फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   UK Will Evacuate Embassy Staff From Afghanistan

अफगानिस्तान : अपने दूतावास से कर्मचारियों को वापस लाएगा ब्रिटेन, अफगान नागरिकों के लिए कनाडा चलाएगा विशेष अभियान

Sat, 14 Aug 2021 07:42 AM IST
Jeet Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: Jeet Kumar Updated Sat, 14 Aug 2021 07:42 AM IST
सार

  • अफगानिस्तान से ब्रिटेन के दूतावास के कर्मचारियों, अधिकारियों को बड़े पैमाने पर निकाला जाएगा
  • संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुटेरस अफगानिस्तान में घटनाक्रम को गहरी चिंता के साथ देख रहे हैं
  • भारत के करीबी दोस्त मोहम्मद इस्माइल खान ने तालिबान के सामने आत्मसमर्पण किया

विज्ञापन
UK Will Evacuate Embassy Staff From  Afghanistan
Afghanistan Taliban - फोटो : PTI

विस्तार

अफगानिस्तान के आधे से ज्यादा प्रांतों की राजधानियों को अपने कब्जे में ले चुका तालिबान अब तेजी से काबुल की तरफ बढ़ रहा है। इसे देखते हुए अमेरिका के बाद अब ब्रिटेन भी दूतावास कर्मचारियों और अधिकारियों को बड़े पैमाने पर वापस बाहर निकालेगा। वहींं, कनाडा ने भी दूतावास की मदद करने वाले अफगान नागरिकों को बाहर निकालने के लिए विशेष कार्यक्रम चलाने का ऐलान किया है। 

विज्ञापन


ब्रिटेन के पीएम बोरिस जॉनसन ने कहा कि अगले कुछ दिनों में अफगानिस्तान से ब्रिटेन के दूतावास के कर्मचारियों, अधिकारियों को बड़े पैमाने पर निकाला जाएगा। साथ ही कहा कि उन अफगान नागरिकों को वापस लाने के प्रयास तेज करेंगे जिन्होंने पिछले 20 वर्षों में ब्रिटेन और अंतरराष्ट्रीय बलों की मदद की है। इसके लिए जल्द ही टीम भेजी जाएगी।
विज्ञापन

 
उन्होंने ब्रिटेन की तारीफ करते हुए कहा कि पिछले 20 वर्षों में अफगानिस्तान में हमने जो कुछ किया है उस पर ब्रिटेन को बहुत गर्व हो सकता है और ये कोई सैन्य समाधान नहीं है। लेकिन ब्रिटेन के सशस्त्र बलों के प्रयासों के लिए धन्यवाद, हमने बहुत लंबे समय तक पश्चिम के खिलाफ अल-कायदा का कोई हमला नहीं देखा।



इससे पहले ब्रिटेन के रक्षा सचिव बेन वालेस ने घोषणा की थी कि देश छोड़ने में ब्रिटिश नागरिकों की सहायता के लिए लगभग 600 सैनिकों को अफगानिस्तान भेजा जाएगा।

ब्रिटिश जिहादी भी पहुंचे तालिबान के पास
एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ब्रिटिश जिहादियों ने भी अफगानिस्तान में तालिबान के साथ हाथ मिला लिए हैं। द सन ने बृहस्पतिवार को रिपोर्ट में कहा कि ब्रिटिश लहजे में अंग्रेजी बोलने वाले विद्रोही लड़ाकों की फोन कॉल ब्रिटिश सुरक्षा एजेंसियों ने इंटरसेप्ट की हैं। ये जिहादी अमेरिका और ब्रिटेन के अफगानिस्तान से हटने की घोषणा के बाद पाकिस्तान के जरिये अफगानिस्तान पहुंचे हैं।

भारत के करीबी दोस्त मोहम्मद इस्माइल खान ने तालिबान के सामने आत्मसमर्पण किया
उधर, हेरात प्रांत के पूर्व गवर्नर और भारत के करीबी दोस्त मोहम्मद इस्माइल खान ने भी शुक्रवार को तालिबान के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। प्रांतीय परिषद के एक सदस्य गुलाम हबीब हाशमी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि खान ने विद्रोहियों और सुरक्षा बलों के बीच हुए समझौते के तहत हथियार तालिबान को सौंपे हैं। तालिबान ने आत्म सर्मपण करने वाले सरकारी अधिकारियों को नुकसान नहीं पहुंचाने का समझौता किया है।

लॉयन ऑफ हेरात के नाम से मशहूर इस्माइल खान अफगानिस्तान के प्रमुख कबीलाई सरदारों में से एक हैं और उन्होंने ही साल 2001 में तालिबान को सत्ता से हटाने में अमेरिका की अहम मदद की थी। खान अभी तक विद्रोही लड़ाकों के खिलाफ लड़ाई का नेतृत्व कर रहे थे। उनके आत्मसमर्पण को तालिबान की बड़ी सफलता माना जा रहा है। इस्माइल खान की मदद से हेरात प्रांत में भारत की तरफ से बनाए गए सलमा बांध (फ्रेंडशिप बांध) पर भी तालिबान का कब्जा हो गया है।

तालिबान ने काबुल से 80 किलोमीटर दूर स्थित लोगार प्रांत की राजधानी पुली-ए अलीम पर भी कब्जे के लिए घेरा बना लिया है। लोगार प्रांतीय परिषद के मुखिया हसीबुल्लाह स्तानिकजाई ने कहा कि सरकारी सेना अभी डटी हुई है। हालांकि तालिबान ने पुलिस मुख्यालय व जेल पर अपना कब्जा हो जाने का दावा किया है। लेकिन हसीबुल्लाह ने इसे खारिज कर दिया है।

अफगान नागरिकों के लिए विशेष अभियान चलाएगा कनाडा
कनाडा के आव्रजन, शरणार्थी और नागरिकता मामलों के मंत्री मार्को मेंडिसिनो ने कहा कि कनाडा 20 हजार अफगानियों के लिए विशेष आव्रजन कार्यक्रम चलाएगा इनमें खास तौर पर महिला नेता शामिल रहेंगी। उन्होंने कहा कि कनाडा ऐसे नागरिकों की मदद करेगा जिन्होंने बेहद मुश्किल दौर में अफगानिस्तान में हमारी मदद की। अफगानिस्तान में हजारों लोगों के जीवन पर संकट आ गया है और कई लोग यहां से भाग चुके हैं। 
 

अमेरिका अपने दूतावास के कर्मचारियों को निकालेगा
वहीं, अमेरिका भी अपने कर्मचारियों को दूतावास से निकालेगा। पेंटागन के प्रेस सचिव जॉन किर्बी ने बताया कि अमेरिकी रक्षा विभाग काबुल से दूतावास के कर्मचारियों को निकालने के लिए अफगानिस्तान में सेना भेजेगा।

साथ ही कहा कि अगले 24-48 घंटों में काबुल हवाई अड्डे पर तीन पैदल सेना की बटालियनों को उतारा जाएगा। इनमें सैनिकों की संख्या 3,000 है। साथ ही कहा कि कतर में 3500 सैनिक स्टैंडबाई पर रहेंगे ताकि अफगानिस्तान से अमेरीकियों की वापसी को लेकर कोई भी दिक्कत होने पर एक्शन में आ जाएंगे। 

तालिबान को मान्यता देने की तैयारी में है चीन
अमेरिकी रिपोर्ट के मुताबिक, यदि आतंकी समूह काबुल में लोकतांत्रिक ढंग से चुनी गई सरकार पर हावी होता है तो तालिबान को चीन अफगानिस्तान में कानूनी शासन के बतौर मान्यता देने के लिए तैयार है। लांग वॉर जर्नल की रिपोर्ट में कहा गया है कि तालिबान आतंकी अफगानिस्तान के बड़े हिस्से पर काबिज हो चुके हैं और चीन से मिलकर रणनीति बना चुके हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पहले से तालिबान की 73 जिलों पर मजबूत पकड़ थी। अब उसने 160 से अधिक जिलों को अपने कब्जे में ले लिया है। 


घटनाक्रम को गहरी चिंता के साथ देख रहे गुटेरस
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुटेरस अफगानिस्तान में घटनाक्रम पर गहरी चिंता के साथ देख रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि दोहा में अफगानिस्तान सरकार और तालिबान के बीच चर्चा बातचीत के जरिये संघर्ष के समाधान का मार्ग बहाल करेगी। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता ने बताया कि गुटेरस हेरात और कंधार में हुई लड़ाई के मामले को भी गंभीरता से देख रहे हैं। उन्होंने कहा, हम शहरी इलाकों में लड़ाई पहुंच जाने को लेकर खास तौर पर चिंतित हैं जहां नागरिकों को नुकसान पहुंचने की आशंका कहीं ज्यादा है।

चमन सीमा पर पाक सेना की अफगानों से भिड़ंत
तालिबान द्वारा सीमा क्षेत्र को बंद किए जाने के विरोध में चमन सीमा पर प्रदर्शन कर रहे अफगान नागरिकों के साथ पाकिस्तानी सेना की भिड़ंत हो गई है। भिड़ंत इतनी गंभीर थी कि अफगानी नागरिकों पर सेना ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज भी किया। पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, यह झड़प तब शुरू हुई जब 56 वर्षीय एक अफगान यात्री की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई, क्योंकि वह बलोचिस्तान प्रांत की सीमा से होकर अफगानिस्तान में प्रवेश करने के लिए धूल भरी गर्मी में इंतजार कर रहा था। प्रदर्शनकारी सीमा को फिर से खोलने की मांग करते हुए शव को स्थानीय पाक दफ्तर ले गए थे।


 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed