ट्रंप को ईरान ने भेजा महंगा तोहफा!: US राष्ट्रपति का दावा- तेहरान चाहता है समझौता, नहीं रखेगा परमाणु हथियार
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत पर चर्चा की। उन्होंने सौदा, परमाणु हथियारों पर रोक और तेल-गैस से जुड़े कदमों का जिक्र किया। क्या इससे शांति की राह खुल सकती है?
विस्तार
हमले को बातचीत के चलते टाला
ट्रंप ने खुलासा किया कि अमेरिका एक विशाल बिजली उत्पादन संयंत्र को निशाना बनाने वाला था, लेकिन बातचीत को ध्यान में रखते हुए यह कदम फिलहाल टाल दिया गया। उनका कहना है कि ईरान की अधिकांश मिसाइलें और एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम पहले ही निष्क्रिय हो चुके हैं। उनका कहना है कि अमेरिकी विमान सीधे तेहरान और अन्य हिस्सों में उड़ान भर रहे हैं और ईरान कुछ कर पाने में असमर्थ है। उन्होंने कहा वे पूरी तरह से हार चुके हैं। सैन्य रूप से वे निष्प्रभावी हैं।
#WATCH | On the negotiations with Iran amidst the ongoing West Asia conflict, US President Donald Trump says, "... We are in negotiations right now... The other side would like to make a deal... All of the anti-aircraft and most of their missiles are gone... Today we were gonna… pic.twitter.com/SCQ3InQrPL
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) March 24, 2026
परमाणु हथियारों पर कड़ा रुख
शांति के प्रयासों को लेकर उन्होंने कहा कि उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि ईरान के पास कभी परमाणु हथियार न हों। ईरान ने भी इस बात का आश्वासन दिया है कि वे कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएंगे। जहां तक ईरान में किससे बातचीत हो रही है, ट्रंप ने बताया कि पहले अमेरिकी कार्रवाई में ईरान के कई नेता समाप्त कर दिए गए। अब सामने एक नया नेतृत्व है, जो पहले के नेताओं से पूरी तरह अलग है और इस बदलाव से शासन और रणनीति में महत्वपूर्ण अंतर आया है।
#WATCH | On what made him pursue the ceasefire amidst the ongoing West Asia conflict, US President Donald Trump says, " The fact that they are talking to us and they are talking sense. It all starts with: they cannot have a nuclear weapon. They said, what are the top 10? I said,… pic.twitter.com/IYxA3W3b21
— ANI (@ANI) March 24, 2026
ट्रंप का खुलासा- तेल-गैस सौदे को बताया निर्णायक
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत के पीछे का कारण स्पष्ट किया। उनका कहना है कि बातचीत इसलिए हो रही है क्योंकि ईरान सौदे के लिए गंभीर है और सही लोगों के साथ डील की जा रही है। ट्रंप ने बताया कि ईरान ने हाल ही में उन्हें एक बहुत बड़ा "उपहार" भेजा, जो तेल और गैस से जुड़ा था। यह उनके लिए संकेत था कि वे सही लोगों के साथ बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व नेतृत्व समाप्त हो चुका है और नए नेतृत्व ने अब स्थिति को संभाला है।
#WATCH | On why he is holding the talks regarding negotiations with Iran amidst the ongoing West Asia conflict, US President Donald Trump says, "Because they are going to make a deal... They gave us a present yesterday, and it arrived today. It was a very big present worth a… pic.twitter.com/EmqtX9lFpI
— ANI (@ANI) March 24, 2026
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सौदा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल और गैस के प्रवाह से संबंधित था और इसे केवल वही लोग कर सकते थे। ट्रंप के अनुसार, यह कदम पश्चिम एशिया में शांति और रणनीतिक संतुलन बनाने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। भरोसे के सवाल पर ट्रंप ने साफ कहा, "मैं किसी पर भरोसा नहीं करता। क्यों भरोसा कह रहे हैं? मुझे उन पर भरोसा नहीं है।" उनका कहना है कि अमेरिका की नीति हमेशा सतर्क और निर्णायक रही है।
ईरान वार्ता में अमेरिका के शीर्ष प्रतिनिधि शामिल
वार्ता में शामिल अमेरिकी प्रतिनिधियों में जेडी वेंस, मार्को रुबियो, जेरेड कुशनर, स्टीव विटकॉफ और ट्रंप स्वयं शामिल हैं। ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर ईरान के पास परमाणु हथियार होते, तो वे उनका इस्तेमाल कर चुके होते। उनके पहले कार्यकाल में बराक ओबामा के ईरान परमाणु समझौते को समाप्त करने के बाद ही ईरान की परमाणु क्षमता पूरी तरह समाप्त हुई।
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