगों के उन बयानों पर आधारित है, जिसमें उन्होंने कहा कि इस्राइल ने गोलीबारी की।
भोजन और मदद पाने के दौरान हुई इस गोलीबारी से गाजा के लोगों की स्थित और भी जटिल हो गई, क्योंकि वे खाने और दूसरी सहायता के लिए बेचैन हैं। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध खत्म होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। इस्राइल और हमास अभी भी युद्धविराम की बातचीत कर रहे हैं, लेकिन कोई बड़ा परिणाम नहीं निकला है और यह साफ नहीं है कि कोई समझौता युद्ध को हमेशा के लिए रोक पाएगा या नहीं।
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इस युद्ध प्रभावित क्षेत्र में मारे गए फलस्तीनियों का आंकड़ा 58,800 से ज्यादा हो गया है। यह मंत्रालय हमास के लड़ाकों और आम नागरिकों में फर्क नहीं करता है। मंत्रालय का कहना है कि मारे गए लोगों में आधे से ज्यादा महिलाएं और बच्चे हैं। यह मंत्रालय हमास सरकार का हिस्सा है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठन इसे हताहतों के आंकड़ों का सबसे भरोसेमंद स्रोत मानते हैं।
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इस बीच, इस्राइल ने गाजा के उस इलाके के लोगों को भी जगह खाली करने का आदेश दिया है, जो अब तक युद्ध में ज्यादा प्रभावित नहीं था। इससे संकेत मिल रहे हैं कि यह इलाका युद्ध का नया मैदान बन सकता है और फलस्तीनियों को गाजा के छोटे-छोटे हिस्सों में सिमटना पड़ सकता है। डब्ल्यूएफपी ने खाद्य वितरण केंद्रों पर हुई हिंसा की कड़ी निंदा की है।
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय, चश्मदीदों और संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी ने बताया कि रविवार को उत्तरी गाजा में इस्राइली सैनिकों ने उस भीड़ पर गोली चलाई, जो 25 ट्रकों के काफिले से खाना लेने की कोशिश कर रही थी। ये ट्रक सबसे ज्यादा युद्ध प्रभावित इलाके में पहुंचे थे।
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