फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   UK PM Sunak First Lady Akshata speak of pride after Padma Bhushan for Sudha Murty

UK: सुधा मूर्ति को पद्म भूषण से सम्मानित किए जाने पर ऋषि और अक्षता ने जताया गर्व, सोशल मीडिया पर कही ये बात

Fri, 07 Apr 2023 06:58 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 07 Apr 2023 06:58 PM IST
सार

ब्रिटेन की प्रथम महिला अक्षता मूर्ति पद्म सम्मान समारोह में मौजूद थीं और बाद में उन्होंने अपनी मां सुधा मूर्ति और पिता नारायण मूर्ति (इंफोसिस के सह-संस्थापक) के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया।

विज्ञापन
UK PM Sunak First Lady Akshata speak of pride after Padma Bhushan for Sudha Murty
अक्षता मूर्ति-ऋषि सुनक। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और उनकी पत्नी अक्षता मूर्ति ने लेखिका सुधा मूर्ति को राष्ट्रपति भवन में पद्म भूषण से सम्मानित किए जाने पर गर्व जताया है। 10 डाउनिंग स्ट्रीट की प्रथम महिला अक्षता समारोह में मौजूद थीं और बाद में उन्होंने अपनी मां सुधा मूर्ति और पिता नारायण मूर्ति (इंफोसिस के सह-संस्थापक) के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया। उनके पति ऋषि सुनक ने अपनी पत्नी के पोस्ट का जवाब देते हुए कहा कि यह गर्व का दिन है। सुनक, ब्रिटेन के पहले भारतीय मूल के प्रधानमंत्री हैं। 

विज्ञापन


अपनी मां को यह पुरस्कार मिलने के बाद अक्षता मूर्ति ने गुरुवार को ट्विटर पर पोस्ट में कहा, कल मैंने गर्व के साथ देखा कि मेरी मां को भारत की राष्ट्रपति से पद्म भूषण मिला है, जिसे शब्दों में बयां नहीं सकता। अक्षता ने लिखा, पिछले महीने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर मैंने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित से लेकर कहानी कहने तक की अपनी मां की असाधारण यात्रा पर विचार किया, लेकिन उनके धर्मार्थ और स्वयंसेवा प्रयासों ने मेरे लिए उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा के रूप में काम किया है।

विज्ञापन


यह भी पढ़ें: Padma Awards: राष्ट्रपति मुर्मू ने सौंपे पद्म पुरस्कार, तस्वीरों में देखें किस-किस को मिला सम्मान
विज्ञापन
विज्ञापन


अक्षता ने आगे कहा कि उन्होंने उन कई तरीकों पर जोर दिया, जिनमें उनकी मां ने लोगों का समर्थन किया है, जिसमेंम साक्षरता को बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करना और प्राकृतिक आपदाओं के बाद देश के दूरदराज के इलाकों में रहने वालों के लिए तत्काल राहत और मदद करना शामिल है। 


उन्होंने आगे कहा, उनके उदाहरण ने स्वेच्छा से काम करना, सीखना और सुनना हमारे दिल में डाल दिया है। 10 डाउनिंग स्ट्रीट में मैं ऐसे ही जीने की उम्मीद करती हूं। अक्षता ने कहा कि मेरी मां पहचान के लिए नहीं जीती हैं। उसी पर उनके पति ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने इमोजी के साथ प्रतिक्रिया देते हुए टिप्पणी की, एक गर्व का दिन। उनके भाई रोहन मूर्ति ने भी अपने सोशल मीडिया पोस्ट में अपनी मां की प्रशंसा करते हुए उन्हें अपने जीवन में एक सकारात्मक शक्ति बताया। अपने परिवार की मौजूदगी में आयोजित समारोह में अपने भाषण में सुधा मूर्ति ने बिना शर्त समर्थन के लिए भारत के लोगों को धन्यवाद दिया। 

उन्होंने कहा, मैं इस पुरस्कार का श्रेय देश के लोगों को देती हूं। मुझे उम्मीद है कि आज मुझे मिली पहचान युवा पीढ़ी को सामाजिक कल्याण को एक व्यवसाय के रूप में लेने के लिए प्रेरित करेगी। हमारे महान राष्ट्र के निरंतर विकास के लिए इसकी आवश्यकता है। मुझे हमेशा लगता है कि कुछ लोगों की उदारता लाखों लोगों के लिए उम्मीद जगाती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed