पहल: इस्राइल में दूतावास खोलने वाला पहला खाड़ी देश बना यूएई
इस्राइल के साथ खाड़ी देशों के संबंध कभी ठीक नहीं रहे, लेकिन व्हाइट हाउस में समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद कई देशों के इस्राइल के साथ संबंधों में सुधार आया है। अब यूएई ने अपना दूतावास भी खोल लिया है।
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संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और इस्राइल के बीच रिश्तों में जमी बर्फ पिघलने के परिणाम अब सामने आ रहे हैं। यूएई ने इस्राइल के तेल अवीव में पहला दूतावास खोल दिया है। खाड़ी के किसी भी देश का अब तक इस्राइल में कोई दूतावास नहीं था। दूतावास के उद्घाटन समारोह में इस्राइल के राष्ट्रपति इसाक हर्गोज भी मौजूद रहे।
ईरान के असहज होने के बाद भी अमेरिका के प्रयासों से पिछले साल यूएई और बहरीन ने अब्राहम समझौते के तहत इस्राइल के साथ संबंधों के सामान्य करने की शुरुआत की थी। तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्राइल के सूडान और मोरक्को के साथ संबंध सामान्य करने में भी योगदान दिया था। इस्राइल के यूएई में एक माह पहले दूतावास खोलने के बाद अब तेल अवीव के स्टाक एक्सचेंज में यूएई का दूतावास खोला गया है।
राष्ट्रपति इसाक हर्गोज ने कहा कि 'दूतावास का खुलना ‘मध्य पूर्व के लिए शांति, समृद्धि और सुरक्षा के भविष्य की ओर हमारी साझा यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।’ इससे दो हफ्ते पहले जून में इस्राइल के विदेश मंत्री यायर लापिड यूएई के दौरे पर गए थे, जहां उन्होंने अबू धाबी में इस्राइल के दूतावास का उद्घाटन किया था। दशकों के गुपचुप संबंधों के बाद पिछले साल इस्राइल और यूएई ने औपचारिक रूप से राजनयिक संबंध स्थापित किए थे।
यूएई के राजदूत मोहम्मद अल खाजा ने अपने देश का झंडा इमारत पर फहराकर इसकी शुरुआत की। इस्राइल के राष्ट्रपति इसाक ने इस अवसर पर कहा कि यह दिन इस्रािल और यूएई के संबधों के लिए मील का पत्थर है। एक साल पहले तक यूएई का इस्राइल में झंडा फहरना एक सपना था, जो आज पूरा हो रहा है।
व्हाइट हाउस में समझौते पर हुए थे हस्ताक्षर
दोनों देशों ने सितंबर में अमेरिका के व्हाइट हाउस लॉन में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। संयुक्त अरब अमीरात का दूतावास तेल अवीव के व्यापारिक जिले के केंद्र में इस्राइल के स्टॉक एक्सचेंज वाले टावर में ही स्थित है। ज्यादातर देश तेल अवीव में ही अपने दूतावास खोलते हैं क्योंकि यरुशलम की स्थिति विवादित है। अमेरिका ने भी 2018 में अपना दूतावास यरुशलम में स्थापित किया था। इस्राइल ने 1967 के युद्ध के समय पूर्वी यरुशलम को अपने नियंत्रण में ले लिया था। उसने इसे अपना हिस्सा बताया जिसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी मान्यता नहीं दी।
यरुशलम में हैं इस्राइल के महत्वपूर्ण कार्यालय
यरूशलम में इस्राइल की संसद, सुप्रीम कोर्ट और कई सरकारी कार्यालय हैं। जबकि फलस्तीनी इसे भविष्य के स्वतंत्र देश की राजधानी बताते हैं। इस्राइल में यूएई के राजदूत मोहम्मद अल खाजा हैं। उन्होंने कहा कि दूतावास ‘हमारी नई साझेदारी पर निर्माण जारी रखने, संवाद बनाए करने, विवाद हल करने, शांति के एक नए प्रतिमान का निर्माण करने और मध्य पूर्व में संघर्ष समाधान के लिए एक मॉडल प्रदान करने का आधार बनेगा।’