UK: भारतीय मूल के लड़के की हत्या के आरोप में दो किशोरों को 34 साल की जेल, अदालत में पांच घंटे तक चली सुनवाई
UK: रोनन कांडा (16 वर्षीय) पर जुलाई 2022 में हमला किया गया था। इसके बाद वेस्ट मिडलैंड्स पुलिस ने घटनास्थल पर ही उसकी मौत के बाद हत्या की जांच शुरू की थी। पोस्टमार्टम से पता चला कि उसकी मौत दो बार चाकू मारे जाने के बाद हुई।
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पिछले साल भारतीय मूल के एक किशोर की चाकू घोंपकर हत्या करने के मामले में दो लोगों को 34 साल की सजा सुनाई गई है। दोनों आरोपी भी किशोर हैं और भारतीय मूल के हैं। घटना इंग्लैंड के वेस्ट मिडलैंड्स के वोल्वरहैम्पन में हुई थी।
रोनन कांडा (16 वर्षीय) पर जुलाई 2022 में हमला किया गया था। इसके बाद वेस्ट मिडलैंड्स पुलिस ने घटनास्थल पर ही उसकी मौत के बाद हत्या की जांच शुरू की थी। पोस्टमार्टम से पता चला कि उसकी मौत दो बार चाकू मारे जाने के बाद हुई, जो गलत पहचान के मामले के रूप में सामने आया।
हत्या के आरोपियों की पहचान प्रबजीत वेधासा (18 वर्षीय) और सुखमन शेरगिल (18 वर्षीय) के रूप में की गई है। वॉल्वरहैम्प्टन क्राउन कोर्ट ने 34 साल की कैद की सजा सुनाई। वेधासा को कम से कम 18 साल और शेरगिल को कम से कम 16 साल जेल की सजा काटनी होगी।
जांच का नेतृत्व करने वाले वेस्ट मिडलैंड्स पुलिस होमिसाइड यूनिट के डिटेक्टिव इंस्पेक्टर एडे जॉर्ज ने कहा, 'एक किशोर को खोने का बेहद दर्द है, लेकिन यह भी जानना कि वह लक्षित लक्ष्य नहीं था जो कि दुख की एक पूरी नई परत जोड़ता है। मैं सोच भी नहीं सकता कि रोनन के परिवार को कितना दुख महसूस हो रहा होगा।'
उन्होंने कहा, 'मुकदमे का सामना कर रहे प्रतिवादी भी इतने छोटे हैं। उन्होंने इस तरह की लापरवाह कार्रवाई की। इस त्रासदी का दुख उनके परिवारों को भुगतना पड़ेगा, क्योंकि वे लंबे समय तक जेल की सजा काटेंगे। जब हमारी सड़कों पर होते हैं तो कोई विजेता नहीं होता है। हम उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करना जारी रखेंगे जो सोचते हैं कि चाकू ले जाना स्वीकार्य है।'
पुलिस ने कहा, कांडा अपने एक दोस्त के घर से थोड़ी देर की पैदल दूरी पर था, जहां वह प्ले स्टेशन कंट्रोलर (वीडियो) लेने गया था। उसका पीछा किया गया। वेधासा ने ऑनलाइन खरीदे गए हथियारों से पीछे से उस पर हमला किया। रोनन पूरी तरह से हैरान और खुद का बचाव करने में सक्षम नहीं था। सड़क पर गिरने से पहले वह लड़खड़ा गया और मदद के लिए बुलाया। अफसोस की बात है कि रोनन की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
बाद में यह सामने आया कि रोनन पर हमला उसके ही दस्तों ने किया था, जो पिछले मौके पर सके साथ लड़ चुका था। पुलिस जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि वेधासा ने हमला किया था, जिससे रोहन की मौत हो गई, शेरगिल ने हत्या के मामले में मदद की थी। वोल्वरहैम्पटन क्राउन कोर्ट में पांच सप्ताह तक मामले पर सुनवाई चली।