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Hindi News ›   World ›   Ukraine war crisis: Russian army took 400 hostage in Mariupol hospital, 20 thousand people ran away from vehicles amid shelling

यूक्रेन युद्ध संकट : रूसी फौज ने मैरियूपोल अस्पताल में 400 को बनाया बंधक, गोलाबारी के बीच गाड़ियों से भागे 20 हजार लोग

Thu, 17 Mar 2022 05:22 AM IST
योगेश साहू एजेंसी, कीव/मैरियूपोल।
एजेंसी, कीव/मैरियूपोल। Published by: योगेश साहू Updated Thu, 17 Mar 2022 05:22 AM IST
सार

मैरियूपोल पर बमबारी में 2,500 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की के सलाहकार ओलेक्सी एरेस्टोविच के मुताबिक, लोग शून्य डिग्री से. से कम तापमान में बिजली, पानी, गैस और दवा के बिना ही जीने को मजबूर हैं। यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर खारकीव में बीते 24 घंटे ताबड़तोड़ बमबारी के बावजूद कड़े प्रतिरोध के कारण रूसी सैनिक शहर के भीतर नहीं घुस सके। रातभर में सौ से अधिक गोले दागे गए हैं।

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Ukraine war crisis: Russian army took 400 hostage in Mariupol hospital, 20 thousand people ran away from vehicles amid shelling
यूक्रेन में युद्ध के हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। - फोटो : Social Media

विस्तार

रूसी सेनाओं ने मैरियूपोल के मुख्य अस्पताल पर कब्जा कर वहां मौजूद 400 मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों को बंधक बना लिया है। रूसी हमलों के बीच 20 हजार लोग मानवीय गलियारों के जरिये शहर छोड़कर जा चुके हैं। यूक्रेन की उपप्रधानमंत्री इरीना वेरेश्चक ने बुधवार को एक वीडियो संदेश में बताया कि मंगलवार रात से अस्पताल पर रूसी सेनाओं का कब्जा है। रूसी सैनिक अस्पताल में मौजूद लोगों को बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं। साथ ही अस्पताल परिसर में मौजूद टैंकों से रूसी फौजों ने गोलाबारी भी की है।

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मैरियूपोल सिटी काउंसिल के मुताबिक, गोलाबारी के बीच 2,000 लोग कारों से भाग निकले। इतने ही वाहन शहर से बाहर जाने वाले हाईवे पर खड़े हैं। शहर को रूसी सैनिकों ने 1 मार्च से ही घेरा हुआ है। यहां लोगों को निकालने के लिए बनाया गया सुरक्षा कॉरिडोर भी नाकाम रहा। भागने में सफल रही एक महिला लिडिया ने बताया, रूसी बम उनके घर केे पास गिर रहे थे, हमने गोलाबारी के बीच वतन छोड़ा है। 
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बेसमेंट में शरण ली, बारिश के पानी का सूप पिया
यूक्रेन छोड़ने वाली लिडिया ने बताया, उन्होंने 60 लोगों के साथ एक बेसमेंट में दो हफ्ते शरण ली। रूसी प्लेन बहुत नीचे उड़ रहे थे। हमले का डर सता रहा था। इसलिए कई बार रुकना और बच्चों को छिपाना पड़ा। स्वेतलाना ने बताया, उन्होंने करीब 17 लोगों को अपने घर में पनाह दी। बारिश का पानी एकत्र कर सूप पकाया। स्वेतलाना ने कहा- मैं शहर नहीं छोड़ना चाहती थी, लेकिन जब चौबीसों घंटे बमबारी हुई तो मुश्किल हो गया। 57 वर्षीय स्वेतलाना का बेटा मैरियूपोल में ही है जिसे लेकर वे बहुत चिंतित हैं।
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21 दिन में किसी बड़े शहर पर कब्जा नहीं
पश्चिमी देशों के अधिकारियों ने दावा किया कि आधुनिक हथियारों से लैस होने के बावजूद रूस अब तक यूक्रेन के एक भी बड़े शहर पर कब्जा नहीं कर सका, जबकि मॉस्को को लगता था कि वह युद्ध से कुछ दिनों में ही फतह हासिल कर लेगा। रूस का भी भारी नुकसान हुआ है। अब भी बड़ी तादाद में रूसी सैनिकों का काफिला कीव के मुहाने पर ही खड़ा है। यूक्रेनी सेना ने उन्हें वहीं रोक कर रखा है।

  • ब्रिटेन ने बुधवार को दावा किया कि रूसी सैनिकों को सड़कों पर रोक दिया गया है। ये बड़े शहरों में घुसने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और अब तक कब्जे की कोशिशें नाकाम रहीं।
  • यूक्रेन और रूस के प्रतिनिधि बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से शांति वार्ता शुरू कर रहे हैं। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने बातचीत के समझौते की ओर जाने के सार्थक संकेत भी दिए।
  • यूक्रेन के वार्ताकार मायखाइलो पोदलोल्याग ने  ट्वीट करके रूस के उस दावेे को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया कि यूक्रेन ऑस्ट्रिया या स्वीडन जैसी तटस्थ स्थिति को स्वीकार करने के लिए तैयार है।

संघर्ष में चौथे रूसी जनरल की जान गई
यूक्रेन पर हमला करने वाली रूसी फौज के चौथे जनरल को यूक्रेनी जवाबी हमले में जान गंवानी पड़ी है। रूसी स्वचालित राइफल डिवीजन के कमांडर मेजर जनरल ओलेग मित्याएव को यूक्रेनी फौज के स्नाइपर ने मैरियूपोल में गोली मारी। यही नहीं, यूक्रेनी फौज ने ओलेग के शव की तथा कथित तस्वीर भी जारी की है। इसके अलावा सीधे राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को रिपोर्ट करने वाल विशेष स्वाट दल जेर्जिंस्की डिवीजन के सात कमांडो भी संघर्ष में मारे गए हैं।

  • युद्ध के बीच रेड क्रॉस की अंतरराष्ट्रीय समिति के प्रमुख पीटर मौरर बुधवार को यूक्रेन पहुंचे और बचाव-राहत कार्य का जायजा लिया।

अमेरिकी सीनेट ने पुतिन को युद्ध अपराधी बताया
अमेरिकी सीनेट ने भी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को युद्ध अपराधी घोषित करने से जुड़ा एक प्रस्ताव पारित कर दिया है। प्रस्ताव को रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने पेश किया। सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव में अंतरराष्ट्रीय अदालत से हमलों की जांच की मांग की गई।

  • डेमोक्रेटिक सीनेटर चार्ल्स शूमर ने सीनेट में कहा, हम सभी मिलकर कहते हैं कि पुतिन यूक्रेन पर अत्याचारों की जवाबदेही से बच नहीं सकते।
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