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UK: ब्रिटेन की अपराध एजेंसी को मिली सफलता, दो साल बाद ड्रग्स गिरोह का भंडाफोड़; लाखों की संपत्ति और कैश जब्त

Tue, 16 Jul 2024 10:24 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: पवन पांडेय Updated Tue, 16 Jul 2024 10:24 PM IST
सार

UK: ब्रिटेन की अपराध एजेंसी ने दो साल की लंबी जांच-पड़ताल के बाद भारतीय मूल के गुर्गों से जुड़े एक संगठित आपराधिक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। एजेंसी का कहना है कि वह 'विदेशों में राजनीतिक रूप से उजागर व्यक्तियों' के साथ उनके संबंधों की जांच जारी रखेगी।

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UK crime agency busts drugs gang with Indian-origin operatives
ब्रिटेन की अपराध एजेंसी को मिली सफलता - फोटो : UK NCA Official page

विस्तार

राष्ट्रीय अपराध एजेंसी (एनसीए) ने कहा कि 36 साल का रिकिन्दर हरे, 34 साल का नीलेन बलाराजा और 54 साल हितेश वडोलिया का गिरोह लाखों की नकदी और प्रतिबंधित श्रेणी ए और बी ड्रग वितरण के लिए जिम्मेदार था। ये सभी 1.5 मिलियन जीबीपी के सरकारी अनुदान को धोखाधड़ी से हासिल करने के प्रयास के मामले में भी वांछित थे।
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दो आरोपियों को 14 साल और छह महीने की सजा
इस मामले में जहां सोमवार को नीलेन बलराजा को 13 साल और छह महीने की कैद की सजा सुनाई गई, वहीं पिछले महीने रिकिन्दर हरे को एक साल की कैद की सजा सुनाई गई, जिसे दो साल के लिए निलंबित कर दिया गया और 400 घंटे की सामुदायिक सेवा की सजा सुनाई गई। जबकि तथाकथित कैश कूरियर हितेश वडोलिया पर जीबीपी 270,000 की नकदी के हस्तांतरण के संबंध में कई मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगे थे, लेकिन मुकदमे से पहले ही उसकी मौत हो गई।
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ड्रग्स, मनी लॉन्ड्रिंग से लाखों कमा रहा था गिरोह
मामले में एनसीए की अंतर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार इकाई के वरिष्ठ प्रबंधक जेसन हुल्म ने कहा, यह गिरोह कई अलग-अलग गतिविधियों में संलिप्त था और ड्रग्स, मनी लॉन्ड्रिंग से लाखों कमा रहा था। उन्होंने आगे कहा कि जनता और सार्वजनिक खजाने को होने वाले प्रत्यक्ष खतरे को रोका गया है, लेकिन हमारी जांच में समूह से जुड़े कई व्यक्तियों की पहचान की गई है, इसके साथ ही विदेशों में राजनीतिक रूप से उजागर व्यक्तियों से भी उनके संबंध हैं। हम यह पता लगाने के लिए जांच जारी रखेंगे कि क्या इनमें से कोई भी उनकी आपराधिक गतिविधि से जुड़ा था।
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इस मामले में जनवरी 2022 में जब एनसीए अधिकारियों ने देखा कि नीलेन बलराजा ने हितेश वडोलिया से एक गुच्ची का बॉक्स लिया। इस मौके पर जब उसे रोकने की कोशिश की तो बलराजा ने भागने की कोशिश की और गिरफ्तार करने वाले अधिकारियों पर अपनी कार चढ़ा दी। इस दौरान जांच में ने पाया कि बॉक्स में 20,000 जीबीपी से अधिक नकद था।


टेलीकॉम डेटा की मदद से हुआ खुलासा
वहीं एनसीए जांचकर्ताओं ने टेलीकॉम डेटा के विस्तृत विश्लेषण का उपयोग करते हुए पहचाना कि लंदन मौजूद रिकिन्दर हरे ने एक्सचेंज का आयोजन किया था और जुलाई 2022 में उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद अधिकारियों ने उत्तरी लंदन में बलराजा के घर की तलाशी ली और वहां से काफी मात्रा में नकदी, हर्बल कैनबिस, कोकीन और कई खाली पैकिंग मिलीं, जिनमें कोकीन के अंश पाए गए। एनसीए ने कहा, हरे और बलराजा की गतिविधियों की जांच के बाद मिले साक्ष्यों से अन्य नकदी कूरियरों और अपराध समूह के दूसरे दर्जे के सदस्यों की पहचान हुई, जिनकी पुलिस बलों की तरफ से अलग से जांच की गई है।
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