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Donald Trump: ट्रंप का 'गाजा पर कब्जा' वाला सुझाव खारिज, जानें कितने सहयोगियों और विरोधियों ने किया विरोध
Wed, 05 Feb 2025 09:58 PM IST
पवन पांडेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: पवन पांडेय
Updated Wed, 05 Feb 2025 09:58 PM IST
सार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'गाजा पर कब्जा' वाले सुझाव का फलस्तीनी गुट हमास ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बयान की निंदा की और कहा कि यह पूरे मध्य पूर्व में हिंसा को और बढ़ा सकता है। इस पर अधिकतर देशों का मानना है कि गाजा पर किसी और देश का कब्जा नहीं होना चाहिए और वहां के लोगों को खुद अपना भविष्य तय करने का हक मिलना चाहिए।
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बेंजमिन नेतन्याहू के साथ डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : X / @netanyahu
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विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाला सुझाव दिया कि अमेरिका गाजा पट्टी पर 'कब्जा' कर ले और वहां के फलस्तीनियों को कहीं और बसा दे। बता दें कि, व्हाइट हाउस में इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका गाजा को अपने नियंत्रण में लेगा, वहां की इमारतों और हथियारों को हटा देगा, और आर्थिक विकास के जरिए नई नौकरियां पैदा करेगा।
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अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने क्या दी प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति के इस बयान को कई देशों के नेताओं ने अस्वीकार्य बताया। इस पर ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड लैमी ने कहा, 'फलस्तीनियों को अपने वतन गाजा और वेस्ट बैंक में बसने और विकसित होने का पूरा हक है।' वहीं जर्मनी की विदेश मंत्री एनालेना बेयरबॉक ने कहा, 'गाजा, वेस्ट बैंक और पूर्वी येरुशलम फलस्तीनियों का है। वहां के लोगों को जबरन बाहर निकालना अस्वीकार्य है।' जबकि ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने कहा, 'फलस्तीनियों को कहां बसाया जाएगा? यह बात समझ से परे है। गाजा की देखभाल खुद फलस्तीनी लोगों को करनी चाहिए।' ट्रंप के बयान पर फ्रांस ने कहा कि जबरन विस्थापन अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन है और कहा कि यह दो-राष्ट्र समाधान के लिए बड़ा खतरा है। वहीं रूस ने भी कहा कि मध्य पूर्व में शांति केवल दो-राष्ट्र समाधान के जरिए ही संभव है।
ट्रंप के बयान पर हमास ने दी प्रतिक्रिया
गाजा पर शासन करने वाले फलस्तीनी संगठन हमास ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान की कड़ी निंदा की। उसने कहा, 'हम अपनी जमीन पर किसी भी विदेशी कब्जे को स्वीकार नहीं करेंगे। हमारे लोगों ने अपने राष्ट्र और राजधानी येरुशलम के लिए बहुत बलिदान दिए हैं।'
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"The U.S. will take over the Gaza Strip, and we will do a job with it, too." –President Donald J. Trump pic.twitter.com/aCqLl9Gwwn
— President Donald J. Trump (@POTUS) February 5, 2025विज्ञापन
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अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने क्या दी प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति के इस बयान को कई देशों के नेताओं ने अस्वीकार्य बताया। इस पर ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड लैमी ने कहा, 'फलस्तीनियों को अपने वतन गाजा और वेस्ट बैंक में बसने और विकसित होने का पूरा हक है।' वहीं जर्मनी की विदेश मंत्री एनालेना बेयरबॉक ने कहा, 'गाजा, वेस्ट बैंक और पूर्वी येरुशलम फलस्तीनियों का है। वहां के लोगों को जबरन बाहर निकालना अस्वीकार्य है।' जबकि ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने कहा, 'फलस्तीनियों को कहां बसाया जाएगा? यह बात समझ से परे है। गाजा की देखभाल खुद फलस्तीनी लोगों को करनी चाहिए।' ट्रंप के बयान पर फ्रांस ने कहा कि जबरन विस्थापन अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन है और कहा कि यह दो-राष्ट्र समाधान के लिए बड़ा खतरा है। वहीं रूस ने भी कहा कि मध्य पूर्व में शांति केवल दो-राष्ट्र समाधान के जरिए ही संभव है।
ट्रंप के बयान पर हमास ने दी प्रतिक्रिया
गाजा पर शासन करने वाले फलस्तीनी संगठन हमास ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान की कड़ी निंदा की। उसने कहा, 'हम अपनी जमीन पर किसी भी विदेशी कब्जे को स्वीकार नहीं करेंगे। हमारे लोगों ने अपने राष्ट्र और राजधानी येरुशलम के लिए बहुत बलिदान दिए हैं।'