Ukraine Russia War: दरकने लगा है जेलेंस्की का किला! रूस से मिलीभगत का आरोप लगा कर हटा रहे हैं अधिकारियों को
जेलेंस्की ने रविवार देर रात एक वीडियो जारी कर कहा- ‘आज मैंने महाभियोजक को उनके पद से हटाने और यूक्रेन की सुरक्षा सेवा के प्रमुख को बर्खास्त करने का फैसला किया है।’ हटाए गए अधिकारियों का नाम महाभियोजक इरीना वेनेदिकतोवा और स्टेट सिक्योरिटी सर्विस के प्रमुख इवान बाकानोव बताया गया है। ये दोनों लंबी अवधि तक जेलेंस्की के सहयोगी रहे...
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पांच देशों में नियुक्त राजदूतों को उनके पद से हटाने के बाद अब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदीमीर जेलेंस्की ने अपनी सरकार के दो महत्त्वपूर्ण पदाधिकारियों को उनके पद से हटा दिया है। राजदूतों की तरह ही इन पदाधिकारियों पर भी रूस से मिलीभगत करने का आरोप लगाया है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया जेलेंस्की के कुछ आलोचकों की छपी टिप्पणियों के मुताबिक राष्ट्रपति ऐसे तमाम लोगों पर रूस से मिल जाने का शक करने लगे हैं, जो उन्हें बातचीत से समाधान की सलाह दे रहे हैं। जबकि युद्ध की बाजी यूक्रेन के हाथ से निकलती देख अब ऐसे अधिकारियों की संख्या बढ़ रही है, जो रूस से बातचीत आगे बढ़ाने का पक्ष ले रहे हैं। आलोचकों का यह भी कहना है कि अगर जेलेंस्की सरकार में ऊंचे पदों पर तैनात अधिकारी रूस से मिलीभगत कर रहे हैं, तो इसे जेलेंस्की की एक बड़ी नाकामी ही माना जाएगा।
जेलेंस्की ने रविवार देर रात एक वीडियो जारी कर कहा- ‘आज मैंने महाभियोजक को उनके पद से हटाने और यूक्रेन की सुरक्षा सेवा के प्रमुख को बर्खास्त करने का फैसला किया है।’ हटाए गए अधिकारियों का नाम महाभियोजक इरीना वेनेदिकतोवा और स्टेट सिक्योरिटी सर्विस के प्रमुख इवान बाकानोव बताया गया है। ये दोनों लंबी अवधि तक जेलेंस्की के सहयोगी रहे। लेकिन अब जेलेंस्की ने उन पर देशद्रोह का आरोप लगा दिया है। अपने वीडियो संदेश में राष्ट्रपति ने कहा कि उनके प्रशासन में कई विभागों के अधिकारियों पर देशद्रोह में शामिल होने का शक है। जेलेंस्की ने बताया कि अब तक देशद्रोह और दुश्मन से मिलीभगत के आरोप में 651 आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। जिन अधिकारियों के खिलाफ ये केस दर्ज हुए हैं, उनका संबंध अभियोजक कार्यालय, जांच एजेंसियों और कानून लागू करने वाली दूसरी एजेंसियों से रहा है। उन्होंने कहा- ‘खास कर अभियोजक कार्यालय और सुरक्षा सेवा के 60 से ज्यादा कर्मचारी उन क्षेत्रों में रह गए हैं, जिन पर रूस ने कब्जा कर लिया है। वे कर्मचारी अब हमारे राज्य के खिलाफ काम कर रहे हैं।’
बताया गया है कि इसी कारण जेलेंस्की ने वेनेदिकतोवा और बाकानोव को बर्खास्त करने का फैसला किया। जेलेंस्की इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि दोनों विभागों के प्रमुखों की बिना मिलीभगत के इतनी बड़ी संख्या में कर्मचारी कथित रूप से यूक्रेन विरोधी गतिविधियों में शामिल नहीं होते। जेलेंस्की ने कहा कि इन घटनाओं से दोनों विभागों के प्रमुखों के नेतृत्व पर गंभीर सवाल उठे हैं। इन सवालों के उचित जवाब ढूंढना जरूरी है।
इस बीच क्राइमिया में सुरक्षा सेवा के निदेशालय के एक पूर्व प्रमुख को गिरफ्तार कर लिए जाने की खबर है। जेलेंस्की प्रशासन ने उन पर भी देशद्रोह की गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया है। जेलेंस्की समर्थकों का कहना है कि रूस ने जिस आसानी से देश के दक्षिणी इलाकों पर कब्जा कर लिया, वह सिक्योरिटी एजेंसी के कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं था। जबकि आलोचकों की राय है कि ऐसी बातें अपनी ताकत को बढ़ा-चढ़ा कर देखने और कड़वी हकीकत को स्वीकार करने में विफलता का संकेत हैं। हकीकत यह है कि जेलेंस्की का अपना किला दरक रहा है।