UK: सुधा मूर्ति को पद्म भूषण से सम्मानित किए जाने पर ऋषि और अक्षता ने जताया गर्व, सोशल मीडिया पर कही ये बात
ब्रिटेन की प्रथम महिला अक्षता मूर्ति पद्म सम्मान समारोह में मौजूद थीं और बाद में उन्होंने अपनी मां सुधा मूर्ति और पिता नारायण मूर्ति (इंफोसिस के सह-संस्थापक) के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया।
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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और उनकी पत्नी अक्षता मूर्ति ने लेखिका सुधा मूर्ति को राष्ट्रपति भवन में पद्म भूषण से सम्मानित किए जाने पर गर्व जताया है। 10 डाउनिंग स्ट्रीट की प्रथम महिला अक्षता समारोह में मौजूद थीं और बाद में उन्होंने अपनी मां सुधा मूर्ति और पिता नारायण मूर्ति (इंफोसिस के सह-संस्थापक) के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया। उनके पति ऋषि सुनक ने अपनी पत्नी के पोस्ट का जवाब देते हुए कहा कि यह गर्व का दिन है। सुनक, ब्रिटेन के पहले भारतीय मूल के प्रधानमंत्री हैं।
अपनी मां को यह पुरस्कार मिलने के बाद अक्षता मूर्ति ने गुरुवार को ट्विटर पर पोस्ट में कहा, कल मैंने गर्व के साथ देखा कि मेरी मां को भारत की राष्ट्रपति से पद्म भूषण मिला है, जिसे शब्दों में बयां नहीं सकता। अक्षता ने लिखा, पिछले महीने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर मैंने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित से लेकर कहानी कहने तक की अपनी मां की असाधारण यात्रा पर विचार किया, लेकिन उनके धर्मार्थ और स्वयंसेवा प्रयासों ने मेरे लिए उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा के रूप में काम किया है।
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अक्षता ने आगे कहा कि उन्होंने उन कई तरीकों पर जोर दिया, जिनमें उनकी मां ने लोगों का समर्थन किया है, जिसमेंम साक्षरता को बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करना और प्राकृतिक आपदाओं के बाद देश के दूरदराज के इलाकों में रहने वालों के लिए तत्काल राहत और मदद करना शामिल है।
उन्होंने आगे कहा, उनके उदाहरण ने स्वेच्छा से काम करना, सीखना और सुनना हमारे दिल में डाल दिया है। 10 डाउनिंग स्ट्रीट में मैं ऐसे ही जीने की उम्मीद करती हूं। अक्षता ने कहा कि मेरी मां पहचान के लिए नहीं जीती हैं। उसी पर उनके पति ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने इमोजी के साथ प्रतिक्रिया देते हुए टिप्पणी की, एक गर्व का दिन। उनके भाई रोहन मूर्ति ने भी अपने सोशल मीडिया पोस्ट में अपनी मां की प्रशंसा करते हुए उन्हें अपने जीवन में एक सकारात्मक शक्ति बताया। अपने परिवार की मौजूदगी में आयोजित समारोह में अपने भाषण में सुधा मूर्ति ने बिना शर्त समर्थन के लिए भारत के लोगों को धन्यवाद दिया।
उन्होंने कहा, मैं इस पुरस्कार का श्रेय देश के लोगों को देती हूं। मुझे उम्मीद है कि आज मुझे मिली पहचान युवा पीढ़ी को सामाजिक कल्याण को एक व्यवसाय के रूप में लेने के लिए प्रेरित करेगी। हमारे महान राष्ट्र के निरंतर विकास के लिए इसकी आवश्यकता है। मुझे हमेशा लगता है कि कुछ लोगों की उदारता लाखों लोगों के लिए उम्मीद जगाती है।
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