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इथोपिया: आईएल एंड एफएस के दो भारतीय कर्मचारी रिहा, चार अभी भी बंधक
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Sun, 02 Dec 2018 09:28 AM IST
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आईएल एंड एफएस
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आईएल एंड एफएस के 6 भारतीय कर्मचारियों को 6 दिनों तक बंधक बनाकर रखने के बाद अब इथोपिया से दो कर्मचारियों की रिहाई कर दी गई है। रिहा हुए कर्मचारियों के नाम हरीश बंदी और भास्कर रेड्डी है। इन्हें शनिवार को इसलिए रिहा किया गया है क्योंकि कंपनी ने अगले कुछ दिनों में स्थानीय कर्मचारियों की बकाया तनख्वाह का भुगतान करने का आश्वासन दिया है। कंपनी इथोपिया में एक सड़क निर्माण के कार्य में लगी हुई थी।
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भारतीय प्राधिकारण और स्थानीय आईएल एंड एफएस ट्रांसपोर्टेशन नेटवर्क लिमिटेड (आईटीएनएल) इथोपिया के प्राधिकरण के साथ नीरज रघुवंशी नाम के भारतीय कर्मचारी की रिहाई के लिए संपर्क में हैं। नीरज को नेकेम्ते ब्योर लॉट 1 कैंप में बंधक बनाकर रखा गया है। अंबो वोलोसिस सड़क परियोजना में काम कर रहे बांदी और रेड्डी को तब जाकर रिहा किया गया, जब रेड्डी ने बेचैनी की शिकायत की थी।
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आईटीएनएल और उसकी सहायक स्पैनिश कंपनी एल्सामेक्स एसए (जिसका एक दशक पहले अधिग्रहण किया गया) के मामलों की देखरेख करने वाले सी. चंद्रशेखर ने कहा, 'हरीश अब ठीक है और वह हमारे साथ अदिस अबाबा में है। हम अन्य लोगों की रिहाई के लिए अधिकारियों के संपर्क में हैं।' नेकेम्ते ब्योर लॉट 3 कैंप में बंधक बनाए गए चार अन्य लोगों की रिहाई के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। अगले हफ्ते तक कंपनी अक्तूबर और नवंबर की तनख्वाह का भुगतान कर देगी।
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अनुमान बताते हैं कि संयुक्त उपक्रम इथोपिया में तीन जगहों पर परियोजना पर काम कर रहा है। उल्लेखनीय है कि संकटग्रस्त आईएल एंड एफएस समूह की इकाई आईएल एंड एफएस ट्रांसपोर्टेशन पिछले दिनों दो गैर-परिवर्तनीय डिबेंचरों (एनसीडी) के 2.28 करोड़ रुपये के ब्याज का भुगतान करने में नाकाम रहा है। शेयर बाजारों को भेजी गई सूचना पर कंपनी ने कहा है कि दोनों एनसीडी का ब्याज भुगतान 26 नवंबर को किया जाना था। इन दोनों ही बांड को 25 अगस्त को जारी किया गया था।