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जुलियन असांजे को अमेरिका ले जाने का रास्ता साफ, ब्रिटेन ने प्रत्यर्पण को दी मंजूरी

Thu, 13 Jun 2019 03:53 PM IST
गौरव द्विवेदी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: गौरव द्विवेदी Updated Thu, 13 Jun 2019 03:53 PM IST
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UK Home Secretary signed a request for Julian Assange to be extradited to US
जुलियन असांजे (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

ब्रिटेन के गृह सचिव साजिद जाविद ने बृहस्पतिवार को पुष्टि करते हुए कहा कि उन्होंने विकीलीक्स के सह-संस्थापक जूलियन असांजे को अमेरिका में प्रत्यर्पित करने के अनुरोध पर हस्ताक्षर किए हैं, जहां असांजे अमेरिकी अदालतों में कंप्यूटर हैकिंग के आरोपों का सामना कर रहे हैं। वरिष्ठ पाकिस्तानी मूल के मंत्री ने कहा कि अब ब्रिटेन के न्यायालयों को प्रत्यर्पित करने संबंधी निर्णय करने के लिए विश्लेषण करना होगा कि असांजे को अमेरिका के प्रत्यर्पण के लिए सभी आवश्यक परीक्षणों को पूरा किया जाए। 

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जावीद ने बीबीसी को बताया कि ‘वह सलाखों के पीछे है। अमेरिका से प्रत्यर्पण का अनुरोध शुक्रवार से पहले का है, लेकिन मैंने बुधवार को प्रत्यर्पण आदेश पर हस्ताक्षर कर इसे प्रमाणित किया है और यह कल अदालतों के समक्ष होगा।’उन्होंने कहा कि ‘यह अंतत: अदालतों के लिए एक निर्णय है, लेकिन गृह सचिव के तौर पर यह बहुत महत्वपूर्ण निर्णय है और मैं हर समय न्याय करना चाहता हूं और हमें एक वैध प्रत्यर्पण अनुरोध मिला है, इसलिए मैंने हस्ताक्षर किए हैं।’
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असांजे, अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा 18-गिनती के अभियोग का सामना कर रहे हैं। वे वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेटों के समक्ष पेश होने के समय बहुत बीमार थे। पिछले महीने उनकी अदालत में सुनवाई हुई थी और अब उनकी अगली सुनवाई लंदन में उच्च सुरक्षा वाली बेल्मार्स जेल में होने की उम्मीद है। जहां उसे ठहराया जा रहा है। शराब कारोबारी विजय माल्या और हीरा व्यापारी नीरव मोदी सहित कई हाई-प्रोफाइल भारतीय प्रत्यर्पण अनुरोधों की अध्यक्षता करने वाली मुख्य दंडाधिकारी एम्मा अर्बुथनोट आज इस मामले की सुनवाई करेंगी।
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यूके गृह कार्यालय का बयान

भारत-ब्रिटेन प्रत्यर्पण संधि के विपरीत, यूएस-यूके संधि में प्रत्यर्पण के लिए एक अपेक्षाकृत सरल कानूनी प्रक्रिया है। इसके तहत अनुरोध करने वाले राज्य को ब्रिटिश अदालतों के समक्ष अभियुक्तों के खिलाफ एक विस्तृत प्राईम फैसिलिटी स्थापित करने की आवश्यकता नहीं है। यूके के गृह कार्यालय के एक बयान में कहा गया कि ‘हमें पूर्ण प्रत्यर्पण अनुरोध मिला है, जिसे गृह सचिव द्वारा प्रमाणित किया गया है। यह मामला अब अदालत के समक्ष है और इस मामले में आगे टिप्पणी करना अनुचित होगा।’

क्या था असांजे के ऊपर लगा आरोप

अमेरिकी जासूसी अधिनियम के तहत 47 वर्षीय ऑस्ट्रेलियाई नागरिक असांजे के खिलाफ आरोपों में सरकारी कंप्यूटर में हैक करने की साजिश रचने और जानकारी को प्रकाशित करने का आरोप लगाया गया है। हालांकि असांजे अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों का लगातार खंडन कर रहे हैं। उनके समर्थकों ने अमेरिका और ब्रिटेन की सरकारों पर मुक्त भाषण के साथ हमले का आरोप लगाया है।


इससे पहले इक्वाडोर के दूतावास में आमंत्रित किए जाने के बाद जूलियन असांजे को ब्रिटिश पुलिस ने गिरफ्तार किया था। असांजे ने स्वीडन में अपने ऊपर लगे यौन शोषण के मामले को खत्म करने से बचने के लिए सात वर्ष पहले दूतावास में शरण ली थी। पुलिस ने कहा कि उन्हें अदालत में आत्मसमर्पण करने में विफल रहने के लिए गिरफ्तार किया गया। इक्वाडोर के राष्ट्रपति लेनिन मोरेनो ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में उनके बार-बार उल्लंघन के बाद इस वर्ष अप्रैल में असांजे की शरण वापस ले ली।

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