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US: व्हाइट हाउस में पाकिस्तान के सेना प्रमुख-पीएम की फजीहत; ट्रंप ने कराया इंतजार, बोले- बैठक में देर हो गई
Fri, 26 Sep 2025 07:58 AM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन।
Published by: निर्मल कांत
Updated Fri, 26 Sep 2025 07:58 AM IST
सार
US: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल असीम मुनीर से मुलाकात की, जिससे दोनों देशों के बीच संबंधों में गर्माहट आई है। यह मुलाकात ऐसे समय पर हुई है जब ट्रंप और पीएम नरेंद्र मोदी के संबंधों में दूरी आई है, खासकर रूस से तेल खरीद को लेकर।
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डोनाल्ड ट्रंप, शहबाज शरीफ, इशाक डार
- फोटो : एक्स/पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय
विस्तार
अमेरिकी के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ वार्ता की। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिका ने हाल ही इस दक्षिण एशियाई देश के साथ संबंधों में गर्मजोशी के संकेत दिए हैं। शरीफ उन आठ अरब और इस्लामी देशों के शीर्ष नेताओं में शामिल थे, जिन्होंने इस हफ्ते संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर ट्रंप से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान गाजा में जारी इस्राइल-हमास युद्ध को खत्म करने की रणनीति पर चर्चा हुई। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मुलाकात से पहले ट्रंप ने शरीफ और और मुनीर को इंतजार कराया।
पाकिस्तान और अमेरिका के संबंधों में यह सुधार उस समय आया है, जब ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबंधों में खटास आई है। ट्रंप के पहले कार्यकाल में मोदी उनके सबसे करीबी वैश्विक नेताओं में से एक थे। लेकिन फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद भारत ने रियायती दरों पर रूसी तेल की खरीद बढ़ा दी, जिससे संबंधों में तनाव आया। रूसी अर्थव्यवस्था पर दबाव बनाने के लिए ट्रंप ने तेल खरीदने को लेकर भारत पर भारी टैरिफ लगाए हैं।
ये भी पढ़ें: दवाइयों से लेकर ट्रकों तक...इस तारीख से अमेरिका में महंगे होंगे आयातित सामान; ट्रंप ने लगाया भारी शुल्क
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इस बीच, अमेरिका और पाकिस्तान ने जुलाई में एक व्यापार समझौता किया, जिससे वॉशिंगटन पाकिस्तान के कथित तेल भंडारों से तेल निकाल पाएगा। इससे तेल भंडारों के विकास में मदद मिलेगी और इस्लामाबाद के लिए टैरिफ में भी कटौती की जाएगी।
शरीफ गुरुवार को शाम करीब 5 बजे व्हाइट हाउस पहुंचे, उस समय ट्रंप कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर कर रहे थे और मीडिया से बात कर रहे थे। दोनों नेताओं के बीच हुई मुलाकात मीडिया के लिए बंद थी। पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल शाम 6.18 बजे व्हाइट हाउस से रवाना हुआ।
शरीफ ने इस साल पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव कम करने के लिए ट्रंप प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए समर्थन दिया था, जिससे ट्रंप की नजरों में उनकी छवि और मजबूत हुई है। मई में भारत और पाकिस्तान के बीच एक युद्धविराम समझौता हुआ था, जिसने परमाणु हथियारों से लैस इन दो देशों के बीच दशकों में सबसे गंभीर सैन्य टकराव को रोक दिया था। शहबाज शरीफ ने युद्धविराम समझौते में अमेरिका के शामिल होने की बात स्वीकार की। लेकिन पीएम मोदी ने इसके विपरीत ट्रंप को श्रेय देने से इनकार कर दिया।
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ट्रंप ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शरीफ और फील्ड मार्शल से मुलाकात से पहले ओवल ऑफिस में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा, वो आ रहे हैं, और हो सकता है कि वो अभी इसी कमरे में हों। मुझे नहीं पता, क्योंकि हम लेट हो गए हैं। ट्रंप ने आगे कहा, हमारे पास एक महान नेता आ रहे हैं - पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और फील्ड मार्शल। फील्ड मार्शल एक बेहतरीन इंसान हैं और प्रधानमंत्री भी। दोनों बहुत अच्छे हैं,और वो आ रहे हैं- हो सकता है कि इस वक्त यहीं हों।
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पाकिस्तान और अमेरिका के संबंधों में यह सुधार उस समय आया है, जब ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबंधों में खटास आई है। ट्रंप के पहले कार्यकाल में मोदी उनके सबसे करीबी वैश्विक नेताओं में से एक थे। लेकिन फरवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद भारत ने रियायती दरों पर रूसी तेल की खरीद बढ़ा दी, जिससे संबंधों में तनाव आया। रूसी अर्थव्यवस्था पर दबाव बनाने के लिए ट्रंप ने तेल खरीदने को लेकर भारत पर भारी टैरिफ लगाए हैं।
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इस बीच, अमेरिका और पाकिस्तान ने जुलाई में एक व्यापार समझौता किया, जिससे वॉशिंगटन पाकिस्तान के कथित तेल भंडारों से तेल निकाल पाएगा। इससे तेल भंडारों के विकास में मदद मिलेगी और इस्लामाबाद के लिए टैरिफ में भी कटौती की जाएगी।
शरीफ गुरुवार को शाम करीब 5 बजे व्हाइट हाउस पहुंचे, उस समय ट्रंप कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर कर रहे थे और मीडिया से बात कर रहे थे। दोनों नेताओं के बीच हुई मुलाकात मीडिया के लिए बंद थी। पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल शाम 6.18 बजे व्हाइट हाउस से रवाना हुआ।
शरीफ ने इस साल पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव कम करने के लिए ट्रंप प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए समर्थन दिया था, जिससे ट्रंप की नजरों में उनकी छवि और मजबूत हुई है। मई में भारत और पाकिस्तान के बीच एक युद्धविराम समझौता हुआ था, जिसने परमाणु हथियारों से लैस इन दो देशों के बीच दशकों में सबसे गंभीर सैन्य टकराव को रोक दिया था। शहबाज शरीफ ने युद्धविराम समझौते में अमेरिका के शामिल होने की बात स्वीकार की। लेकिन पीएम मोदी ने इसके विपरीत ट्रंप को श्रेय देने से इनकार कर दिया।
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ट्रंप ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शरीफ और फील्ड मार्शल से मुलाकात से पहले ओवल ऑफिस में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा, वो आ रहे हैं, और हो सकता है कि वो अभी इसी कमरे में हों। मुझे नहीं पता, क्योंकि हम लेट हो गए हैं। ट्रंप ने आगे कहा, हमारे पास एक महान नेता आ रहे हैं - पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और फील्ड मार्शल। फील्ड मार्शल एक बेहतरीन इंसान हैं और प्रधानमंत्री भी। दोनों बहुत अच्छे हैं,और वो आ रहे हैं- हो सकता है कि इस वक्त यहीं हों।