Ukraine: रूस से युद्ध के बीच राष्ट्रपति जेलेंस्की की अपील, शांति शिखर सम्मेलन में भाग लें वैश्विक नेता
वलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा कि मैं अभी खार्किव में हूं। दुर्भाग्य है कि यह शहर रूस की सीमा के करीब है। हर दिन रूसी सेना शहर पर गोलाबारी कर रही है। शहर में दस लाख से अधिक लोग रहते हैं। रूस सभी को डरा रहा है।
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रूस और यूक्रेन के बीच दो साल से अधिक समय से युद्ध जारी है। इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने रविवार को वैश्विक नेताओं से अपील की है। उन्होंने वैश्विक नेताओं से आग्रह किया है कि 15 जून से शुरू होने वाले वैश्विक शांति शिखर सम्मेलन में आप सभी भाग लें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कोई भी देश अकेले और बिना सहायता के ऐसे युद्धों को नहीं रोक सकता। उन्होंने कहा कि स्विट्जरलैंड के साथ मिलकर यूक्रेन शिखर सम्मेलन की तैयारी कर रहा है।
बाइडन-जिनपिंग से अपील
जेलेंस्की ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि 80 से अधिक देशों ने सम्मेलन में अपनी उपस्थिति की पुष्टि की है। उन्होंने नेताओं से शांति को बढ़ाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शांति कों बढ़ाने के लिए नेतृत्व करें। वैश्विक बहुमत के प्रयासों से शांति स्थापित हो सकती है। रूस की आक्रमकता के खिलाफ एकजुट होना आवश्यक है।
आसपास के देशों को भी धमका रहा है रूस
उन्होंने कहा कि मैं अभी खार्किव में हूं। दुर्भाग्य है कि यह शहर रूस की सीमा के करीब है। हर दिन रूसी सेना शहर पर गोलाबारी कर रही है। शहर में दस लाख से अधिक लोग रहते हैं। रूस सभी को डरा रहा है। खार्किव का एक भी जिला या सड़क ऐसा नहीं है जो रूस के आतंक से पीड़ित न हो। रूस आसपास के सभी देशों को डरा रहा है। उसने परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर कब्जा कर लिया है।
दोनों देशों के युद्ध को दो साल पूरे होने पर यूक्रेन के उप विदेश मंत्री इरीना बोरोवेत्स ने कहा था कि भारत को शांति-खोज समाधान का हिस्सा बनना ही होगा। भारत अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नेतृत्वकर्ता की भूमिका निभा रहा है, इसलिए उससे कई उम्मीदें भी हैं। भारत के रूस और अमेरिका दोनों से अच्छे संबंध हैं। बोरोवेत्स ने कहा कि सबसे पहले, भारत एक वैश्विक नेता है, जो यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करता है। वह रूस-यूक्रेन जंग के शांतिपूर्ण समाधान खोजने में अधिक मुखर होकर कार्रवाई कर सकता है। बोरोवेत्स ने कहा, पीएम मोदी ने गत वर्ष उज्बेकिस्तान में रूसी राष्ट्रपति से यह तक कहा कि यह युद्ध का युग नहीं है। इस बयान को पूरी दुनिया का समर्थन मिला। उन्होंने कहा, यूक्रेन ने मार्च में स्विट्जरलैंड में होने वाले ग्लोबल पीस समिट में भारत को आमंत्रित किया है।