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ब्रिटिश पीएम जॉनसन को ब्रेग्जिट पर दूसरा झटका, समय से पहले चुनाव की मांग खारिज

Thu, 05 Sep 2019 01:47 AM IST
देव कश्यप वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: देव कश्यप Updated Thu, 05 Sep 2019 01:47 AM IST
सार

  • ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने देश में समय से पहले चुनाव कराने के लिए मतदान की मांग की
  • बोरिस जॉनसन को ब्रेक्जिट मामले में बुधवार को संसद में दूसरा झटका लगा
  • सांसदों ने बिना किसी समझौते के ब्रेक्जिट को रोकने संबंधी विधेयक को समर्थन दे दिया

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UK Prime Minister Boris Johnson calls vote on holding early elections after Brexit defeat
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन - फोटो : ANI

विस्तार

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने ब्रेक्जिट पर शिकस्त के बाद बुधवार को देश में समय से पहले चुनाव कराने के लिए मतदान की मांग की, जिसे ब्रिटिश संसद ने खारिज कर दिया। इस तरह ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को ब्रेक्जिट मामले में बुधवार को संसद में दूसरा झटका लगा। 

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दरअसल, सांसदों ने बिना समझौते के ब्रेग्जिट वाले विधेयक को खारिज कर दिया। इस हार के कारण अगले महीने ब्रिटेन में आम चुनाव की संभावना बढ़ गई है। विपक्षी सांसदों और टोरी दल के विद्रोहियों ने ब्रिटेन को बिना डील के यूरोपीय यूनियन से बाहर जाने से रोकने के लिए 300 के मुकाबले 329 मतों से बिल को पास कर दिया।
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इस बिल के पास होने से बोरिस जॉनसन को यूरोपीय यूनियन को यह कहने के लिए बाध्य होना पड़ेगा कि यदि अक्तूबर के मध्य तक अलगाव नहीं होता, तो वह ब्रेग्जिट की समय सीमा 31 अक्तूबर तक बढ़ा दे। जॉनसन आम चुनाव 15 अक्तूबर तक करवाने की चेतावनी दे चुके हैं।

ब्रिटिश संसद में जॉनसन को दूसरा झटका उस वक्त लगा, जब बिल के मुख्य सिद्धांतों का परीक्षण चल रहा था। इस बिल पर बहस जारी है। इससे पहले ब्रिटिश प्रधानमंत्री को मंगलवार को संसद में उस वक्त शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा था, जब वह मामूली बहुमत भी गंवा बैठे। इससे पहले जॉनसन की पार्टी के सांसद फिलिप ने दल बदल कर उनकी समस्या बढ़ा दी थी, जिससे उन्होंने बहुमत खो दिया। कंजर्वेटिव पार्टी के विद्रोही सांसदों ने भी विपक्षी सांसदों के साथ बिना समझौते के ब्रेेग्जिट के खिलाफ वोट किया था।


सांसदो ने ब्रेग्जिट की तिथि आगा बढ़ाने के लिए मतदान में भी जॉनसन को मात दी। ब्रेग्जिट डिले बिल को 300 के मुकाबले 329 मतो से सांसदों ने अपने नाम कर लिया। हालांकि अभी यह तय नहीं है कि ब्रेग्जिट की अंतिम तिथि क्या रखी जाए, जो फिलहाल 31 अक्तूबर के रूप में घोषित है। बोरिस जॉनसन इस वादे के साथ प्रधानमंत्री बने थे कि अगर 31 अक्टूबर तक ब्रेक्जिट पर समझौता नहीं हुआ तो भी ब्रिटेन यूरोपीय संघ से अलग हो जाएगा, जबकि विरोधी चाहते हैं कि यह समयसीमा बढ़ायी जाए।

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