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US: ईरान से पेट्रोलियम उत्पादों का व्यापार करने पर ट्रंप ने कसा शिकंजा, छह भारतीय कंपनियों पर लगाया प्रतिबंध
Thu, 31 Jul 2025 10:09 AM IST
बशु जैन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: बशु जैन
Updated Thu, 31 Jul 2025 10:09 AM IST
सार
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरानी शासन अस्थिरता पैदा करने वाली गतिविधियों के लिए धन जुटा रहा है। इसके लिए वह मध्य पूर्व में संघर्ष को बढ़ावा दे रहा है। मंत्रालय ने ईरानी पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पादों या पेट्रोकेमिकल व्यापार में शामिल छह भारतीय समेत 20 वैश्विक संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की।
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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : एएनआई वीडियो ग्रैब
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विस्तार
अमेरिका ने ईरान के साथ पेट्रोलियम उत्पादों का व्यापार करने वाली तेल कंपनियों पर शिकंजा कसा है। ट्रंप प्रशासन ने ईरान के पेट्रोकेमिकल उत्पाादों की बिक्री और खरीद करने पर छह भारतीय कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिया है।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि ईरानी शासन अस्थिरता पैदा करने वाली गतिविधियों के लिए धन जुटा रहा है। इसके लिए वह मध्य पूर्व में संघर्ष को बढ़ावा दे रहा है। संयुक्त राज्य अमेरिका ने उस राजस्व के प्रवाह को रोकने के लिए कार्रवाई कर रहा है जिसका उपयोग ईरान विदेशों में आतंकवाद को समर्थन देने और अपने ही लोगों पर अत्याचार करने के लिए करता है। मंत्रालय ने ईरानी पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पादों या पेट्रोकेमिकल व्यापार में शामिल 20 वैश्विक संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की।
विदेश विभाग ने कहा कि भारत, संयुक्त अरब अमीरात, तुर्किये और इंडोनेशिया की कई कंपनियों को ईरानी मूल के पेट्रोकेमिकल उत्पादों की महत्वपूर्ण बिक्री और खरीद के लिए प्रतिबंधित किया जा रहा है। मंत्रालय ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कोई भी देश या व्यक्ति जो ईरानी तेल या पेट्रोकेमिकल्स खरीदता है, वह स्वयं को अमेरिकी प्रतिबंधों के जोखिम में डालता है। उसे संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ व्यापार करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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इन कंपनियों पर लगा प्रतिबंध
अमेरिका ने विभिन्न क्षेत्रों में 13 संस्थाओं को प्रतिबंधित किया है। जो ईरानी मूल के पेट्रोकेमिकल्स के परिवहन, बिक्री और खरीद में संलिप्त हैं। इसमें भारत की छह कंपनियां शामिल हैं। जिनमें पहली कंचन पॉलिमर्स है। इस कंपनी यूएई-आधारित तानाइस ट्रेडिंग से फरवरी और जुलाई 2024 के बीच पॉलीइथाइलीन सहित 1.3 मिलियन डॉलर से अधिक मूल्य के ईरानी मूल के पेट्रोकेमिकल उत्पादों का आयात और खरीद की है।
दूसरी पेट्रोकेमिकल ट्रेडिंग कंपनी अलकेमिकल सॉल्यूशंस है। इसने जनवरी और दिसंबर 2024 के बीच कई कंपनियों से 84 मिलियन डॉलर से अधिक मूल्य के ईरानी मूल के पेट्रोकेमिकल उत्पादों का आयात और खरीद की है। तीसरी कंपनी रमणीकलाल एस गोसालिया एंड कंपनी है। इस कंपनी ने जनवरी 2024 और जनवरी 2025 के बीच कई कंपनियों से मेथेनॉल और टोल्यूनि सहित 22 मिलियन डॉलर से अधिक मूल्य के ईरानी मूल के पेट्रोकेमिकल उत्पादों का आयात और खरीद की है।
वहीं जुपिटर डाई केम प्राइवेट लिमिटेड भी जनवरी 2024 और जनवरी 2025 के बीच कई कंपनियों से 49 मिलियन डॉलर से अधिक मूल्य के टोल्यूनि सहित ईरानी मूल के पेट्रोकेमिकल उत्पादों के आयात और खरीद के लिए प्रतिबंध सूची में है। शेष दो प्रतिबंधित भारतीय कंपनियां ग्लोबल इंडस्ट्रियल केमिकल्स लिमिटेड और पर्सिस्टेंट पेट्रोकेम प्राइवेट लिमिटेड हैं। जिन्होंने पिछले वर्ष के दौरान कई कंपनियों के साथ क्रमशः 51 मिलियन डॉलर और 14 मिलियन डॉलर से अधिक का कारोबार किया है।
इन कंपनियों पर ईरान से पेट्रोकेमिकल उत्पादों की खरीद, अधिग्रहण, बिक्री, परिवहन या विपणन के लिए जानबूझकर महत्वपूर्ण लेनदेन में शामिल होने के लिए प्रतिबंध लगाया गया है। प्रतिबंध संबंधी कार्रवाई के तहत इन कंपनियों की अमेरिका में स्थित सभी संपत्तियां और संपत्ति में हित अवरुद्ध कर दिए जाएंगे। विदेश विभाग ने कहा कि आज की कार्रवाई ईरान के अवैध तेल और पेट्रोकेमिकल व्यापार को सक्षम करने वालों को लक्षित करने और शासन की अस्थिरताकारी गतिविधियों के वित्तपोषण के साधनों को बंद करने के हमारे संकल्प को रेखांकित करती है।
खामेनेई के सलाहकार से जुड़े 50 लोग और कंपनियों पर भी शिकंजा
इसके अलावा अमेरिकी वित्त विभाग ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के शीर्ष राजनीतिक सलाहकार अली शमखानी के बेटे मोहम्मद हुसैन शमखानी से जुड़े 50 व्यक्तियों और संस्थाओं पर शिकंजा कसा है। वित्त विभाग ने इसे 2018 के बाद से ईरान से जुड़ी सबसे बड़ी कार्रवाई बताया है। वित्त विभाग ने संयुक्त अरब अमीरात के भारतीय नागरिक पंकज नागजीभाई पटेल पर भी प्रतिबंध लगाया है। पटेल हुसैन के नेटवर्क में कई शिपिंग कंपनियों में कार्यकारी के रूप में काम कर चुके हैं। इसमें टेओडोर शिपिंग भी शामिल है। विभाग ने कहा कि टेओडोर शिपिंग एक यूएई-आधारित पोत प्रबंधन फर्म है, जिसने ईरानी पेट्रोलियम और पेट्रोलियम उत्पादों के परिवहन करने वाले जहाजों के प्रबंधन के लिए हुसैन के नेटवर्क से लाखों डॉलर प्राप्त किए हैं।
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अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि ईरानी शासन अस्थिरता पैदा करने वाली गतिविधियों के लिए धन जुटा रहा है। इसके लिए वह मध्य पूर्व में संघर्ष को बढ़ावा दे रहा है। संयुक्त राज्य अमेरिका ने उस राजस्व के प्रवाह को रोकने के लिए कार्रवाई कर रहा है जिसका उपयोग ईरान विदेशों में आतंकवाद को समर्थन देने और अपने ही लोगों पर अत्याचार करने के लिए करता है। मंत्रालय ने ईरानी पेट्रोलियम, पेट्रोलियम उत्पादों या पेट्रोकेमिकल व्यापार में शामिल 20 वैश्विक संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की।
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विदेश विभाग ने कहा कि भारत, संयुक्त अरब अमीरात, तुर्किये और इंडोनेशिया की कई कंपनियों को ईरानी मूल के पेट्रोकेमिकल उत्पादों की महत्वपूर्ण बिक्री और खरीद के लिए प्रतिबंधित किया जा रहा है। मंत्रालय ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कोई भी देश या व्यक्ति जो ईरानी तेल या पेट्रोकेमिकल्स खरीदता है, वह स्वयं को अमेरिकी प्रतिबंधों के जोखिम में डालता है। उसे संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ व्यापार करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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इन कंपनियों पर लगा प्रतिबंध
अमेरिका ने विभिन्न क्षेत्रों में 13 संस्थाओं को प्रतिबंधित किया है। जो ईरानी मूल के पेट्रोकेमिकल्स के परिवहन, बिक्री और खरीद में संलिप्त हैं। इसमें भारत की छह कंपनियां शामिल हैं। जिनमें पहली कंचन पॉलिमर्स है। इस कंपनी यूएई-आधारित तानाइस ट्रेडिंग से फरवरी और जुलाई 2024 के बीच पॉलीइथाइलीन सहित 1.3 मिलियन डॉलर से अधिक मूल्य के ईरानी मूल के पेट्रोकेमिकल उत्पादों का आयात और खरीद की है।
दूसरी पेट्रोकेमिकल ट्रेडिंग कंपनी अलकेमिकल सॉल्यूशंस है। इसने जनवरी और दिसंबर 2024 के बीच कई कंपनियों से 84 मिलियन डॉलर से अधिक मूल्य के ईरानी मूल के पेट्रोकेमिकल उत्पादों का आयात और खरीद की है। तीसरी कंपनी रमणीकलाल एस गोसालिया एंड कंपनी है। इस कंपनी ने जनवरी 2024 और जनवरी 2025 के बीच कई कंपनियों से मेथेनॉल और टोल्यूनि सहित 22 मिलियन डॉलर से अधिक मूल्य के ईरानी मूल के पेट्रोकेमिकल उत्पादों का आयात और खरीद की है।
वहीं जुपिटर डाई केम प्राइवेट लिमिटेड भी जनवरी 2024 और जनवरी 2025 के बीच कई कंपनियों से 49 मिलियन डॉलर से अधिक मूल्य के टोल्यूनि सहित ईरानी मूल के पेट्रोकेमिकल उत्पादों के आयात और खरीद के लिए प्रतिबंध सूची में है। शेष दो प्रतिबंधित भारतीय कंपनियां ग्लोबल इंडस्ट्रियल केमिकल्स लिमिटेड और पर्सिस्टेंट पेट्रोकेम प्राइवेट लिमिटेड हैं। जिन्होंने पिछले वर्ष के दौरान कई कंपनियों के साथ क्रमशः 51 मिलियन डॉलर और 14 मिलियन डॉलर से अधिक का कारोबार किया है।
इन कंपनियों पर ईरान से पेट्रोकेमिकल उत्पादों की खरीद, अधिग्रहण, बिक्री, परिवहन या विपणन के लिए जानबूझकर महत्वपूर्ण लेनदेन में शामिल होने के लिए प्रतिबंध लगाया गया है। प्रतिबंध संबंधी कार्रवाई के तहत इन कंपनियों की अमेरिका में स्थित सभी संपत्तियां और संपत्ति में हित अवरुद्ध कर दिए जाएंगे। विदेश विभाग ने कहा कि आज की कार्रवाई ईरान के अवैध तेल और पेट्रोकेमिकल व्यापार को सक्षम करने वालों को लक्षित करने और शासन की अस्थिरताकारी गतिविधियों के वित्तपोषण के साधनों को बंद करने के हमारे संकल्प को रेखांकित करती है।
खामेनेई के सलाहकार से जुड़े 50 लोग और कंपनियों पर भी शिकंजा
इसके अलावा अमेरिकी वित्त विभाग ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के शीर्ष राजनीतिक सलाहकार अली शमखानी के बेटे मोहम्मद हुसैन शमखानी से जुड़े 50 व्यक्तियों और संस्थाओं पर शिकंजा कसा है। वित्त विभाग ने इसे 2018 के बाद से ईरान से जुड़ी सबसे बड़ी कार्रवाई बताया है। वित्त विभाग ने संयुक्त अरब अमीरात के भारतीय नागरिक पंकज नागजीभाई पटेल पर भी प्रतिबंध लगाया है। पटेल हुसैन के नेटवर्क में कई शिपिंग कंपनियों में कार्यकारी के रूप में काम कर चुके हैं। इसमें टेओडोर शिपिंग भी शामिल है। विभाग ने कहा कि टेओडोर शिपिंग एक यूएई-आधारित पोत प्रबंधन फर्म है, जिसने ईरानी पेट्रोलियम और पेट्रोलियम उत्पादों के परिवहन करने वाले जहाजों के प्रबंधन के लिए हुसैन के नेटवर्क से लाखों डॉलर प्राप्त किए हैं।