UK: ब्रिटेन के आम चुनाव में भारत की धमक, कंजर्वेटिव और लेबर पार्टी के घोषणापत्रों में एफटीए समझौते पर जोर
ब्रिटेन में होने वाले आम चुनाव में नतीजे चाहे किसी भी पार्टी के पक्ष में रहें लेकिन, भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हर पार्टी का ध्यान है। कंजर्वेटिव और लेबर पार्टी के घोषणापत्रों में एफटीए के मुद्दे को प्रमुखता से जगह दी गई है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ब्रिटेन में आम चुनाव के लिए प्रचार अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है। भले ही नतीजे कंजर्वेटिव पार्टी या लेबर पार्टी किसी के भी हक में रहें लेकिन, दोनों पार्टियों ने भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है। आपको बता दें कि भारत और ब्रिटेन के बीच द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने के लिए 38.1 अरब पाउंड के समझौते की दिशा में काम किया जा रहा है। हालांकि, भारत के बाद ब्रिटेन में आम चुनाव की वजह से इस समझौते के लिए अगले दौर की बातचीत रुकी हुई है।
कंजर्वेटिव पार्टी के घोषणापत्र में एफटीए
कंजर्वेटिव पार्टी के घोषणापत्र में ऐलान किया गया है, ‘हम भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देंगे। इसके साथ साथ रक्षा और तकनीक के क्षेत्रों में भी आपसी सहयोग को और मजबूत किया जाएगा।’
लेबर पार्टी का एफटीए को लेकर दावा
उधर, लेबर पार्टी ने अपने घोषणापत्र में इस बात पर जोर दिया है कि उनका ध्यान एफटीए के मुद्दे पर केंद्रित है। लेबर पार्टी ने कहा ‘हम इस समझौते को अंतिम रूप देंगे, क्योंकि कंजर्वेटिव पार्टी ने पूर्व में किए गए दावे के अनुसार एफटीए के लिए तय की गई आखिरी समय सीमा (वर्ष 2022) को पार कर लिया है।’ लेबर पार्टी के नेता डेविड लेमी ने पिछले सप्ताह लंदन में आयोजित किए गए इंडिया ग्लोबल फोरम (आईजीएफ) में कहा था कि एफटीए के समझौते के लिए कई दिवाली आईं और चलीं गईं। इस इस इंतजार में कई व्यवसायों को उनके हालात पर छोड़ दिया गया है। लेमी ने आगे कहा कि भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को मेरा संदेश है कि लेबर पार्टी इस समझौते पर आगे बढ़ने के लिए तैयार है।
भारत और ब्रिटेन के बीच एफटीए को लेकर बातचीत जनवरी 2022 में शुरू हुई थी और इसका उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाना है। चुनाव पूर्व के अधिकतर सर्वेक्षणों में विपक्षी दल लेबर पार्टी आगे दिख रही है। लेबर पार्टी ने मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की प्रतिबद्धता जताई है।