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दुबई के शासक का एलान, पेशेवर विदेशियों को नागरिकता देगा यूएई
Sun, 31 Jan 2021 01:24 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, दुबई
एजेंसी, दुबई
Published by: देव कश्यप
Updated Sun, 31 Jan 2021 01:24 AM IST
सार
- कोरोना संकट से जूझ रही अर्थव्यवस्था में जान फूंकने की कोशिश।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
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विस्तार
यूएई (संयुक्त अरब अमीरात) ने शनिवार को अबू धाबी और दुबई में कुछ विदेशियों को नागरिकता देने की योजना का एलान किया है। यह कदम कोरोना संकट से प्रभावित अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए उठाया गया है। नागरिकता देने वाले विदेशियों में निवेशक, विशेष प्रतिभा वाले लोग, डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, कलाकार, लेखक और उनके परिवार के लोगों समेत अन्य पेशेवर शामिल हैं।
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इससे पहले यूएई ने उन फलस्तीन नागरिकों और अन्य को नागरिकता दी थी जिन्होंने सन 1971 में इसके गठन के बाद देश की सरकार बनाने में योगदान दिया था। दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने शनिवार इस बड़े कदम की घोषणा की। वे देश के प्रधानमंत्री और उपाध्यक्ष के रूप में भी काम करते हैं।
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मकतूम ने कहा कि यह प्रस्ताव कलाकारों, लेखकों, डॉक्टरों, इंजीनियरों और वैज्ञानिकों के साथ-साथ उनके परिवारों को भी नागरिकता देने पर लागू हो सकता है। उन्होंने ट्वीट किया कि जिन लोगों को नागरिकता दी जानी है उन पर फैसला देश के सात अमीरात और संघीय प्रशासन करेंगे। जिनको नागरिकता दी जाएगी वे अपनी पुरानी नागरिकता भी धारण कर सकेंगे। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि जिन्हें यह नागरिकता दी जाएगी उनको क्या यूएई क्रैडल-टू-ग्रेव का भी अधिकार प्रदान किया जाएगा जिसे यूएई अपने नागरिकों को देता है।
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भारतीयों को भी होगा लाभ
यूएई में फिलहाल 90 लाख से अधिक लोगों में से सिर्फ दसवां शख्स ही नागरिक के तौर पर दर्ज है। नवंबर-2020 में यूएई ने विदेशी पेशेवरों को 10 साल का गोल्डन वीजा जारी करने की मंजूरी दी थी। इनमें पीएचडी डिग्रीधारक, चिकित्सक और इंजीनियर आदि शामिल थे। इस कदम से भारतीयों को भी लाभ होने की संभावना है क्योंकि बड़ी संख्या में भारतीय विशेषज्ञ भी यूएई में काम करने जाते हैं।