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UK: ब्रिटेन की पहली अश्वेत महिला सांसद को लेकर छिड़ा विवाद, पीएम सुनक ने भी उठाया मुद्दा

Wed, 29 May 2024 09:25 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लंदन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: नितिन गौतम Updated Wed, 29 May 2024 09:25 PM IST
सार

जब इस बारे में लेबर पार्टी के नेता कीर स्टर्मर से सवाल किया गया तो उन्होंने एबॉट के चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध की बात से इनकार किया, लेकिन ये कहा कि अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है और जांच चल रही है। 

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UK Row over electoral prospects of Britain first black woman MP rishi sunak
ऋषि सुनक - फोटो : ANI

विस्तार

ब्रिटेन की पहली अश्वेत महिला सांसद को लेकर लेबर पार्टी के भीतर विवाद छिड़ गया है। दरअसल पार्टी की आंतरिक अनुशासन प्रक्रिया के बाद ब्रिटेन की पहली अश्वेत महिला सांसद डायने एबॉट के फिर से चुनाव लड़ने की संभावनाओं पर प्रश्नचिन्ह लग गए हैं। डायने एबॉट का आरोप है कि उन्हें बतौर लेबर पार्टी उम्मीदवार चुनाव लड़ने से रोक दिया गया है। दावा है कि नस्लवाद को लेकर उनकी टिप्पणी के चलते ऐसा किया जा रहा है। 
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अश्वेत सांसद ने कही ये बात
डायने एबॉट साल 1987 में पहली बार हैकनी नॉर्थ और स्टोक न्यूइंगटन से सांसद चुनी गईं थी। वह ब्रिटेन की पहली अश्वेत महिला सांसद हैं। 70 वर्षीय एबॉट ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि 'संसदीय लेबर पार्टी का सदस्य बनने में मुझे खुशी होगी और मैं लेबर पार्टी की जीत के लिए प्रचार करूंगी, लेकिन कुछ रिपोर्ट्स में बताया गया है कि मेरी उम्मीदवारी पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, जिससे मैं निराश हूं।' जब इस बारे में लेबर पार्टी के नेता कीर स्टर्मर से सवाल किया गया तो उन्होंने एबॉट के चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध की बात से इनकार किया, लेकिन ये कहा कि अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है और जांच चल रही है। 
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पीएम ऋषि सुनक भी विवाद में कूदे
प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने भी इस मुद्दे पर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि 'लेबर पार्टी को एबॉट से जुड़े मुद्दे पर अपना पक्ष साफ करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लेबर पार्टी कह रही है कि एबॉट मामले की जांच चल रही है, लेकिन ऐसा लगता है कि यह जांच महीनों पहले ही समाप्त हो गई थी।'
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क्या है विवाद
दरअसल एबॉट ने पिछले साल अप्रैल में ऑब्जर्वर में लिखे एक लेख में बताया था कि आयरिश, यहूदी लोगों को ब्रिटेन में पूर्वाग्रहों से जूझना पड़ता है और यह एक तरह से नस्लवाद के समान है। एबॉट के इस दावे के बाद पार्टी ने जांच शुरू की थी। हालांकि बाद में एबॉट ने अपनी टिप्पणी के लिए माफी भी मांग ली थी। 

 
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