Epstein Case: यौन अपराधी एपस्टीन से रिश्तों के लिए ब्रिटिश राजदूत बर्खास्त, पीएम कीर स्टार्मर का सख्त फैसला
यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से गहरे संबंधों के खुलासे के बाद ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने अमेरिका में तैनात राजदूत पीटर मैंडेलसन को बर्खास्त कर दिया। इस बात की जानकारी हाउस ऑफ कॉमन्स में विदेश मंत्रालय के मंत्री स्टीफन डाउटी ने दी।
विस्तार
अमेरिका में यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के मामले में चर्चा थमने का नाम नहीं ले रही है। इसी सिलसिले में अब ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने भी एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। इसके तहत स्टार्मर ने अमेरिका में तैनात ब्रिटिश राजदूत पीटर मैंडेलसन को बर्खास्त कर दिया है। यह फैसला उस वक्त लिया गया जब पीटर मैंडेलसन और यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के बीच हुई ईमेल पर बातचीत सार्वजनिक हुई।
विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी
गुरुवार को हाउस ऑफ कॉमन्स में विदेश मंत्रालय के मंत्री स्टीफन डाउटी ने इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन नए ईमेल्स से यह साफ होता है कि मैंडेलसन और एपस्टीन के रिश्ते पहले की जानकारी से कहीं ज्यादा गहरे थे।
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साथ ही विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में ये भी कहा गया कि इन नए तथ्यों के आधार पर प्रधानमंत्री स्टार्मर ने विदेश सचिव से कहा है कि वे पीटर मैंडेलसन को राजदूत पद से हटा दें। बता दें कि पीटर मैंडेलसन की एपस्टीन से करीबी पहले भी चर्चा में रही थी, लेकिन हाल ही में सामने आए ईमेल्स से उनके रिश्तों की गंभीरता और स्पष्ट हो गई है। इसी वजह से यह सख्त कदम उठाया गया।
ईमेल्स से गहराई का हुआ खुलासा
विदेश मंत्रालय ने बताया कि इन ईमेल्स से मैंडेलसन और एपस्टीन के रिश्तों की गहराई और प्रकृति पहले की जानकारी से काफी अलग और गंभीर है। यह सब तब सामने आया जब प्रधानमंत्री के अगले सप्ताह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ब्रिटेन यात्रा की तैयारियां चल रही हैं।
अमेरिका में ब्रिटेन के अगले राजदूत कौन?
मैंडेलसन को बर्खास्त करने के बाद अब वॉशिंगटन में यूके के डिप्टी हेड ऑफ मिशन जेम्स रोसको को अंतरिम राजदूत नियुक्त किया गया है। गौर करने वाली बात ये है कि इस विवाद से ठीक एक दिन पहले ही पीएम स्टार्मर ने कहा था कि उन्हें मैंडेलसन पर पूरा भरोसा है। लेकिन नया खुलासा सामने आने के बाद उन्हें तुरंत कार्रवाई करनी पड़ी।
पीटर मैंडेलसन का विवादों से पुराना नाता
मैंडेलसन कोई नए विवादों में नहीं हैं। वे पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर की सरकार में दो बार मंत्रिपद से इस्तीफा दे चुके हैं (1998 और 2001)। बाद में वे यूरोपीय यूनियन में कमिश्नर भी बने और फिर गॉर्डन ब्राउन की सरकार में लौटे। इतना ही नहीं एक समय में उन्होंने ट्रंप को दुनिया के लिए खतरा भी कहा था, जिसे बाद में उन्होंने इसे अपनी गलती बताया।
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क्या है एपस्टीन का मामला, समझिए
गौरतलब है कि जेफ्री एपस्टीन एक करोड़पति फाइनेंसर था, जिस पर किशोरियों को यौन शोषण और यौन तस्करी में शामिल करने का आरोप था। 2019 में एपस्टीन को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन मैनहटन जेल में मुकदमे का सामना करने से पहले उसने खुदकुशी कर ली।
हालांकि इससे पहले 2008 में उसने फ्लोरिडा में संघीय अभियोजकों के साथ गुप्त सौदा किया था, जिससे गंभीर आरोपों से बच निकला था। उस पर आरोप था कि वह नाबालिग लड़कियों को मसाज के नाम पर पैसे देकर यौन शोषण करता था। एपस्टीन की मौत के बाद से यह मामला अमेरिकी राजनीति में बड़ा मुद्दा बन गया। कई लोग मानते हैं कि उसकी मौत संदिग्ध हालात में हुई और असली गुनहगारों को बचाया गया।