{"_id":"64a05f98639542bee30bf706","slug":"two-indians-in-america-were-accused-of-doing-illegal-business-of-corona-medicine-2023-07-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"US: अमेरिका में दो भारतवंशी कोरोना की दवा के गैरकानूनी व्यापार में फंसे, अवैध लाभ कमान के लगे आरोप","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
US: अमेरिका में दो भारतवंशी कोरोना की दवा के गैरकानूनी व्यापार में फंसे, अवैध लाभ कमान के लगे आरोप
Sat, 01 Jul 2023 10:47 PM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 01 Jul 2023 10:47 PM IST
सार
अमेरिका में कोरोना की दवा का गैरकानूनी व्यापार करके अवैध लाभ कमाने के लिए भारतीय मूल के दो लोगों पर कई आरोप लगे हैं।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अमेरिका में कोरोना की दवा का गैरकानूनी व्यापार करके अवैध लाभ कमाने के लिए भारतीय मूल के दो लोगों पर कई आरोप लगे हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने कोविड-19 के नैदानिक परीक्षणों के परिणामों के बारे में जानकारी प्राप्त की और उससे व्यापार कर पैसे कमाए।
विज्ञापन
फाइजर के पूर्व कर्मचारी अमित डागर और उनके करीबी दोस्त और बिजनेस पार्टनर अतुल भिवापुरकर पर गुरुवार को अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (एसईसी) ने अंदरूनी व्यापार के माध्यम से अवैध लाभ कमाने की उनकी योजना के लिए आरोप लगाया।
विज्ञापन
न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले के अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय ने भी दोनों के खिलाफ आपराधिक आरोपों की घोषणा की। अमित डागर को न्यू जर्सी से गुरुवार को गिरफ्तार किया गया था और उन पर प्रतिभूति धोखाधड़ी के चार मामलों का आरोप लगाया गया था जिनकी अधिकतम सजा 20 साल हो सकती है वहीं कैलिफोर्निया के मिलपिटास से भिवापुरकर को भी गुरुवार को गिरफ्तार किया गया था और उन पर प्रतिभूति धोखाधड़ी के दो मामलों और प्रतिभूति धोखाधड़ी की साजिश रचने के एक मामले का आरोप लगाया गया।
विज्ञापन
अधिकारियों का आरोप है कि नवंबर 2021 में, डागर और भिवापुरकर ने कोविड-19 के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवा पैक्सलोविड के नैदानिक परीक्षणों के परिणामों के बारे में अंदरूनी जानकारी के आधार पर अवैध व्यापार कर कमाई की। उस समय डागर को फाइजर ने एक बड़े पद पर नियुक्त किया था।
एसईसी की शिकायत के अनुसार, दोनों ने फाइजर की पांच नवंबर, 2021 की घोषणा से पहले व्यापार किया था, उस समय फाइजर का अध्ययन सफल हुआ। उन्होंने अपनी विज्ञप्ति में यह भी आरोप लगाया गया है किडागर और भिवापुरकर के व्यापार ने लगभग 214,395 अमेरिकी डॉलर और 60,300 अमेरिकी डॉलर का अवैध मुनाफा कमाया।
मार्केट एब्यूज यूनिट के प्रमुख जोसेफ सैनसोन ने कहा कि जैसा कि हमारी शिकायत में आरोप लगाया गया है, अमित डागर ने खुद को और अपने दोस्त अतुल भिवापुरकर को समृद्ध बनाने के लिए गोपनीय नैदानिक परीक्षण परिणामों तक अपनी पहुंच और पद का दुरुपयोग किया।