फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   UK Court decide Hearing on Julian Assange for allegations of espionage in next year

ब्रिटेन: जासूसी के आरोपों में घिरे जूलियन असांजे पर अब अगले साल होगी सुनवाई

Fri, 14 Jun 2019 07:03 PM IST
गौरव द्विवेदी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: गौरव द्विवेदी Updated Fri, 14 Jun 2019 07:03 PM IST
विज्ञापन
UK Court decide Hearing on Julian Assange for allegations of espionage in next year
जूलियन असांजे (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया

ब्रिटेन के जज ने शुक्रवार को विकिलीक्स के सह-संस्थापक जूलियन असांजे के प्रत्यर्पण मामले पर सुनवाई के लिए अगले साल फरवरी का समय तय किया है। असांजे (47) जासूसी के आरोपों में अमेरिका में वांछित हैं। वह 2010 में अफगानिस्तान और इराक में अमेरिकी अभियान से जुड़े गोपनीय सैन्य और कूटनीतिक फाइलें जारी करने के लिए जासूसी कानून के उल्लंघन के आरोपी हैं। फिलहाल वह ब्रिटिश जमानत शर्तों के उल्लंघन के लिए 50 हफ्ते की सजा काट रहे हैं। यह मामला 2012 का है। 

विज्ञापन


बता दें कि इससे पहले गुरुवार को ब्रिटेन के गृह सचिव साजिद जाविद ने यह पुष्टि करते हुए कहा कि उन्होंने विकीलीक्स के सह-संस्थापक जूलियन असांजे को अमेरिका में प्रत्यर्पित करने के अनुरोध पर हस्ताक्षर किए थे। 
विज्ञापन


असांजे, अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा 18-गिनती के अभियोग का सामना कर रहे हैं। वे वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेटों के समक्ष पेश होने के समय बहुत बीमार थे। पिछले महीने उनकी अदालत में सुनवाई हुई थी और अब उनकी अगली सुनवाई लंदन में उच्च सुरक्षा वाली बेल्मार्स जेल में होने की उम्मीद है। जहां उसे ठहराया जा रहा है। शराब कारोबारी विजय माल्या और हीरा व्यापारी नीरव मोदी सहित कई हाई-प्रोफाइल भारतीय प्रत्यर्पण अनुरोधों की अध्यक्षता करने वाली मुख्य दंडाधिकारी एम्मा अर्बुथनोट ने इस मामले की सुनवाई की है।
विज्ञापन
विज्ञापन


हालांकि असांजे अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों का लगातार खंडन कर रहे हैं। उनके समर्थकों ने अमेरिका और ब्रिटेन की सरकारों पर मुक्त भाषण के साथ हमले का आरोप लगाया है। इससे पहले इक्वाडोर के दूतावास में आमंत्रित किए जाने के बाद जूलियन असांजे को ब्रिटिश पुलिस ने गिरफ्तार किया था। असांजे ने स्वीडन में अपने ऊपर लगे यौन शोषण के मामले को खत्म करने से बचने के लिए सात वर्ष पहले दूतावास में शरण ली थी। पुलिस ने कहा कि उन्हें अदालत में आत्मसमर्पण करने में विफल रहने के लिए गिरफ्तार किया गया। इक्वाडोर के राष्ट्रपति लेनिन मोरेनो ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में उनके बार-बार उल्लंघन के बाद इस वर्ष अप्रैल में असांजे की शरण वापस ले ली।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed