हांगकांग मसले पर ट्रंप ने चीन को चेताया, प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की तो टूटेगी ट्रेड वार्ता
- चीनी सैन्य गतिविधियां बढ़ते देख अमेरिकी राष्ट्रपति ने जताई आपत्ति
- हांगकांग में पिछले 10 हफ्ते से लगातार हो रहा प्रत्यर्पण बिल का विरोध
- ट्रंप ने कहा था-लोकतंत्र समर्थकों पर हिंसक प्रतिक्रिया नहीं होनी चाहिए
- चीन ने हांगकांग मसले में किसी भी देश के हस्तक्षेप पर जताई थी आपत्ति
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हांगकांग में लोकतंत्र समर्थकों के चीन विरोधी प्रदर्शनों से निपटने के लिए चीनी प्रशासन ने यहां बड़ी तादात में सैन्य बल की मौजूदगी बढ़ा दी है। इन विरोध प्रदर्शनों को खत्म करने के लिए चीन की चेतावनी के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेताया है कि यदि लोकतंत्र समर्थकों पर थियानमेन चौक जैसी कोई भी कार्रवाई की गई तो दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता को बड़ा नुकसान होगा।
बता दें कि हांगकांग के विक्टोरिया पार्क में एक लाख से अधिक प्रदर्शनकारी अभी भी यहां जुटे हुए हैं। जबकि चीन द्वारा हांगकांग सीमा पर सैन्य गतिविधियां बढ़ाने पर राष्ट्रपति ट्रंप ने आपत्ति दर्ज कराई है। दुनिया के इस वित्तीय हब में विवादास्पद रैलियों के बाद पिछले दो माह से पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव व झड़पों के चलते पूरे हांगकांग में सारी गतिविधियां रुक गई हैं।
ट्रंप ने बीजिंग को चेताया है कि अभूतपूर्व विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए चीन द्वारा किए गए किसी भी हिंसक प्रयास से ट्रेड वार्ता को नुकसान होगा। ट्रंप ने यह बात न्यूजर्सी में पत्रकारों से कही। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि यदि वे हिंसा करते हैं तो इससे निपटने के लिए बेहद मुश्किल होगी। मेरा मतलब है कि कहीं यह एक और थियानमेन चौक न बन जाए, जहां 1989 में लोकतंत्र समर्थकों को कुचलने के लिए बीजिंग ने कई लोगों की हत्याएं करा दी थीं।’
चीन ने कनाडा को चेताया, दखल न दें
टोरंटो। ओटावा स्थित चीनी दूतावास ने कनाडा को हांगकांग के मामलों में दखल बंद करने की चेतावनी दी है। एक प्रवक्ता ने दूतावास की वेबसाइट पर एक बयान पोस्ट करते हुए कहा, ‘कनाडाई पक्ष को अपने शब्दों और कार्यों के प्रति सावधान रहना चाहिए।’
चीन ने यह चेतावनी इसलिए दी क्योंकि कनाडा व यूरोपीय संघ ने एक संयुक्त बयान में कहा था कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार हांगकांग के मूल कानून में निहित है।