फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   UK support new permanent seats for India, Germany, Japan at UNSC

UNSC Expansion: भारत समेत इन देशों को मिले सुरक्षा परिषद की स्थाई सीटें, ब्रिटेन ने यूएन में की मांग

Fri, 18 Nov 2022 09:40 AM IST
सुरेंद्र जोशी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Fri, 18 Nov 2022 09:40 AM IST
सार

बारबरा वुडवर्ड ने कहा कि ब्रिटेन लंबे समय से सुरक्षा परिषद के विस्तार की मांग कर रहा है। हम भारत, जर्मनी, जापान और ब्राजील के लिए नई स्थायी सीटों की व्यवस्था के साथ-साथ स्थायी अफ्रीका के स्थाई प्रतिनिधित्व का भी समर्थन करते हैं। 

विज्ञापन
UK support new permanent seats for India, Germany, Japan at UNSC
यूएन में ब्रिटेन की स्थायी प्रतिनिधि बारबरा वुडवर्ड - फोटो : video grab

विस्तार

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के विस्तार और भारत को स्थाई सदस्यता की लंबे से उठ रही मांग का ब्रिटेन भी समर्थन किया है। यूएन में ब्रिटेन की स्थायी प्रतिनिधि बारबरा वुडवर्ड ने भारत, जर्मनी, जापान और ब्राजील के लिए नई स्थाई सीटों की मांग की है। 

विज्ञापन

बारबरा वुडवर्ड ने कहा कि ब्रिटेन लंबे समय से सुरक्षा परिषद के विस्तार की मांग कर रहा है। हम भारत, जर्मनी, जापान और ब्राजील के लिए नई स्थायी सीटों की व्यवस्था के साथ-साथ स्थायी अफ्रीका के स्थाई प्रतिनिधित्व का भी समर्थन करते हैं। 
विज्ञापन

 

बता दें, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के वर्तमान में पांच स्थाई सदस्य हैं। इनमें अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस व ब्रिटेन शामिल हैं। वैश्विक आबादी व अर्थव्यवस्था व नई भू राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए स्थाई सदस्य देशों की संख्या बढ़ाने की मांग लंबे समय से हो रही है। 


जी4 देशों की ओर से भारत ने की मांग
संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने भी गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) में जी-4 की तरफ से अपना बयान दिया। इसमें उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में समान प्रतिनिधित्व पर जोर दिया। कंबोज ने ट्वीट कर बताया कि "आज मैंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में समान प्रतिनिधित्व पर यूएनजीए में जी-4 की तरफ से बयान दिया। लंबे समय से सुरक्षा परिषद में सुधार रुका हुआ है, प्रतिनिधित्व में कमी अधिक है, जो सुरक्षा परिषद की वैधता और प्रभावशीलता के लिए एक अपरिहार्य पूर्व शर्त है।"

जी4 देशों में ब्राजील, जर्मनी, जापान और भारत शामिल है। जी-4 देशों की ओर से बोलते हुए कंबोज ने कहा कि यह भी ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि इस वर्ष के उच्च स्तरीय सप्ताह के दौरान, जिसमें 77वीं महासभा की आम बहस भी शामिल है, 70 से अधिक देश और सरकार के प्रमुखों और उच्च स्तरीय सरकारी प्रतिनिधियों ने इस बात को रेखांकित किया है कि इस सत्र के दौरान सुरक्षा परिषद में सुधार हमारी प्राथमिकताओं में से एक होना चाहिए। इस विषय के लिए यह व्यापक समर्थन इसकी प्रासंगिकता और तात्कालिकता की पुष्टि करता है।


40 साल बाद भी समान प्रतिनिधित्व नहीं : कंबोज
कंबोज ने कहा कि सुरक्षा परिषद में समान प्रतिनिधित्व को 40 साल पहले महासभा के एजेंडे में शामिल किया गया था। लेकिन यह खेदजनक है कि चार दशकों के बाद भी इस मुद्दे पर काम करने के लिए कुछ भी ठोस उपाय नहीं किए गए हैं। नतीजतन, सुरक्षा परिषद अभी भी वर्तमान भू-राजनीतिक परिदृश्य को प्रतिबिंबित नहीं करती है। इसके विपरीत, कई अन्य अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों ने परिवर्तन और अनुकूलन के लिए प्रयास किए। सुरक्षा परिषद को इससे बाहर करने का कोई कारण नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed