भारत-अमेरिका के बीच टू प्लस टू वार्ता आज, सुरक्षा संबंधों पर महत्वपूर्ण करार संभव
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अमेरिकी धरती पर पहली बार भारत और अमेरिका के बीच आज टू प्लस टू वार्ता होगी। वाशिंगटन डीसी में आयोजित होने वाली इस वार्ता में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। उम्मीद लगाई जा रही है कि यह वार्ता बेहद गुणवत्तापूर्ण और असरदार होगी।
Second India-US 2+2 Ministerial Dialogue to be held in Washington, DC today. Defence Minister Rajnath Singh & External Affairs Minister (EAM) Dr S Jaishankar, to lead Indian delegation. (File pics) pic.twitter.com/h31ntWU7Aq
— ANI (@ANI) December 18, 2019विज्ञापन
वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, इस दौरान द्विपक्षीय सुरक्षा संबंधों को बढ़ाने को लेकर कुछ महत्वपूर्ण समझौते होने की भी उम्मीद है। इसमें जनरल सिक्योरिटी ऑफ मिलिट्री इंफर्मेशन एग्रीमेंट (जीएसओएमआईए-आईएसए) करार के अलावा लंबित रक्षा सौदों जैसे एमएच-60आर हेलिकॉप्टर, एमके-45 गन और अन्य सुरक्षा साजो-सामान की खरीद पर भी घोषणा हो सकती है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो और रक्षामंत्री मार्क एस्पर से बुधवार को यह बातचीत होगी। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सहमति से दोनों देशों के बीच टू प्लस टू की पहली वार्ता पिछले साल सितंबर में दिल्ली में हुई थी। 18 दिसंबर को होने वाली बातचीत की खासियत यह है कि इस साल मोदी और ट्रंप के बीच रिकॉर्ड चार बैठकों के बाद यह वार्ता हो रही है, जिसमें सितंबर में ह्यूस्टन में दोनों नेताओं की विशाल संयुक्त सभा की शामिल है।
भारतीय राजदूत हर्षवर्धन शृंगला ने बताया कि टू प्लस टू वार्ता भारत और अमेरिका के बीच उच्चस्तरीय संस्थागत मेकेनिज्म है, जिसमें विदेश नीति, रक्षा और सामरिक मुद्दों को लेकर दोनों देशों के प्रतिनिधियों को एक साथ बैठ कर बातचीत का अवसर प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि विदेश नीति और रक्षा के क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच काफी प्रगति हुई है।
मुश्किल आर्थिक हालात से जल्द उबर जाएगा भारत : राजनाथ
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि वैश्विक आर्थिक सुस्ती का प्रभाव भारत पर भी पड़ा है, लेकिन उन्होंने उम्मीद जताई कि देश जल्द ही इस मुश्किल आर्थिक हालात से उबर जाएगा। टू प्लस टू वार्ता के लिए सोमवार को यहां पहुंचे रक्षामंत्री महावाणिज्य दूत की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में भारतवंशियों को संबोधित करते हुए यह विश्वास व्यक्त किया।
उन्होंने कहा, इस वक्त पूरी दुनिया में वैश्विक आर्थिक मंदी की चर्चा हो रही है। मैं भी यह मानता हूं कि अभी वैश्विक आर्थिक मंदी है, जिसका कुछ हद तक भारत पर भी असर पड़ा है। लेकिन मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि भारत कुछ ही महीनों में इस मुश्किल दौर से बाहर निकल जाएगा। उन्होंने कहा कि यह देश के लिए बहुत चिंता की बात नहीं है, क्योंकि मोदी सरकार ने आर्थिक विकास के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं और आर्थिक पैकेज की घोषणा की है।
राफेल होने से अपनी सीमा में रहकर आतंकी शिविरों का सफाया कर सकेगा भारत
राजनाथ सिंह ने कहा है कि राफेल जेट के वायुसेना में शामिल होने के बाद भारत को पाकिस्तान स्थित आतंकी शिविरों को नष्ट करने के लिए सीमा पार नहीं जाना पड़ेगा। अपनी सीमा में रहते हुए ही भारत यह काम कर सकेगा। एक कार्यक्रम में उन्होंने भारतीय सशस्त्र सेना के शौर्य की प्रशंसा करते हुए अक्तूबर में फ्रांस यात्रा को याद किया। राजनाथ ने वहां दसॉल्ट एविएशन से पहला राफेल जेट प्राप्त किया था।