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ब्रिटेन: ओमिक्रॉन से संक्रमित की मौत का दावा, पर एक्सपर्ट्स बोले- मरीज कोरोना के नए वैरिएंट की वजह से ही मरा, कहना मुश्किल
Tue, 14 Dec 2021 01:08 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Tue, 14 Dec 2021 01:08 PM IST
सार
Britain Omicron Variant: ब्रिटेन पहला देश है, जिसने ओमिक्रॉन से संक्रमित किसी व्यक्ति की मौत की पुष्टि की है। ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन ने एक वैक्सिनेशन क्लिनिक के दौरे पर इस बारे में आधी-अधूरी जानकारी पेश की थी।
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कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के डर के बीच ब्रिटेन में वैक्सीन लगवाने के लिए कतारें लगने लगीं हैं।
- फोटो : Social Media
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विस्तार
दुनियाभर में कोरोनावायरस के ओमिक्रॉन वैरिएंट का खतरा बढ़ता जा रहा है। अब तक दुनिया के 60 से ज्यादा देशों में कोरोना के इस नए स्वरूप के केस मिल चुके हैं। हालांकि, इससे होने वाली मौतों के आंकड़े अभी साफ नहीं हैं। एक दिन पहले ही ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने ओमिक्रॉन से संक्रमित पहले व्यक्ति की मौत की पुष्टि की थी। तबसे लेकर अब तक दुनियाभर में ओमिक्रॉन के प्रसार को लेकर हड़कंप मचा है। हालांकि, वैज्ञानिकों ने इस डर को ब्रिटिश सरकार की गलतबयानी का नतीजा बता दिया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि पीएम जॉनसन ने कोरोना के नए स्वरूप से संक्रमित व्यक्ति की मौत पर अधिकतर जानकारी तो छिपा ही दी है।
ओमिक्रॉन से मौत पर क्या है वैज्ञानिकों का तर्क?
वैज्ञानिकों ने ब्रिटिश सरकार से अपील की है कि वह ओमिक्रॉन से हुई पहली मौत के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी मुहैया कराए। जैसे उसे कोरोना वैक्सीन के दोनों टीके लगे थे या नहीं, या वह कमजोर इम्युनिटी वाले समूह का हिस्सा था या फिर सच में उसकी मौत के पीछे घातक होता ओमिक्रॉन वैरिएंट ही था।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि कम जानकारी की वजह से लोगों में बेवजह का डर पैदा हो रहा है। उन्होंने कहा कि 'ओमिक्रॉन की वजह से मौत' ये एक बात है और 'ओमिक्रॉन के साथ मौत होना' दूसरी बात। इसे एक उदाहरण से ऐसे समझ सकते हैं- "ओमिक्रॉन किसी को भी हो सकता है। लेकिन क्या संक्रमित के मौत की वजह यह वैरिएंट ही रहा या ओमिक्रॉन से संक्रमित होने के बाद उसका एक्सीडेंट हो गया और उसकी मौत हो गई।" दोनों ही मामलों में व्यक्ति ओमिक्रॉन से संक्रमित था, लेकिन एक केस में मौत की वजह वैरिएंट की वजह से मरा, जबकि दूसरे केस में वह ओमिक्रॉन के साथ मरा।
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ओमिक्रॉन से मौत पर क्या बोले थे ब्रिटिश पीएम?
गौरतलब है कि ब्रिटेन पहला देश है, जिसने ओमिक्रॉन से संक्रमित किसी व्यक्ति की मौत की पुष्टि की है। ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन ने एक वैक्सिनेशन क्लिनिक के दौरे पर कहा था- "सच है कि ओमिक्रॉन की वजह से अस्पताल में भर्ती होने की दर ज्यादा हो रही है और दुखद है कम से कम एक ओमिक्रॉन से संक्रमित मरीज की मौत हो चुकी है।" यह सब जानकारियां देने के बाद जॉनसन ने यह नहीं बताया कि मृतक की उम्र क्या थी और उसे कोई बीमारी थी या नहीं या फिर ओमिक्रॉन उसकी मौत की मुख्य वजह था या गौण।
ब्रिटेन के एक टॉप डॉक्टर ने कहा कि ब्रिटेन में अब तक कोरोना से मरने वालों की जो औसत उम्र रही है और एक मरीज के ओमिक्रॉन के साथ मरने की जो खबरें आ रही हैं, उससे साफ है कि इस वैरिएंट से डरने की कोई खास बात नहीं है और सरकार को डर बढ़ाने के बजाय इसे दूर करने पर ध्यान देना चाहिए। हो सकता है कि कोई व्यक्ति ओमिक्रॉन से संक्रमित पाया गया हो और वह नींद में ही हार्ट अटैक की वजह से जान गंवा बैठा हो। इसलिए ओमिक्रॉन से मौत की बातें बेवजह डर फैलाने वाली हैं।
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ओमिक्रॉन से मौत पर क्या है वैज्ञानिकों का तर्क?
वैज्ञानिकों ने ब्रिटिश सरकार से अपील की है कि वह ओमिक्रॉन से हुई पहली मौत के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी मुहैया कराए। जैसे उसे कोरोना वैक्सीन के दोनों टीके लगे थे या नहीं, या वह कमजोर इम्युनिटी वाले समूह का हिस्सा था या फिर सच में उसकी मौत के पीछे घातक होता ओमिक्रॉन वैरिएंट ही था।
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एक्सपर्ट्स का कहना है कि कम जानकारी की वजह से लोगों में बेवजह का डर पैदा हो रहा है। उन्होंने कहा कि 'ओमिक्रॉन की वजह से मौत' ये एक बात है और 'ओमिक्रॉन के साथ मौत होना' दूसरी बात। इसे एक उदाहरण से ऐसे समझ सकते हैं- "ओमिक्रॉन किसी को भी हो सकता है। लेकिन क्या संक्रमित के मौत की वजह यह वैरिएंट ही रहा या ओमिक्रॉन से संक्रमित होने के बाद उसका एक्सीडेंट हो गया और उसकी मौत हो गई।" दोनों ही मामलों में व्यक्ति ओमिक्रॉन से संक्रमित था, लेकिन एक केस में मौत की वजह वैरिएंट की वजह से मरा, जबकि दूसरे केस में वह ओमिक्रॉन के साथ मरा।
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ओमिक्रॉन से मौत पर क्या बोले थे ब्रिटिश पीएम?
गौरतलब है कि ब्रिटेन पहला देश है, जिसने ओमिक्रॉन से संक्रमित किसी व्यक्ति की मौत की पुष्टि की है। ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन ने एक वैक्सिनेशन क्लिनिक के दौरे पर कहा था- "सच है कि ओमिक्रॉन की वजह से अस्पताल में भर्ती होने की दर ज्यादा हो रही है और दुखद है कम से कम एक ओमिक्रॉन से संक्रमित मरीज की मौत हो चुकी है।" यह सब जानकारियां देने के बाद जॉनसन ने यह नहीं बताया कि मृतक की उम्र क्या थी और उसे कोई बीमारी थी या नहीं या फिर ओमिक्रॉन उसकी मौत की मुख्य वजह था या गौण।
ब्रिटेन के एक टॉप डॉक्टर ने कहा कि ब्रिटेन में अब तक कोरोना से मरने वालों की जो औसत उम्र रही है और एक मरीज के ओमिक्रॉन के साथ मरने की जो खबरें आ रही हैं, उससे साफ है कि इस वैरिएंट से डरने की कोई खास बात नहीं है और सरकार को डर बढ़ाने के बजाय इसे दूर करने पर ध्यान देना चाहिए। हो सकता है कि कोई व्यक्ति ओमिक्रॉन से संक्रमित पाया गया हो और वह नींद में ही हार्ट अटैक की वजह से जान गंवा बैठा हो। इसलिए ओमिक्रॉन से मौत की बातें बेवजह डर फैलाने वाली हैं।