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Pakistan-Turkiye: नूर खान एयरबेस पर दिखा तुर्किये का सैन्य विमान, ऑपरेशन सिंदूर के बाद फिर क्यों बढ़ी हलचल?
Fri, 21 Aug 2026 05:04 AM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Fri, 21 Aug 2026 05:04 AM IST
सार
मक्का रक्षा समझौते के बाद तुर्किये के सैन्य परिवहन विमान की पाकिस्तान के नूर खान एयरबेस पर आवाजाही सामने आई है। यही एयरबेस ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय कार्रवाई में निशाना बना था। माना जा रहा है कि तुर्किये की ओर से ड्रोन और सैन्य साजो-सामान पहुंचाया गया है। इससे भारत की सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। क्या पाकिस्तान और तुर्किये के बीच रक्षा सहयोग अब और गहरा रहा है?
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क्या पाकिस्तान में ड्रोन की कोई नई खेप आई?
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
पाकिस्तान और तुर्किये के बीच रक्षा सहयोग को लेकर एक नई हलचल सामने आई है। मक्का रक्षा समझौते के बाद तुर्किये वायुसेना का एक सैन्य परिवहन विमान पाकिस्तान के रावलपिंडी स्थित नूर खान एयरबेस पहुंचा। विमान 18 अगस्त को वहां पहुंचने और लौटने के दौरान दर्ज किया गया। इसी एयरबेस को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय कार्रवाई में निशाना बनाया गया था। इस घटनाक्रम के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियां पाकिस्तान में तुर्किये की सैन्य गतिविधियों पर नजर रख रही हैं।
एविएशन हिस्ट्री के आंकड़ों के अनुसार तुर्किये वायुसेना का एयरबस ए-400एम एटलस विमान 18 अगस्त को नूर खान एयरबेस पहुंचा और वहां से वापस लौटा। विमान का कॉलसाइन टीयूएएफ526 बताया गया है। रक्षा सूत्रों के अनुसार, तुर्किये की ओर से उन्नत ड्रोन, हथियार और अन्य सैन्य साजो-सामान पाकिस्तान पहुंचाए जाने की आशंका है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस विमान के जरिए भेजे गए सामान की पूरी सूची सामने नहीं आई है। भारतीय एजेंसियां इस गतिविधि को गंभीरता से देख रही हैं।
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एविएशन हिस्ट्री के आंकड़ों के अनुसार तुर्किये वायुसेना का एयरबस ए-400एम एटलस विमान 18 अगस्त को नूर खान एयरबेस पहुंचा और वहां से वापस लौटा। विमान का कॉलसाइन टीयूएएफ526 बताया गया है। रक्षा सूत्रों के अनुसार, तुर्किये की ओर से उन्नत ड्रोन, हथियार और अन्य सैन्य साजो-सामान पाकिस्तान पहुंचाए जाने की आशंका है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस विमान के जरिए भेजे गए सामान की पूरी सूची सामने नहीं आई है। भारतीय एजेंसियां इस गतिविधि को गंभीरता से देख रही हैं।
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तुर्किये का पाकिस्तान से सैन्य संबंध क्यों अहम है?
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी तुर्किये की ओर से पाकिस्तान को सैन्य साजो-सामान दिए जाने की बात सामने आई थी। मई 2025 में पाकिस्तान ने तुर्किये मूल के असिसगार्ड सोंगर और यिहा-3 ड्रोन का इस्तेमाल किया था, जिन्हें भारतीय कार्रवाई में नष्ट किया गया था। पाकिस्तान अपनी सैन्य क्षमता को चीन के साथ-साथ तुर्किये के तेजी से विकसित हो रहे रक्षा उद्योग और मानवरहित प्रणालियों से भी जोड़ रहा है। इससे दोनों देशों के रक्षा संबंध भारत के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो जाते हैं।
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