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रूस-यूक्रेन जंग: जब रूस ही नहीं तो ऐसी दुनिया की क्या जरूरत...परमाणु युद्ध की आशंका के बीच ऐसे चल रहा प्रोपेगैंडा वॉर
Mon, 28 Feb 2022 06:56 PM IST
Amit Mandal
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Amit Mandal
Updated Mon, 28 Feb 2022 06:56 PM IST
सार
एपी की रिपोर्ट के मुताबिक रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रूसी परमाणु निवारण फोर्स को अलर्ट पर रहने का आदेश दिया है। उनके इस आदेश को दुनिया पर परमाणु युद्ध के खतरे के रूप में देखा जा रहा है।
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युद्ध के दौरान जवान।
- फोटो : PTI
विस्तार
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा परमाणु निवारण बलों को अलर्ट पर रखने के कुछ ही घंटों बाद रूस का प्रोपेगैंडा आगे बढ़ाने वालों ने पश्चिम को परमाणु विनाश की धमकी देना शुरू कर दिया है। खासतौर पर इसमें पुतिन समर्थक बड़े टीवी एंकर शामिल हैं। पश्चिमी विरोधी बयानबाजी के उन्माद के बीच टीवी पर बोलते हुए टीवी एंकर दिमित्री किसलीव ने दर्शकों से कहा कि हमारी पनडुब्बियां 500 से अधिक परमाणु हथियार छोड़ सकती हैं। यह अमेरिका और अन्य सभी नाटो देशों के विनाश की गारंटी देगा। अगर रूस नहीं है तो हमें ऐसी किसी दुनिया की क्या जरूरत है?
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रूस के परमाणु हथियार सबसे घातक
किसलीव ने कहा, रूस के परमाणु हथियार दुनिया के सबसे तेज रणनीतिक हथियार हैं। रूस की परमाणु क्षमता दुनिया में सबसे मजबूत है। आज हमारा रूसी न्यूक्लियर ट्रायड हाई अलर्ट पर है। पुतिन ने चेतावनी दी थी। रूस को डराने की कोशिश मत करो। रूस के 11 समय क्षेत्रों में प्रसारित सरकारी रोसिया 1 चैनल पर अपने वेस्टी नेडेली साप्ताहिक समाचार शो में किसलीव ने लिज ट्रस को रूस को डराने के लिए दोषी ठहराया। लेकिन रूस की परमाणु क्षमता नए जमाने के सुपरवेपंस जैसे हाइपरसोनिक सिरकोन (hypersonic Tsirkon) के साथ पश्चिम की ताकत का बेहतरीन जवाब है।
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रूसी मीडिया का आक्रामक अंदाज
ये धमकियां क्रेमलिन के मीडिया आक्रमण का हिस्सा हैं जिसमें यूक्रेन के लड़ाकों को नाजियों के रूप में चित्रित किया जाता है और रूस को एक मुक्ति बल के रूप में देखा जाता है। क्रेमलिन के सबसे कुख्यात टीवी प्रचारकों में से एक दिमित्री किसलीव ने जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज़ पर आरोप लगाया कि यूक्रेन में रूसी भाषियों के खिलाफ अपराध किया जा रहा था। इस बीच रूसी सरकारी टीवी टॉक शो होस्ट ओल्गा स्केबेयेवा ने कहा कि आप जानते हैं, जैसे ही वे पीछे हटे, यूक्रेनी नाजियों ने डोनबास को नष्ट करना शुरू कर दिया।
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आज झेलोबोक को ग्रैड मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर से दागा गया। कल यूक्रेनी सशस्त्र बलों ने एक तेल डिपो पर तोचका बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इस तरह के प्रचार ने कई रूसियों को यह विश्वास दिलाने की कोशिश की है कि संघर्ष पश्चिम द्वारा उकसाया गया था।
पुतिन ने परमाणु निवारण फोर्स को अलर्ट पर रहने का दिया आदेश
बता दें कि एपी की रिपोर्ट के मुताबिक रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रूसी परमाणु निवारण फोर्स को अलर्ट पर रहने का आदेश दिया है। विश्व इतिहास में पिछले कई दशकों से ऐसा नहीं हुआ है, जब किसी देश ने खुले तौर पर परमाणु हमले की धमकी दी हो, लेकिन यूक्रेन पर हमला करने वाले पुतिन ने ऐसा किया है। यूक्रेन पर हमले से पहले ही अपने भाषण में व्लादिमीर पुतिन ने दुनिया के सभी देशों को धमकी दी थी कि यदि उन्होंने दखल देने का प्रयास किया तो फिर उनके पास भी हथियार हैं। पुतिन के इरादों से साफ है कि यूक्रेन में चल रहा युद्ध परमाणु जंग में बदल सकता है।
रूस के पास परमाणु हथियारों का दुनिया का सबसे बड़ा जखीरा
एक वरिष्ठ अमेरिकी रक्षा अधिकारी ने कहा कि रूसी नेता खास रणनीति के तहत ताकत का इस्तेमाल कर रहे हैं और अगर अनुमान गलत निकला तो चीजें बहुत अधिक खतरनाक हो सकती हैं। रूस के पास परमाणु हथियारों का दुनिया का सबसे बड़ा शस्त्रागार और बैलिस्टिक मिसाइलों का एक बड़ा जखीरा है। दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी परमाणु शक्ति अमेरिका ने पुतिन के आदेश को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया है।
वहीं, जर्मनी ने कहा कि पुतिन का परमाणु आदेश इसलिए दिया क्योंकि उनका आक्रमण कमजोर पड़ गया और उनकी योजना सिरे नहीं चढ़ रही है। पुतिन का निर्देश तब आया जब रूसी सेना को यूक्रेन के सैनिकों के कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ा। तमाम कोशिशों के बावजूद रूसी सेना अब तक यूक्रेन के हवाई क्षेत्र पर पूरा नियंत्रण हासिल करने में विफल रही है।